My Playboy CEO Boss - Chapter 3
चैप्टर 3: फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स
राहुल ने उसकी बात बीच में ही काटते हुए कहा, "सबसे पहली बात, आदित्य को तुम बॉस बुलाना। उसे 'सर' कहना बिल्कुल पसंद नहीं है। तो कभी भी उसे गलती से भी 'सर' मत कहना।"
मिहिका ने तुरंत सिर हिलाया। राहुल ने उसे बैठने का इशारा करते हुए कहा, "बैठो, मैं तुम्हें बाकी बातें समझाता हूँ। आदित्य अपनी सारी चीजें सही जगह पर रखना पसंद करता है और वह कभी भी किसी भी काम में देर नहीं करता। 9:00 बजने में 5 मिनट बाकी हैं। एकदम 9:00 बजे वह अपने कमरे से बाहर आएगा। तब तक ये सारी डिटेल्स पढ़ लो। तुम्हें आदित्य के खाने-पीने से लेकर उसकी मीटिंग्स के शेड्यूल और उसके सभी कामों को मैनेज करना होगा।"
मिहिका ने ये बात सुनते ही सामने रखी फाइल उठाई और देखने लगी। उसने पहले पेज पर आदित्य की फोटो देखी। उसके बाद बाकी लोगों की फ़ोटोएँ थीं।
उसने तृषा की फ़ोटो देखी और हैरानी से उसे देखा। वहाँ पर 'फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स' लिखा हुआ था। यह शब्द देखकर मिहिका थोड़ी कन्फ़्यूज़ हुई और राहुल की तरफ देखते हुए बोली, "सर, ये आदित्य बॉस की गर्लफ्रेंड है?"
राहुल ने सिर हिलाते हुए कहा, "नहीं, आदित्य की कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। वह उसकी बेड पार्टनर है, 'फ्रेंड्स विद बेनिफिट्स' टाइप। उनकी मीटिंग का शेड्यूल भी तुम्हें ही बनाना होगा। आदित्य जहाँ भी जाते हैं, वह सब तुम्हें देखना है। कोई गलती मत करना, क्योंकि मैं जानता हूँ तुम्हारे लिए ये जॉब कितनी महत्वपूर्ण है।"
मिहिका ने गहरी साँस लेते हुए कहा, "ये सर, मैं कोशिश करूँगी। मुझे कोई गलती नहीं होनी चाहिए।"
वह राहुल की तरफ देख रही थी। राहुल ने मिहिका की तरफ देखते हुए कहा, "50,000 प्रति महीना। मुझे आशा है ये रकम तुम्हारे लिए कम नहीं होगी। और अगर आदित्य को तुम्हारा काम पसंद आया, तो वह तुम्हारी पेमेंट बढ़ा देंगे।"
50,000 मासिक वेतन सुनते ही मिहिका की आँखें हैरानी से चौड़ी हो गईं। उसने तुरंत सिर हिलाते हुए कहा, "मैं तैयार हूँ सर!"
वह राहुल की तरफ देख ही रही थी कि तभी बड़े से कमरे का दरवाज़ा खुला और आदित्य अपने कमरे से बाहर निकला। उसने जीन्स पहनी हुई थी और उसकी शर्ट के बटन खुले हुए थे। जैसे ही वह बाहर निकला,
घर का एक नौकर तुरंत उसके सामने ट्रे लेकर खड़ा हो गया, जिसमें उसकी ब्लैक कॉफ़ी रखी थी। उसने कॉफ़ी का मग उठाया और सीढ़ियों से उतरने लगा। वह मिहिका के करीब आ रहा था।
मिहिका हैरानी से उसके चेहरे की तरफ देखती जा रही थी। तभी आदित्य की नज़र मिहिका पर पड़ी और वह राहुल की तरफ देखने लगा।
राहुल ने तुरंत मिहिका का परिचय देते हुए कहा, "आदित्य, ये तुम्हारी नई असिस्टेंट और सेक्रेटरी है, मिहिका। मैंने उसे सारा काम समझा दिया है। वह सब कुछ संभाल सकती है। जैसे ही वह ऑफिस ज्वाइन करेगी, मैं उसे ऑफिस का सारा काम भी समझा दूँगा।"
यह सुनते ही आदित्य मिहिका के सामने आकर बैठा और बड़े अंदाज़ में एक पैर दूसरे पैर पर रखते हुए बोला, "व्हाट डू यू मीन, 'जब से ऑफिस ज्वाइन करेगी'? मैंने तुमसे पहले ही कहा था, ऑफिस का काम लेट नहीं होना चाहिए। हमारा इंदौर का कंस्ट्रक्शन शुरू होने वाला है और हमारे पास ज़्यादा वक़्त नहीं है। सो आज ही ऑफिस पहुँचो। मैं एक घंटे में ऑफिस ज्वाइन करूँगा और ऑफिस में ही मुझे मेरा ब्रेकफ़ास्ट चाहिए!"
मिहिका ने जल्दी से सिर हिलाते हुए कहा, "यस सर!"
जैसे ही मिहिका के मुँह से 'सर' निकला, आदित्य उसे घूरने लगा। मिहिका ने तुरंत माफ़ी माँगते हुए कहा, "आई एम सॉरी बॉस।"
उसने कुछ नहीं कहा और सीधे सोफ़े से उठकर खड़ा हो गया। वह सीढ़ियों से वापस अपने कमरे की ओर जाने लगा। तभी मिहिका ने उसे जाते हुए देखा। जैसे ही वह अपने कमरे के पास पहुँचा, अंदर से तृषा निकलकर आई और आदित्य की कमर पकड़ते हुए बोली, "कितनी देर से इंतज़ार कर रही हूँ मैं, चलो!"
मिहिका आदित्य और तृषा की तरफ हैरानी से देख रही थी। तृषा आदित्य की कमर में हाथ डालकर उसके इतने करीब खड़ी होकर उससे बात कर रही थी।
इसे देखकर मिहिका ने धीरे से सिर हिलाया और मन ही मन बोली, "मैं तो इन्हें जैसा समझ रही थी, ये तो उससे भी ज़्यादा घटिया इंसान निकला।"
फिर उसने अपने मन के इस विचार को त्यागते हुए कहा, "व्हाटएवर, मुझे क्या करना है? मुझे तो बस अपने काम और सैलरी से मतलब है। मुझे मेरे काम की सैलरी मिलती रहे, उसके बाद तो मैं वैसे भी ये जॉब छोड़कर कोई दूसरी जॉब कर लूँगी।"
यह सोचकर मिहिका ने उस विला से बाहर निकलना ही सही समझा और वह राहुल के साथ सीधे ऑफिस पहुँची।
वहाँ आदित्य का केबिन पूरी तरह से व्यवस्थित था। राहुल ने उसे समझाते हुए कहा, "आदित्य को अपनी किसी भी चीज़ में बदलाव करने की आदत नहीं है। तुम आज ही उसके पूरे केबिन को अच्छी तरह से देख लो। उसका सारा सामान आज जैसा है, वैसा ही हमेशा रहना चाहिए। और हाँ, कभी भी आदित्य से बहस मत करना। अगर वह गुस्से में है, तो जितना हो सके खुद शांत रहना और उसे भी शांत करने की कोशिश करना। क्योंकि अगर तुमने उससे बहस की, तो ये हम दोनों के साथ-साथ पूरे ऑफिस के लिए भी अच्छा नहीं होगा। आदित्य का बहुत तेज स्वभाव है।"
मिहिका ने धीमी आवाज़ में कहा, "कोई अच्छी क्वालिटी भी इसमें है या नहीं? प्लेबॉय, अहंकारी, अमीर बदमाश...सारी आदतें हैं।"
मिहिका को इस तरह धीमी आवाज़ में बोलते देखकर राहुल ने उसकी तरफ देखकर पूछा, "क्या हुआ? कुछ कहा क्या तुमने?"
मिहिका ने तुरंत इनकार करते हुए कहा, "नहीं, मैंने कुछ नहीं कहा।"
वह अपने हाथ में पकड़े हुए आईपैड को देखते हुए बोली, "वैसे राहुल सर, एक बात पूछूँ। ये आदित्य बॉस तृषा मैडम के साथ-साथ और भी किसी के साथ...?"
राहुल ने तृषा की बात बीच में ही काटते हुए कहा, "वो सब तुम्हें धीरे-धीरे पता चल जाएगा। और अभी अगर मैं तुम्हें ये सारी बातें बताने बैठा, तो बाकी के काम रह जाएँगे। अभी फ़िलहाल तुम इन सब चीज़ों पर ध्यान दो। और सबसे बड़ी बात, आज का दिन तुम्हें बहुत अच्छे से बिताना होगा। क्योंकि अगर आज कोई समस्या हुई, तो तुम्हारी जॉब पर बात आ जाएगी। तुम ऐसा समझ लो कि आज तुम्हारा ट्रायल डे है।"
मिहिका ने तुरंत सिर हिलाया और राहुल के साथ सारी चीज़ें समझने लगी।
वहीं आदित्य, नहाने के बाद सीधे विला से बाहर निकल रहा था। तभी तृषा ने उसके हाथ को पकड़ते हुए कहा, "आदि, मेरे साथ ब्रेकफ़ास्ट नहीं करोगे?"
आदित्य ने घड़ी की तरफ देखते हुए कहा, "नहीं, 15 मिनट में मुझे ऑफिस पहुँचना है। और अगर तुम्हारे साथ ब्रेकफ़ास्ट करने बैठा, तो It will be one or two hours और इतना वक़्त मेरे पास नहीं है।"
यह बोलकर वह सीधे विला से बाहर निकल गया। तृषा चुपचाप उसे जाते हुए देखती रह गई। एकदम 10 बजे आदित्य ऑफिस पहुँचा। जैसे ही वह अपने केबिन में गया, उसने देखा मिहिका ने उसके ब्रेकफ़ास्ट को बहुत अच्छी तरह से टेबल पर सजा रखा था और वह वहीं चुपचाप हाथ बाँधकर खड़ी हुई थी।
जैसे ही आदित्य अंदर आया, मिहिका तुरंत खड़ी हुई। उसने मिहिका की तरफ देखते हुए कहा, "Boss, everything is here. If you want something then..."
मिहिका बोल ही रही थी कि आदित्य ने हाथ ऊपर करके उसे बीच में ही रोकते हुए कहा, "नहीं, मुझे और कुछ नहीं चाहिए। जब तक मैं ब्रेकफ़ास्ट कर रहा हूँ, तुम्हारे पास 15 मिनट हैं, मीटिंग तैयार करवाओ। ब्रेकफ़ास्ट के तुरंत बाद मैं मीटिंग ज्वाइन करूँगा।"
मिहिका ने धीरे से सिर हिलाते हुए कहा, "ओके बॉस।" और वह सीधे उसके केबिन से बाहर निकल गई। आदित्य ने टेबल की तरफ देखा। सब कुछ काफी अच्छी तरह से व्यवस्थित था। एकदम 15 मिनट बाद आदित्य मीटिंग रूम में पहुँचा। मीटिंग रूम में सभी लोग मौजूद थे। मिहिका, जो कुछ फाइलें लेने के लिए बाहर गई थी, अभी तक वापस मीटिंग रूम में नहीं आ पाई थी। आदित्य ने जब मिहिका को वहाँ नहीं देखा, तो वहाँ मौजूद बाकी लोगों की तरफ देखते हुए कहा, "हम किसी का इंतज़ार नहीं करेंगे। मीटिंग शुरू करिए। क्योंकि मेरे पास बर्बाद करने के लिए वक़्त नहीं है!"
जैसे ही आदित्य ने ये बात कही, सब लोग मीटिंग शुरू करने लगे। मिहिका भागते हुए मीटिंग रूम में पहुँची। जैसे ही वह अंदर आई, आदित्य ने उसकी तरफ देखते हुए कहा, "वहीं चुपचाप खड़ी रहो। तुम्हें अंदर आने की ज़रूरत नहीं है।"
मिहिका ने उसकी बात सुनते ही वहीं दरवाज़े के पास चुपचाप रुक गई। उसकी साँसें अटक गईं। उसकी आँखों में एक अजीब सा डर नज़र आ रहा था। उसे ऐसा लग रहा था कि कहीं ऐसा न हो कि उसकी जॉब उसके हाथ से निकल जाए।
क्रमशः