Reborn my sweet little wife Ch. 2

- Chapter 2

Posted by Evil queen era.. Dora • May 17, 2025 02:55 PM

ओह...

लेकिन मैं खुद को कैसे बदलूंगी?

तरुण के लिए, उसे कुचलना एक चींटी को कुचलने से भी आसान था। जो चाहता था, वो उसे मिल जाता था।

मायरा ने गहरी साँस ली और उस आदमी के डर को जबरदस्ती अपने अंदर से निकालने की कोशिश की।

कोई न कोई रास्ता ज़रूर होगा!

कम से कम अब वह पहले जैसी बेवकूफ, नासमझ और इमोशनल लड़की नहीं रही थी।

“हे भगवान! मायरा...” उसने अचानक किसी का चौंकाने वाला स्वर सुना।

ये जानी-पहचानी आवाज़ सुनकर अनन्या की शरीर सिहर उठा और उसने धीरे से दरवाज़े की ओर देखा।

तुरंत ही उसे एक ऐसा चेहरा नज़र आया जिसे वो कभी नहीं भूल सकती थी।

एक सुंदर चेहरा जिसे देखकर कोई शक भी नहीं कर सकता—

वो उसकी पिछले जन्म की सबसे अच्छी दोस्त थी!

“मायरा, तरुण ने तुम्हारे साथ ऐसा कैसे कर दिया?!” रागिनी दौड़ती हुई आई और उसका हाथ थाम लिया। उसने बिखरा हुआ बिस्तर और मायरा के चोटिल शरीर को देखकर चौंकते हुए देखा।

मायरा ने अपनी आँखें नीची कर लीं, और रागिनी की कसकर पकड़ने वाली हथेली से उठते दर्द को महसूस किया। इस बार, वह रागिनी की जलन से भरी निगाहों को साफ-साफ देख पाई।

“मायरा , तुम ठीक तो हो? सब ठीक है ना? प्लीज़ मुझे डरा मत देना!” रागिनी ने चिंतित होकर कहा। उसने मायरा की बदली हुई निगाह देखी और सोचा कि शायद वह किसी सदमे में है।

मायरा ने खुद को शांत रखा और अपना हाथ धीरे से छुड़ाते हुए सिर हिलाया, “मैं ठीक हूँ।”

पिछले जन्म में, तरुण द्वारा उसे इतना सताए जाने की एक बड़ी वजह रागिनी ही थी।

उसके और तरुण के बीच कई बार झगड़े हुए, लेकिन वह किसी को नहीं बताती थी, सिर्फ रागिनी को, जिसे वह सबसे ज़्यादा भरोसेमंद समझती थी। किसे पता था...

रागिनी को खुद तरुण में दिलचस्पी थी; वो तो "मिसेज़ तरुण" बनने का सपना देखती थी। ऊपर से वो मायरा की मदद करने का नाटक करती थी, लेकिन असल में वो तरुण के करीब जाने के लिए मायरा को इस्तेमाल कर रही थी। उसने कई बार दोनों के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश की, और हर बार मायरा को तरुण के गुस्से का शिकार बनना पड़ा।

पहले मायरा को उसकी इस चालाकी का अंदाज़ा नहीं था। उल्टा वह रागिनी की मदद के लिए उसकी शुक्रगुज़ार थी।

आईने में अपनी ही शक्ल को देखते हुए, मायरा हल्के से मुस्कुरा दी — एक कड़वी मुस्कान।

असल में, ये डरावना भेस भी रागिनी की ही सलाह पर अपनाया गया था — और उसने मान भी लिया था।

लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता था, बस तरुण को वो नापसंद हो जाए — यही काफी था।

पर उसने ये कभी नहीं सोचा था कि इतनी भद्दी शक्ल के बावजूद भी, तरुण सब बर्दाश्त कर लेगा।

“तुम इस हालत में कैसे कह सकती हो कि तुम ठीक हो?! मायरा, चिंता मत करो, मैं तुम्हारी मदद करूंगी!” रागिनी ने भोलेपन से कहा।

मायरा ने मन ही मन हँसी। हाँ, ठीक है।

पिछले जन्म में भी रागिनी ऐसे ही मदद का दिखावा करती थी, और राहुल से मदद दिलवाने का वादा करती थी।

अंत में, रागिनी ने उसे धोखा दे दिया और तरुण को बता दिया कि मायरा राहुल’ के साथ भाग रही है।

यही बात मायरा और तरुण के रिश्ते को और बिगाड़ गई। तरुण का स्वभाव और भी खतरनाक, सनकी और पागलपन भरा हो गया। उसका पज़ेसिवनेस हद से पार हो गई।

तरुण से सीधा टकराना, मौत को न्योता देने जैसा था।

वो पहले इतनी ज़्यादा ज़िद्दी और बेवकूफ क्यों थी? उसने रागिनी की हर बात मानी — और बार-बार खुद को ही चोट पहुँचाई।

मायरा के परिवार ने अब तक अपना बदला नहीं लिया था। उसके माता-पिता अब भी घर पर उसका इंतज़ार कर रहे थे, और उसे अपने बड़े भाई को भी सही राह पर लाना था। उसके पास करने के लिए बहुत कुछ था।

उसे सबसे पहले तरुण को शांत करना था; वो अब कोई भी ऐसी गलती नहीं कर सकती थी जो उसे दोबारा भड़का दे। उसने अपने सामने एक बहुत ही खतरनाक दुश्मन खड़ा कर लिया था।

“मायरा , मेरा इंतज़ार करना! मैं तुम्हें लेने ज़रूर आऊंगी!” रागिनी ने खुद से मतलब रखने वाले शब्द कहे और चली गई।

जैसे ही रागिनी गई, मायरा के चेहरे की बेबस और टूटी हुई भावनाएँ एकदम से ठंडी और भावशून्य हो गईं।

रागिनी ने बार-बार उसे भागने के लिए उकसाया था, लेकिन कभी सफलता नहीं मिली। आखिरी बार तो उसे किसी से नाजायज़ रिश्ते के आरोप में फँसा दिया गया। ऐसा लगता था जैसे रागिनी उसकी ज़िंदगी तबाह करने पर तुली हो।

तो अब देख लेते हैं...

इस बार किसकी मौत होगी।

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