Pehla nasha Ch. 3

Pehla nasha - Chapter 3

Posted by kj..queen of worlds • Apr 05, 2025 10:11 AM

टीना ने कहा, "सोनिया, देख तेरे डैड का कॉल है। उठा जल्दी।"

सोनिया ने कॉल उठाया। वह कुछ बोलती इससे पहले ही, सामने से उसके डैड की आवाज़ आई, "जल्दी घर आओ।"

इतना कहकर उन्होंने कॉल काट दिया।

सोनिया कुछ समझ नहीं पाई। वह हड़बड़ाते हुए वहाँ से निकल गई।

इस पर झरना ने धीरे से कहा, "यार कियारा, तू इतनी जल्दी कैसे कर लेती है सब काम? मुझसे तो नहीं होता। चल, कोई ना, तूने संभाल ही लिया आखिरकार।"

कियारा ने गुस्से से उसकी तरफ़ देखते हुए कहा, "हाँ तो क्या करूँ? रायता तो तू फैलाती है, समेटना मुझे पड़ता है।"

इस पर झरना का मुँह बिगड़ गया। फिर उसने राज की तरफ़ देखकर कहा, "सॉरी, मैं आपकी गाड़ी को ठोकना नहीं चाहती थी... I mean, सॉरी, टक्कर मारना नहीं चाहती थी। माफ़ कर दीजिए, प्लीज़। छोटी सी बच्ची समझकर।"

इतना कहकर उसने क्यूट सा चेहरा बना लिया।

राज, जो कब से सब देख रहा था, एक इरिटेटिंग लुक दिया, लेकिन कुछ बोला नहीं।

तभी वहाँ कबीर, आशु, वंश आ गए। कबीर ने कहा, "क्या काम किया है तुम दोनों ने? बड़ा मज़ा आ गया सच में। वह मेकअप की दुकान तो मुझे भी पसंद नहीं थी। अच्छा किया तुम दोनों ने कि उसे भगा दिया, वरना मैं भी यही करने वाला था।"

आशु ने कहा, "रहने दो भाई, रहने दो। आप तो उससे कितना डरते थे ना, उतना तो चूहा भी बिल्ली से नहीं डरता।"

वंश ने हँसते हुए कहा, "यह बात तो तूने सही कही, मोटी।"

आशु ने कहा, "क्या बोला तूने?"

कबीर ने कहा, "अब छोड़ो तुम दोनों। इंट्रोडक्शन करते हैं।"

इतना कहकर वह कियारा और झरना की तरफ़ देखकर बोला, "Hi, I am Kabir Kapoor and nice to meet you."

वंश ने कहा, "Hello, myself Vansh Rayzada."

आशु ने कहा, "My name is Ashu, cute Ashu।" इतना कह आशु मुस्कुराने लगे।

झरना और कियारा ने भी मुस्कुराकर अपना परिचय दिया।

झरना ने कहा, "हेलो गाइस, आप सब तो मुझे जानते ही होंगे, मतलब नाम तो सुना ही होगा। और अगर नहीं भी सुना होगा तो सुन लेना। अब मेरा नाम है झरना मेहता। प्योर गुजराती, यहीं की रहने वाली। राजकोट मेरा घर और मैं राजकोट की राजकोट मेरा।"

इतना कहकर उसने अपने कूल अंदाज़ में अपने सनग्लासेज़ निकाल लिए।

कियारा ने कहा, "हेलो, मैं कियारा व्यास। गुजरात से हूँ, बट राजकोट से नहीं। आप सब से मिलकर अच्छा लगा।"

इतना कहकर वह थोड़ी सी मुस्कुरा दी।

वहीँ, राज ने अब तक कुछ नहीं बोला था। कबीर झरना की तरफ़ देखता है, जो राज की तरफ़ ही देख रही थी। वह धीरे से झरना के पास जाकर बोला, "राज है उसका नाम, राज महेश्वरी है।"

झरना पहले तो चौंक गई, फिर कबीर की तरफ़ देखकर थोड़ी मुस्कुराकर अपना सिर हाँ में हिला दिया। कबीर भी मुस्कुरा दिया।

झरना ने कहा, "तुम्हें कैसे पता चला कि मुझे मिस्टर गुस्सैल पहली नज़र का प्यार हो गया है? बताओ, बताओ, जल्दी बताओ।"

कबीर ने कहा, "अर्ज़ किया है, जरा गौर फरमाइएगा।"

झरना खुश होकर बोली, "तुम्हें शायरी आती है? चलो, कोई तो मिला मेरे जैसा। इरशाद, इरशाद।"

कबीर ने कहा, "मतलब तुम्हें भी शायरियाँ पसंद हैं? चलो, यह बढ़िया हुआ।"

फिर अपनी शायरी सुनाते हुए, उसने कहा, "तुम जिस कश्ती पर सवार हुए हो, उसी कश्ती पर हम भी अपनी प्यार की नाव चला रहे हैं। अब देखना यही है कि पहले अपनी मंज़िल तक पहुँचता कौन है।"

फिर खुद ही "वाह, वाह, वाह, वाह!" बोलने लगा। झरना ने भी उसकी तरफ़ देखकर एक बार "वाह!" कहा।

फिर वह बोली, "तो मतलब मेरी दोस्त कियारा..."

कबीर शर्माते हुए बोला, "हाँ, वही तुम्हारी दोस्त... बहन... तुम्हारी दोस्त।"

झरना ने कहा, "अरे भाई-बहन? कब से हुई? मुझे तो पता नहीं था। कुंभ के मेले में बिछड़ गए थे क्या?"

इतना कहकर उसने बुरा सा चेहरा बना लिया, जैसे उसे अपना नया-नवेला भाई पसंद ना आया हो।

कबीर ने कहा, "अरे, अभी बन गए यार, उसमें क्या है? अब सवार जब एक नाव पर होना है, तो फिर अलग-अलग रास्ते क्यों जाना? बहना, ओके?"

झरना ने कहा, "ठीक है, कोई ना। लेकिन हाँ, उसको मनाना इतना भी आसान नहीं होगा। तो All the best bro।"

कबीर ने कहा, "Same to same बहना। वहाँ भी तुम्हारी दाल इतनी आसानी से नहीं गलने वाली। तो मेरी तरफ़ से भी All the best sis।"

उन दोनों को इतनी देर से इतनी फ्रेंडली बात करते देख, अब राज बोला, "अब यही बात करना है या क्लास में भी चलना है? लेक्चर शुरू हो गया होगा।"

तभी आशु चिल्लाते हुए बोली, "रुको! वह दोनों तो अभी तक आए ही नहीं। पता नहीं कहाँ रह गए होंगे।"

झरना ने कहा, "कौन रह गया होगा और कौन अभी तक नहीं आया? क्या बोल रही हो तुम आशु?"

तभी वहाँ वर्तिका और अभी पहुँच गए। उन्हें देखकर आशु बोली, "झरना, इनकी बात कर रही थी मैं। मिलवाती हूँ इनसे।"

यह कहकर आशु अभी की तरफ़ देखकर बोली, "मेरे भाई, अभी खन्ना, और बनारस के निवासी और हमारे ग्रुप के गिटारिस्ट। बाद में अगर तुम्हें भी गिटार सीखना हो तो भाई सिखा देंगे तुम्हें। क्यों भाई?"

अभी ने कहा, "हाँ, हाँ, बिल्कुल। लेकिन यह कौन?"

तो इस पर आशु ने उन्हें सब बता दिया कि अभी तक क्या-क्या हुआ, सोनिया के बारे में भी। यह सुनकर अभी को तो हँसी आ गई, लेकिन वर्तिका को कुछ समझ नहीं आया कि क्यों हँसे या इन दोनों पर शक करें। क्योंकि उसे कहीं न कहीं कियारा और झरना में कुछ गड़बड़ लग रही थी। कहीं देखी-देखी सी लग रही थीं और कहाँ, वह उसे याद नहीं था। खैर, छोड़िए, बाद में दिखेगा।

आशु फिर वर्तिका की तरफ़ देखकर बोली, "और यह है वर्तिका, मेरी प्यारी दोस्त और बंदर... I mean, वंश की ढाई मिनट छोटी बहन।"

वहीँ, कियारा और झरना एक पल के लिए वर्तिका को देखकर घबरा गईं। फिर अपने आप को संभालते हुए, एक प्यारी सी मुस्कान के साथ उन्होंने दोनों को हेलो विश किया। अभी और वर्तिका ने भी उन्हें हाय-हेलो कहा।

राज ने कहा, "अब चलो भी, अगर तुम सबका भरत मिलाप ख़त्म हो गया हो तो। वरना आज का दिन तुम लोग यहीं निकाल दोगे।"

तभी वंश ने अभी से पूछा, "लेकिन तुम दोनों थे कहाँ?"

अभी को थोड़ी देर पहले जो कुछ भी हुआ था, वह याद आ गया।

फ्लैशबैक

जब सब जा रहे थे—राज, कबीर, आशु और वंश—तभी अभी भी सभी के पीछे-पीछे जा ही रहा था। लेकिन तभी उसका कोई हाथ पकड़कर खींचकर एक कोने की साइड पर ले गया। यह और कोई नहीं, वर्तिका ही थी जिसने अभी को एक कोने में ले जाकर खड़ा कर दिया था।

वर्तिका ने कहा, "तो क्या बोल रहे थे लड़कियों के बारे में? बड़ी तारीफ़ हो रही थी उनकी? हाँ, मेरी तो कभी नहीं कि इतनी तारीफ़। तुमने कुछ बोला भी?"

वर्तिका को अपने इतना नज़दीक देख अभी की साँसें अटक गई थीं। वह कुछ बोलने की हालत में ही नहीं था। फिर वर्तिका के ऐसे हिलाने पर उसे होश आया और वह अपने गले से आवाज़ निकालते हुए बोला, "पहले तो तुम दूर रहो मुझसे।"

वह यह सब हकलाकर बोल रहा था। यह सुनकर वर्तिका उससे थोड़ा दूर हो गई।

अभी ने कहा, "मैंने कहा ना, वह तो मेरी बहन जैसी है। और वैसे भी, मैं किसी से भी बोलूँ या उसकी तारीफ़ करूँ, तुम्हें उससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए। समझी?"

वर्तिका ने कहा, "कब तक जवाब नहीं दोगे अभी? एक साल हो गया, अभी तक मेरे सवाल का जवाब मुझे नहीं मिला है। तुम बोल क्यों नहीं देते? You love me too? कब तक इंतज़ार करूँगी मैं?"

अभी ने कहा, "तो मत करो इंतज़ार। न तुम्हें मेरा जवाब मिला है और न कभी मिलेगा।"

इतना कहकर वह आगे निकल गया और वर्तिका अपने आप में पानी लिए उसे जाता हुआ देखती रही। फिर खुद को संभालते हुए वह भी उसके पीछे-पीछे चली गई।

फ्लैशबैक एंड

अभी हड़बड़ाते हुए बोला, "हम... हम तो यहीं थे। कैंटीन में कुछ खा रहे थे। चलते हैं, लेट हो रहा होगा।"

इतना कहकर वह गार्डन की तरफ़ जाने लगा।

वंश ने उसे पीछे से आवाज़ लगाई, "अरे रुक जा! गार्डन की तरफ़ कहाँ जा रहा है? क्लास रूम इस तरफ़ है। पता नहीं क्या तुझे? चलो, वहाँ नहीं।"

वंश के इतना बोलने पर भी अभी नहीं रुका और गार्डन की तरफ़ जाने लगा। तो वंश समझ गया कि अभी परेशान है, तो वह भी उसके पीछे जाने लगा। लेकिन राज ने उसका कंधा पकड़कर रोक दिया और बोला, "उसे थोड़ी देर के लिए अकेला छोड़ दो।"

राज जानता था कि हर बार की तरह इस बार भी अभी की लव स्टोरी के बीच उसकी फ़्रेंडशिप आ गई है। लेकिन यह बात वह किसी को बता भी तो नहीं सकता था।

तो क्या हैं अभी की मुश्किलें? और क्या यह सॉल्व हो पाएंगी?

जानने के लिए मेरे साथ बने रहें, हमारी इस कहानी में...

100%