Devil husband - Chapter 1
एक सड़क पर एक लड़की, सुर्ख लाल दुल्हन के जोड़े में, भाग रही थी। उसका माँग टीका माथे से साइड हो गया था; उसका गजरे का जूड़ा, जो अब ढीला हो चुका था, कंधे तक आ रहा था। उसने अपने हाथ में अपने लहंगे को पकड़ा हुआ था और उस रोड पर वह बेहद तेज़ भाग रही थी। उसकी आँखों में आँसू थे जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। माथे का सिंदूर, जो उसके पूरे माथे पर फैल चुका था, इस बात की गवाही दे रहा था कि उसकी शादी हो चुकी है। भागते हुए उसका पूरा चेहरा पसीने से भीग चुका था।
उस लड़की ने एक नज़र पीछे देखा तो उसकी जान गले में ही अटक गई। उसके थोड़े ही पीछे एक ब्लैक कलर की कार आ रही थी, जिसकी स्पीड काफी तेज थी।
उस लड़की ने वापस अपना लहंगा अपने दोनों हाथों से उठाया और वापस भागने लगी। लेकिन थोड़ी ही दूर भागने के बाद उसके सामने एक कार आकर रुक गई!
कार को देखकर वह लड़की बहुत ज़्यादा डर गई थी। उसने कस के अपनी आँखें बंद कर लीं। तभी कार जोर से एक ब्रेक के साथ रुकी और उसका दरवाज़ा खुला। उसमें से एक हाथ बाहर निकला जो कि दरवाज़े पर था; उसके हाथ में एक ब्लैक कलर की वॉच थी। थोड़ी ही देर में एक लड़का निकला, जिसे देखकर कोई भी बता सकता था कि उसकी आँखें गुस्से से लाल हैं!
उस लड़के ने उस लड़की को घूरकर देखा और उसके पास आ गया।
उस लड़के को अपने पास आता देख उस लड़की ने अपने कदम पीछे कर लिए, लेकिन डर की वजह से उसकी साँसें फूलने लगी थीं। पर उसने हिम्मत की और जैसे ही पीछे होकर भागने को हुई, उस लड़के ने गुस्से से उस लड़की का हाथ पकड़ा और अपनी ओर खींच लिया!
"प्लीज़ मुझे छोड़ दो, प्लीज़ मुझे जाने दो! ये शादी धोखा है, मैं इस शादी को नहीं मानती!" वो लड़की उस लड़के से अपने हाथ को छुड़ाते हुए बोल रही थी।
"कैसे छोड़ दूँ? तुम्हें पाने के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया? और ये शादी धोखा नहीं है, हमारी शादी हो चुकी है, अब तुम्हें माननी भी पड़ेगी!" वो लड़का उस लड़की की बात सुनकर बोला।
वो लड़की बहुत ज़्यादा डर गई थी और उस लड़के के ऐसे खुद के करीब खींचने से वह लड़की उस लड़के के सीने से जा लगी।
वो लड़का उस लड़की का हाथ पकड़कर घसीटते हुए अपनी कार के पास लाया और उस लड़की का हाथ पकड़कर कार के अंदर धक्का दे दिया!
अचानक धक्के से वो लड़की कार में गिर गई। उस लड़के ने उस लड़की को सही किया और एक साइड खुद बैठ गया। और कार का दरवाज़ा बंद कर लिया और ड्राइवर से कार चलाने को कहा, खुद उस लड़की को देख रहा था।
"ये रोना बंद करो, समझी?" उस लड़के ने उस लड़की को रोते हुए देखा और कहा।
"क्यों? मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर दी! मुझसे जबरदस्ती शादी कर ली और मैं अब रो भी नहीं सकती! वाह! मिस्टर रुद्रांश ओबेरॉय, तुम्हारे जैसा इंसान मैंने पहली बार देखा है जो इतना गिरा हुआ भी हो सकता है!" वो लड़की उस लड़के की बात सुनकर और तेज़ रोते हुए बोली।
रुद्रांश ने उस लड़की की बात सुनी और गुस्से से कहा, "अपना मुँह बंद करो, समझी ना मिस रुहानिका शर्मा?"
रुहानिका ने रुद्रांश की बात सुनी और वह कुछ नहीं बोलती और अपना मुँह दूसरी ओर कर लेती है। उसकी आँखों से आँसू लगातार बह रहे थे।
थोड़ी ही देर में वो ब्लैक कार एक बड़े से बंगले के बाहर आकर रुकती है। उस कार को देख वो गार्ड जल्दी से दरवाज़ा खोलता है।
कार तुरंत उस बंगले के सामने आकर रुकती है जहाँ एक साइड से रुद्रांश बाहर आता है और अपने कदम घर की ओर बढ़ा देता है। लेकिन वापस रुककर देखता है तो रुहानिका अभी भी कार से नहीं निकली थी!
रुद्रांश को यह देखकर अब गुस्सा आ रहा था। उसने अपने कदम वापस कार की ओर बढ़ाए और कार का दरवाज़ा खोलकर अपने एक हाथ से रुहानिका को पकड़कर जोर से बाहर निकाल लिया!
अचानक खींचने से रुहानिका अपना बैलेंस खो देती है और ज़मीन पर आ गिरती है।
"अब सही जगह हो, यही तो है तुम्हारी असली जगह और तुम्हारी औकात!" रुद्रांश ने रुहानिका को ज़मीन पर गिरा देखा और कहा।
रुहानिका रुद्रांश की बात सुनकर बस रुद्रांश को देखे जा रही थी। तभी रुद्रांश ने उसका हाथ पकड़ा और घसीटते हुए अंदर ले आया।
रुहानिका के हाथ की सारी चूड़ियाँ एक-एक करके टूटने लगी थीं। उसके हाथों से खून बह रहा था और उसकी आँखों से आँसू वो भी लगातार बह रहे थे! तभी दोनों के कानों में किसी की आवाज़ पड़ी, किसी की आवाज़ से रुद्रांश के कदम वहीं रुक गए थे!
तभी रुद्रांश ने सामने से आ रही एक बूढ़ी औरत को देखते हुए कहा, "क्या हुआ काकी?"
काकी ने रुद्रांश की बात सुनी और उसके साथ रुहानिका को देखते हुए बोली, "तू बहू ले आया तो आरती तो करने दे।"
रुद्रांश ने उनकी बात सुनी और एक अलग ही तरह से कहा, "उसकी कोई ज़रूरत नहीं है।" इतना बोल रुद्रांश ने रुहानिका का हाथ पकड़ा और वापस अपने रूम की ओर चला गया।
रुहानिका अपने लड़खड़ाते कदमों को संभाले चल रही थी। रुद्रांश ने रूम का दरवाज़ा जोर से खोला और रुहानिका को जोर से धक्का देकर बेड पर पटक दिया। बेड पर गिरते ही रुहानिका की तो मानो साँसें ही अटक गई हों। उसने अपने दोनों हाथ जोड़े और बोली, "प्लीज़, प्लीज़ मुझे जाने दो रुद्रांश! मैंने किया क्या है?"
रुद्रांश ने रुहानिका को देखा और एक स्माइल करते हुए कहा, "क्या वाइफी? आज हमारी शादी हुई है और आज तो हम दोनों एक हो जाएँगे, मतलब समझ रही हो ना? आज हमारी **** है।" इतना बोल वो उसकी ओर झुकने लगा।
**** का नाम सुनते ही रुहानिका को अजीब लगने लगा, उसे अंदर ही अंदर डर लग रहा था! उसकी धड़कनें मानो जैसे थम सी गई हों।
और वहीं रुद्रांश रुहानिका के करीब जा रहा था। उसने धीरे से उसके माथे पर से दुपट्टा हटाया और जोर से साइड में फेंक दिया!
रुहानिका ने रुद्रांश के आगे अपने हाथ जोड़े और कहा, "प्लीज़ ऐसा कुछ मत करो कि तुम्हारे पास पछताने को कुछ न बचे। तुमने वैसे भी मेरी लाइफ़ खराब कर दी है, अब ऐसी हरकत मत करो कि पछताना पड़े!"
रुद्रांश ने रुहानिका को देखा और कहा, "अभी तो शुरुआत हुई है तुम्हारी इस बर्बादी की। तड़पोगी तुम अपनी मौत के लिए, पर मौत इतनी आसानी से तुम्हें नहीं मिलेगी।" इतना बोल रुद्रांश ने उसे बेड पर धक्का दे दिया।
Coming soon