My Playboy CEO Boss - Chapter 1
एक बड़ा सा आलीशान कमरा था जहाँ एक किंग साइज़ बेड पर एक बेहद हैंडसम युवक, एक बेहद स्टाइलिश और खूबसूरत युवती के साथ बैठा था। तभी उस युवती ने सामने टेबल पर रखे वाइन के गिलास को उठाया और एक गिलास युवक की ओर बढ़ाते हुए कहा, "आदित्य, योर फेवरेट रेड वाइन। आई होप तुम्हें यह ब्रांड पसंद आएगा?"
आदित्य ने उसकी बात सुनते ही अपने हाथ में पड़े गिलास की वाइन का स्वाद चखा और गिलास टेबल पर रखते हुए कहा, "तृषा, यू नो, मैं अपने टेस्ट के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करता और मुझे मेरी ही वाइन चाहिए। मुझे यह वाइन बिल्कुल भी पसंद नहीं आई है। I didn't like it at all.. it's disgusting!"
आदित्य की बात सुनते ही तृषा एक पल के लिए उसे घूरते हुए बोली, "आर यू सीरियस? तुम्हें पता है दिस इज़ वेरी एक्सपेंसिव और उसके बावजूद भी तुम्हें यह अच्छी नहीं लग रही! कभी-कभी तो मुझे ऐसा लगता है आदित्य, तुम नई चीज ट्राई ही नहीं करना चाहते!"
आदित्य ने तृषा की बात सुनते ही उसकी कमर में हाथ डालते हुए कहा, "यस, यू आर राइट बेबी। मैं नई चीज ट्राई नहीं करता क्योंकि मुझे अपनी पुरानी चीजों का ज़्यादा एडिक्शन है, जस्ट लाइक यू!"
इतना बोलकर उसने तृषा के होठों पर अपने होठ रखे और उसे गहरा किस करने लगा।
जब आदित्य ने तृषा को किस करना शुरू किया, तो तृषा के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान आई और उसके हाथ आदित्य की शर्ट पर पहुँचे। वह धीरे-धीरे उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी।
जैसे ही उसकी शर्ट के बटन खुले, आदित्य का सीना और उसके एप्स तृषा की नज़रों के सामने थे। तृषा किस करते-करते रुक गई और नीचे झुककर आदित्य के सीने पर किस करने लगी।
आदित्य ने तृषा को किस करते हुए देखा, वह एक पल के लिए रुका और मुस्कुराते हुए तृषा की ओर देखकर कहा, "इतने दिन हो गए हमें, बट आज भी तुम मेरे एप्स से उतनी ही ऑब्सेस्ड हो जितना पहले रहा करती थी, है ना?"
तृषा ने उसकी बात सुनकर मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ, बिल्कुल ऑब्सेस्ड हूँ! और तुम ही बताओ, क्या मुझे तुमसे ऑब्सेस्ड नहीं होना चाहिए? तुम हो ही इतने अच्छे, ना चाहते हुए भी मुझे तुमसे ऑब्सेशन हो ही जाता है। वैसे आदी, तुम भी तो मुझसे ऑब्सेस्ड हो गए हो, है ना? अब हम दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, राइट?"
आदित्य ने तृषा की बात सुनते ही उसके बालों को कसकर पकड़ते हुए कहा, "मैं और तुमसे ऑब्सेस्ड? हा हा हा... नो तृषा बेबी, हम बहुत पहले ही इस बात को क्लियर कर चुके हैं। We are just friends with benefits, okay? इससे ज़्यादा मुझे कोई उम्मीद मत रखना!"
आदित्य की बात सुनकर तृषा ने अपनी आँखें घुमाते हुए कहा, "Or whatever!"
इतना बोलकर वह उठी और सीधे आदित्य की गोद में आकर बैठ गई। उसने आदित्य के बालों में अपनी उंगलियाँ फँसाईं और उसकी गर्दन पर किस करने लगी।
आदित्य ने उसके कमर पर हाथ रखकर धीरे-धीरे हाथ रगड़ने लगा। तभी तृषा ने धीरे से आदित्य के दोनों कंधों पर हाथ रखा और उसकी शर्ट को उसकी बॉडी से पूरी तरह से हटा दिया।
जैसे ही आदित्य की शर्ट उसकी बॉडी से अलग हुई, उसके मज़बूत कंधों को देखकर तृषा ने अपने निचले होंठ को काटा और वह धीरे से आदित्य के ऊपर झुक गई।
जैसे ही आदित्य ने उसे इस तरह अपने ऊपर गिरते हुए देखा, उसने उसकी आँखों में आँखें डालकर देखते हुए कहा, "क्या करने का इरादा है आज तुम्हारा?"
तृषा ने उसकी बात सुनकर मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "वही जो तुम्हें लग रहा है!"
इतना बोलकर तृषा ने आदित्य को धीरे से धक्का दिया और आदित्य बेड पर गिर गया। तृषा धीरे-धीरे उसके ऊपर चढ़ते हुए उसके बिल्कुल नज़दीक आ गई।
वह आदित्य की गर्दन पर किस कर रही थी और आदित्य उसी ओर देखकर हल्का सा मुस्कुराया। किस करते-करते वह उसके सीने पर आई और उसने आदित्य के एप्स को अपने हाथों से छूना शुरू किया, धीरे-धीरे किस करते हुए वह उसके एप्स तक पहुँच गई।
उसका हाथ आदित्य की जींस पर गया और उसने आदित्य की जींस पर लगी बेल्ट खोलना शुरू किया। आदित्य बिल्कुल रिलैक्स होकर बैठा था और उसके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी। वह सिर्फ़ और सिर्फ़ तृषा के चेहरे की ओर देख रहा था। तृषा ने जैसे ही उसके बेल्ट के बकल को खोला,
आदित्य ने धीरे से अपनी गर्दन उठाई और तृषा की ओर देखकर मुस्कराया।
तृषा ने बेल्ट हटाकर जैसे ही उसकी जींस के बटन खोले, आदित्य ने तृषा का हाथ पकड़ लिया। आदित्य एक झटके में बेड से उठा और तृषा की पीठ के पीछे हाथ रखकर उसकी ड्रेस में लगे ज़िप को खोल दिया। तृषा आदित्य की इस हरकत से काफी ख़ुश हो गई।
उसने धीरे से आदित्य के कान के लोब को काटते हुए कहा, "इतना ज़ोर दिखाने की ज़रूरत नहीं है तुम्हें, मैं खुद अपनी ड्रेस को undress करने वाली थी।"
जैसे ही तृषा ने यह बात बोली, आदित्य मुस्कुराते हुए बोला, "I know, but मैं तुम्हें क्यों करने दूँ? मेरा जो काम है वह मैं कर लूँगा। तुम्हें इतनी ज़्यादा एक्साइटेड होने की ज़रूरत नहीं है, तुम बस जो कर रही हो उस पर फोकस करो।"
आदित्य की यह बात सुनते ही तृषा उसकी गर्दन पर किस करने लगी और आदित्य के दोनों हाथ तृषा की पीठ पर थे। उसने धीरे से उसकी ड्रेस को उसकी बॉडी से अलग किया और उसकी ड्रेस बेड के पास फेंक दी। उसके दोनों हाथ तृषा की कमर और पीठ को छू रहे थे।
उसने धीरे से अपना हाथ आगे बढ़ाया और उसके अंडरगारमेंट्स के हुक खोलने लगा। उसने तृषा की पीठ पर अपना हाथ दबाया और एक झटके में तृषा को बेड पर गिरा दिया। खुद उसके ऊपर चढ़ते हुए वह उसे किस करने लगा।
वे दोनों एक-दूसरे के साथ काफी कम्फ़र्टेबल थे और उन दोनों का रिश्ता अब तक साफ़ समझ में आ गया था कि वे दोनों बस एक-दूसरे की शारीरिक ज़रूरतें पूरी करने के लिए यहाँ मौजूद हैं और इस बात से उन दोनों में से किसी को भी कोई परेशानी नहीं थी।
वे दोनों एक-दूसरे के साथ बेड पर बहुत कम्फ़र्टेबल हो चुके थे और तृषा के दोनों हाथ अब तक आदित्य की पीठ पर थे। वह अपने हाथ उसकी पीठ पर रखे हुए थी।
आदित्य ने तृषा को बिल्कुल अपने नज़दीक कर लिया था और वह उसकी गर्दन पर किस करते-करते उसके होठों पर किस करने लगा। तृषा आदित्य के किस को बहुत एन्जॉय कर रही थी।
अब वह खुद को और आदित्य से दूर नहीं रखना चाहती थी। वह धीरे से आदित्य के कान के पास जाकर बोली, "Come on आदी, और कितना तड़पाओगे मुझे तुम?"
आदित्य तृषा की बात सुनकर मुस्कुराते हुए बोला, "बस तुम्हारी इसी तड़प को देखने के लिए तो मैं कितना इंतज़ार करता हूँ।"
इतना बोलकर उसने तृषा के क्लीवेज पर किस करना शुरू किया और किस करते-करते वह तृषा की पीठ तक पहुँच गया। जैसे ही उसने तृषा के पेट को किस करना शुरू किया,
तृषा की दिल की धड़कनें तेज हो गईं और उसके दोनों हाथ, जो अभी तक आदित्य की पीठ पर थे, धीरे से उसके बालों के अंदर पहुँच गए। उसकी उंगलियाँ उसके बालों को बड़े प्यार से सहलाने लगीं।
तृषा आदित्य को अपने और नज़दीक खींच रही थी और आदित्य उसकी कमर को अपने हाथों से सहलाते हुए उसके पेट पर किस करता जा रहा था। जैसे ही उसने उसकी नाभि को किस किया,
तृषा बेड पर मचल उठी और उसने आदित्य के चेहरे को पकड़ते हुए उसे अपने करीब खींच लिया।
वह आहें भरते हुए बोली, "आदी, बस करो अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं हो रहा।"
तृषा की यह बात सुनकर आदित्य उसके बिल्कुल नज़दीक आया और उसने अपने और तृषा के ऊपर ब्लैंकेट डाल दिया।
तृषा आदित्य की ओर देखकर हल्का सा मुस्कुराई और आदित्य ने उसके दोनों हाथों को कसकर अपने हाथों में पकड़ा। उसने तृषा की नाक पर अपनी नाक रगड़ते हुए कहा, "Are you sure baby? Can we start?"
तृषा ने मुस्कुराते हुए कहा, "मैं तो कब से वेट कर रही हूँ, बट तुम ही मुझे परेशान कर रहे हो।"
आदित्य उसकी यह बात सुनकर हल्का सा मुस्कुराया और धीरे से नीचे की ओर झुका। उसने तृषा के हाथों की उंगलियों को कसकर अपनी उंगलियों में पकड़ लिया और वे दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे। धीरे-धीरे आदित्य पूरी तरह से तृषा की अंतरात्मा में समा गया।
वे दोनों काफी ख़ुश थे और उनके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान थी। थोड़ी ही देर में पूरा कमरा उन दोनों की सिसकियों से भर गया।
तृषा ने आदित्य के चेहरे पर आ रहे पसीने को पोंछा। वे दोनों पसीने से तर-बतर थे। थोड़ी देर में आदित्य तृषा के सीने पर सिर रखकर चुपचाप लेट गया। उन दोनों के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि वे दोनों पूरी तरह से संतुष्ट हो चुके हैं।