Ruby (Story Of Revenge) - Chapter 5
"वाह हाइट बहुत अच्छी है, नाम क्या है तुम्हारा?", प्रांजल ने पूछा। तो उस चश्मिश ने सब को देखा।
"रूबी," उसने कहा जिसे सुन प्रांजल उसे देखता ही रह गया।
"बस बस हो गया, अब हम अपना काम करते है रैगिंग का।" खनक ने प्रांजल के पास आते हुए कहा, तो सब बच्चे उसे देखने लगे।
"आज इस रैगिंग में आप सब को गाना सुनाना है, और जो नहीं सुना सकता उसे कुछ और करना होगा।" लास्य ने कहा जो दिवित के पीछे खड़ी थी।
वहीं प्रांजल रूबी को ही देख रहा था और रूबी उसके ऐसे देखने से असहज हो रही थी।
"प्रांजल आजा बैठ, देखते है क्या करती है ये परियां," दिवित ने कहा तो प्रांजल उसे देखने लगा और फिर सिर हिला कर वापस से एक तरफ बैठ गया। सब बच्चे धीरे धीरे आए और गाने लगे। कुछ तो बेहद अच्छे थे तो कुछ ठीक ठाक थे। तभी रूबी का नंबर आया और वो आखरी ही रह गई थी।
"आइए रूबी जी बताइए क्या गायेंगी आप," खनक ने कहा तो रूबी सब को देखने लगी और फिर उसने गाने के लिए मुंह खोला, और बाकी बच्चो ने अपने कान ढक लिए। आखिर इतनी सुरीली आवाज कोई कैसे सुन सकता था।
"बस बस बस कर," निवान ने जल्दी से कहा तो रूबी जो आंखें बंद कर गा रही थी, उसने सब को देखा जो उसे ही देख रहे थे।
"बहुत ही खतरनाक गाना है तुम्हारा तो," निवान ने कहा। वहीं बाकी सब उसे ही देख रहे थे।
"चलो तुम्हे अब कुछ और करना होगा," खनक ने कहा तो रूबी अपना चश्मा सही करते हुए बोली, "पर अब क्या करना है मुझे, गाना तो गा दिया ना जी?" उसने कहा, तो खनक के चेहरे पर स्माइल आ गई।
"तुम तुम्हारे गाने की वजह से हम बहरे हो सकते थे तो अब कुछ और करना होगा," उसने चारों तरफ देख कहा। तभी उसकी नजर एक तरफ जा रहे लड़के पर पड़ी जिसकी पीठ थी उसकी तरफ।
"वो ब्लैक जैकेट वाला लड़का दिख रहा है ना, बस उसके पास जाओ और उसे किस करके आओ।" खनक ने कहा तो रूबी उसे देखती ही रह गयी।
"अब हम सबकी सुनने की शमता पर असर हो गया है तो तुम जल्दी से जाओ और हां किस करके आना, हम सब देख रहे है।" खनक ने कहा, वहीं पीछे बैठे सब उसे देख मुस्कुरा रहे थे।
और रूबी, जिसने बच्चों की बातें सुनी थी के अगर इन बच्चो की बात नहीं मानी तो यह लोग बहुत बुरी तरह से ट्रीट करते है उनके साथ, और वो हैरानी भरी आंखो से सब को देखते हुए उस तरफ देखने लगी जहां वो लड़का खड़ा फोन पर बात कर रहा था।
रूबी अपना चश्मा और बैग संभालते हुए उस तरफ चल दी। वहीं खनक भाविक के पास आई जो खड़ा हो कर उसे ही देख रहा था। "आखिर तुमने अपने मन की कर ही ली," भाविक ने कहा और उसे अपने पास कर उसको किस करने लगा। वहीं बाकी सब दोनो को देख मुस्कुरा दिए।
"ये प्रांजल कहां गया," निवान ने कहा तो सब का ध्यान प्रांजल पर गया जो उनके पास नहीं था।
"गाइज वो रहा प्रांजल," लास्य ने दिवित के कंधे पर हाथ मारते हुए कहा, तो सब उसे देखने लगे और फिर उसकी नजरों का पीछा करा, तो प्रांजल रूबी के सामने खड़ा था।
"मतलब मेने उस फटीचर को प्रांजल से किस करने का कहा। अब तो गई ये," खनक ने कहा और हँस दी। वहीं बाकी सब सामने देखने लगे।
वहीं रूबी जो प्रांजल के सामने खड़ी थी वो हैरान सी थी उसे देख कर। "सॉरी जी, वो अगर मेने अपने सीनियर्स की बात नहीं मानी तो वो लोग मुझे यहां पर रहने नहीं देंगे और मुझे यहां पड़ना है।" रूबी ने कहा तो प्रांजल उसे देखता रह गया।
"मतलब?" उसने पूछा, तो रूबी उसकी आवाज सुन ही सहम गई जो के भारी भरकम थी।
"वो मुझे आपको किस करना है जी, प्लीज मान जाइये जी," रूबी ने बेहद मिन्नत भरे लहजे में कहा, तो प्रांजल उसे देखता ही रह गया।
"मैं आपको किस कर लूं जी?" रूबी ने अपना चश्मा सही करते हुए कहा तो प्रांजल उसे देखता ही रह गया। वही रूबी ने कदम आगे बढ़ाया और प्रांजल को देखने लगी। दोनो की हाइट इस समय सेम थी। दोनो एक दूसरे की आंखो में ही देख रहे थे। तो वही आस पास के बच्चे उनको देख खड़े हो गये थे आखिर इस कॉलेज में ये आम था सीनीयर कुछ ना कुछ कहते रहते थे यूनीयार को।
तभी रूबी ने झुक कर प्रांजल का हाथ पकड़ा और उसके हाथ को अपने होठो से लगा लिया और फिर धीरे से पीछे हट गई। "हो गया," रूबी ने कहा वही बाकी सब हैरान से रह गये।
"अबे इस लड़की ने प्रांजल को हाथ लगा दिया, प्रांजल बत्रा को और प्रांजल ने कुछ कहा भी नही," निवान ने हैरानी से कहा वहीं खनक के चेहरे पर भी उदासी थी। "उसको किस करने को कहा था ये नही कह था," खनक ने कहा।
तो वहीं भाविक प्रांजल को ही देख रहा था जो अभी भी रूबी को ही देख रहा था।
और बाकी के बच्चे तो ये सब देखते ही रह गए। यहां कुछ लड़किया तो जल भुन गई थी रूबी और प्रांजल को देख कर।
"सॉरी सर जी," रूबी ने कहा और धीरे से अपने पैर पीछे हटाते हुए वो वहां से चली गई, तो भाविक, निवान, दिवित भाग कर प्रांजल के पास आ गये।
"तू ठीक है ना," भाविक ने प्रांजल से पूछा तो प्रांजल ने भाविक को देखा। "जी भाई मैं ठीक हूं, क्लास के लिए जा रहा हूं," प्रांजल ने कहा और चला गया वहीं बाकी सब उसे देखते हुए आगे बड़ गये।
रूबी अपनी क्लास में आ गई थी और एक तरफ के बेंच देख वो वही पर बैठ गई। पहला दिन होने की वजह से वो नहीं जानती थी किसी को। वो तो इस शहर में भी पहली बार आई थी । तो वही कुछ बच्चे जो अभी अभी आये थे वो रूबी को ही देख रहे थे और आकर अपनी अपनी सीट पर बैठ गये थे।
"हेलो," एक लड़की ने रूबी के पास आकर बैठते हुए कहा, रूबी उसे देखने लगी। "हेलो," रूबी ने कहा।
"वैसे बाहर जो भी करा है पता भी है तुमने क्या करा।" उस लड़की ने कहा तो रूबी उसे देखने लगी।
तो वो लड़की मुस्कुरा दी। "जिसके हाथ को पकड़कर तुमने चुम्मा है ना, कल उसी हाथ से उसने एक लड़की को थप्पड़ मारा था, वो भी इतनी जोर से के वो लड़की बेहोश हो गई थी।" उस लड़की ने कहा तो रूबी का मूंह खुला रह गया।
रब राखा।