Gangsters immature bride - Chapter 1
ये कहानी है महलो की राजकुमारी इरा राजपूत की, जो अपनी जिंदगी नोकरों से भी बदतर है। दूसरी तरफ है अपनी दुनिया पर राज करने वाला इन्सान जिसका नाम है अर्नव यदुवंशी, जिसके नाम में ही महासागर समाया हो तो किरदार में गहरापन होना लाजमी है। इरा अपने ही घर में होकर कैद है और अर्नव घर से बेघर होकर भी राज करता है। इरा जो है दुनियादारी से अनजान, बिल्कुल नवजात शिशु की तरह, वही अर्नव है शातिर खिलाड़ी। क्या होगा जब आयेंगे दोनों आमने सामने? क्या इरा कभी अपनी कैद से आजाद हो पाएगी? क्यों है अर्नव इतना शक्तिशाली होने के बाद भी अपने ही घर से बेघर?
सुबह की खिलती धूप खिड़की से छन कर एक परी जैसी खूबसूरत लड़की के चेहरे पर पड़ रही थी। वह लड़की जमीन पर बिस्तर लगा कर सो रही थी।
"उठ जाओ इरा, सुबह हो गई है बेटा," एक 45 साल के आसपास की औरत उस खूबसूरत परी को उठाने की कोशिश कर रही थी।
उस लड़की ने मासूमियत से निंद भरी आवाज में कहा, "थोड़ी देर और सोना है, इरा को।"
इरा की आई सुजाता, जो राजपूत हवेली में सबसे वफादार और पुरानी मेड है।
इरा कसमसा कर वापस सो चुकी थी कि तभी उसके रूम का दरवाजा धड़ाम से खुला और एक 40 के आसपास की उम्र की औरत अंदर आई।
उस औरत ने डरावनी आवाज में गुस्से से कहा, "अगर तू इतनी देर तक सोती रहेगी तो हमारे लिए खाना कौन बनाएगा? तुम दिन पर दिन बहुत काम चोर होती जा रही हो, हमारा आदेश नहीं मान रही हो। कुछ ज्यादा ही पर निकल आए हैं तुम्हारे मुझे कतरने पड़ेंगे।"
उस औरत की डरावनी आवाज सुनकर इरा बहुत ज्यादा घबरा चुकी थी। वह तुरंत उठकर बैठ गई और सुजाता के गले लगाते हुए घबरा कर बोली, "इरा को डर लग रहा है, आई। इनसे बचाओ मुझे, कहो मैं खाना बना दूंगी। मैं इनका हर आदेश मानूंगी।"
इरा की ऐसी बात सुनकर उस औरत के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान तैर गई। यह है इस हवेली की मालकिन सरोजिनी राजपूत, इरा की काकी सा।
सरोजनी इतराते हुए बोली, "बस ये डर बरकरार रहना चाहिए तुम्हारे दिलो दिमाग में।"
इरा ने मासूमियत से हां में सर हिला दिया।
वही दूसरी तरफ...
मुंबई शहर का बाहरी इलाका, जहां गाड़ियों का शोर शराबा बिल्कुल नहीं है।
डार्क हेवन।
एक बड़े से बंगलो पर खूबसूरती से डार्क हेवन लिखा था। उस घर के अंदर सैकड़ों की संख्या में सर्वेंट्स काम कर रहे थे।
वही 5वें फ्लोर पर जिम एरिया में...
एक लड़का ट्रेड मिल पर फुल स्पीड से दौड़ रहा था। उसने इस वक्त एक व्हाइट टॉवल पहना था और अपर बॉडी बियर्ड थी, जिससे पसीने से चमकते उसके एट पैक एब्स साफ़ साफ़ नजर आ रहे थे।
उसकी एम्बर आंखें भी अलग सा गुरुर लिए दहक रही थीं।
एक लड़का जिम एरिया में एंटर होते हुए बोला, "अर्नव मल्होत्रा के वो आदमी जो जबरदस्ती घुस आए थे अब हमारे कब्जे में है।"
अर्नव के चेहरे पर एक तिरछी मुस्कान खिल जाती है।
"तुम चलो, समीर, मैं आता हूं,"
अर्नव ने अपनी भारी आवाज में कहा और समीर वहां से वापस चला गया।
अरनव ट्रेड मिल से उतर कर टॉवल से पसीना पोंछ कर बोला, "किस्मत भी कितनी बेरहम है तुम लोगों की जो तुम सब अरनव यदुवंशी के हाथों मरने के लिए आ गए। ये दुश्मनी बहुत महंगी पड़ेगी तुमको।" मानिक मल्होत्रा।
इतना बोल कर अरनव हैवानों की तरह हंसने लगता है।
कुछ देर बाद...
अर्नव तेज कदमों से चलते हुए बंगलो के बेसमेंट में जाता है, जहां तीन लड़के और एक लड़की फर्श पर गिरे थे और समर्थ की कुछ आदमी बंदूक तान उन तीनों के चारों तरफ खड़े थे।
अर्नव पेंट की पॉकेट में हाथ डाले रूम में एंटर करता है और फिर विशल बजाते हुए उस लड़की को ऊपर से नीचे तक घूरता है।
जिसने इस वक्त एक डेनिम शॉर्ट्स और क्रॉप टॉप पहना था। क्लीवेज से लेकर थाइज तक उसका बहुत कुछ रिवील हो रहा था।
ये देख कर अर्नव के चेहरे पर कुटिल मुस्कान खिल जाती है और वो समीर को बोलता है, "समीर, तुम इन तीनों लड़कों की खातिरदारी करो और मैं इस हसीना को संभालता हूं। और हां, फरमान और मीर से कॉन्टैक्ट कर लेना, अभी तक उनका कोई मैसेज नहीं आया है।"
समीर हां में गर्दन हिलाते हुए वहां से चला जाता है और वो बॉडी गार्ड्स उन तीनों लड़कों को घसीटते हुए वहां से ले जाते हैं और वो लड़के चिल्लाने लगते हैं।
अर्नव वहां रखी एक चेयर पर बैठ जाता है और उस लड़की को शिद्दत से घूरने लगता है।
उस लड़की को लग रहा था वो अपने प्लान में कामयाब हो चुकी है तो वो हिम्मत कर के उठी और फिर समर्थ के पास आकर उसकी चेयर पर झुकते हुए बोली, "तो आपको पसंद आई मेरी खूबसूरती।"
अर्नव एक स्मिर्क के साथ बोला, "तो तुम्हें ये कीमत लगती है अरनव के जमीर को खरीदने की? उसको मोह के जाल में इतनी आसानी से फंसाने की?"
वो लड़की अपना क्लीवेज शो करते हुए बोली, "नहीं, हम तो आपके किरदार के दीवाने हैं बस एक बार आप छू लो तो मुझे जन्नत नसीब हो जाएगी।"
अर्नव ने झट से उस लड़की के बाल पकड़ते हुए दांत पीसते हुए कहा, "दीवाने तो होंगे ना हमारे किरदार के जब हु ही इतना काबिल।"
पर अफसोस, तुम्हें जन्नत नसीब नहीं करवा सकता, ना मैं भगवान हूं, ना मैं खुदा। बस एक बेरहम इंसान हूं जो तुम्हें जान से मार सकता हूं, वो भी बिना ऊपर वाले की इजाजत के।
इतना बोलते हुए अर्नव ने उसे लड़की का गला कसकर पकड़ लिया और फिर दांत पीसते हुए बोला, "तुम्हारे मालिक को अब तुम्हारी यह हसीन लाश मिलेगी, शायद उसे मेरी लास का इंतजार है और यह इंतजार उसका भगवान के पास जाकर ही खत्म होगा, शायद हम दोनों हेल में वापस मिलें?"
इतना बोल कर अर्नव एक झटके से उस लड़की को उठ कर उसका सर दीवार पर दे मारता है और वो एक चीख के साथ जमीन पर गिर पड़ती है।
कुछ पलों में तड़प कर उसने इस जिंदगी को अलविदा कह दिया।
अर्नव उसके पास आया और उसकी खुली आंखों को हाथ से आहिस्ता से बंद करते हुए बोला, "सी यू सून इन द हेल, स्वीटहार्ट।"
इतना बोल कर अर्नव किसी साइको की तरह हंसते हुए बेसमेंट से बाहर निकल गया...
उसके हाथ पर खून लग गया था और वो लाल रंग अर्नव का पसंदीदा रंग था।
अर्नव अपने रूम में जाकर शावर लेने लगता है। वही हॉल में बैठी एक औरत खुद में बड़बड़ा रही थी, "हे शिव, कैसा बेटा दिया है रोज सुबह इसकी खून के साथ होती है और दिन भी खून के साथ ढलता है। कब इसे अकल आएगी?"
इतना बोल कर वो हंसी में गर्दन हिलाते हुए किचन की तरफ जाती है, जहां कुछ सर्वेंट्स ब्रेकफास्ट की तैयारियां कर रहे थे।
"अंबी, तुम जरा मेरे साथ चलो, मुझे गार्डन में नए फूल लगवाने हैं।"
एक सर्वेंट ने हां में गर्दन हिलाकर कहा, "जी मालकिन, चलिए।"
ये है अर्नव की मां दामिनी यदुवंशी।
अर्नव की फैमिली में अर्नव, दामिनी, अर्नव का छोटा भाई समर्थ, अर्नव के चाचा दिलीप यदुवंशी, चाची कोमल यदुवंशी और उनकी बेटी राधा यदुवंशी है।
दामिनी के बाहर जाते ही एक एक कर के बाकी फैमिली मेंबर्स भी डाइनिंग हॉल में आ जाते हैं...
समर्थ और राधा स्टेयर्स से नीचे आ रहे थे और आपस में बात कर रहे थे, ओह सॉरी लड़ रहे थे।
राधा: देखो भाई अगर आपने अर्नव भाई से इस बारे में कुछ भी कहा तो मुझसे बूरा कोई नहीं होगा।
समर्थ ने दांत दिखाते हुए कहा, "ए छिपकली मैं तेरी बुजदिल धमकियों से डरता नहीं हूं, समझी। कॉकरोच से डर लगता है और आई बड़ी समर्थ यदुवंशी से पंगा लेने वाली हूं।"
राधा ने जाड़ पीसते हुए गुस्से मै कहा, "भाई भूलो मत मेरी रगों में भी यही यदुवंशी खून बहता है। अपनी पर आई ना तो आपकों कॉकरोच समझ कर ही मसल डालूंगी।"
समर्थ ने हाथ दिखाते हुए कहा, "चल हट बड़ी आई समर्थ यदुवंशी को डराने वाली।"
राजपूत हवेली...
इरा अपने रूम में बैठ कर सिसक रही थी, खाना बनाते वक्त उसका हाथ जल गया था और सुजाता अभी काम में बिजी थी, इसलिए इरा को देखने वाला कोई नहीं था।
वो बस रोते हुए बोल रही थी, "आई, इरा को दर्द हो रहा है, आप कहां हो, आ जाओ ना। इरा बहुत रो रही है।"
जितना दर्द इरा की आवाज में था, उसे सुन कर तो कोई पत्थर दिल भी पसीज जाए...
पर इस बेजुबान चार दिवारी में उसकी ये दर्द भरी सिसकियां सुनने वाला कोई इंसान नहीं था।
इस घर के लोग इंसान के रूप में हैवान थे...
राजपूत हवेली का दूसरा कमरा...
एक लड़का और एक लड़की बिना कपड़ों के एक दूसरे की बाहों में चूर थे। उस लड़के ने मदहोशी से उस लड़की के जिस्म को सहलाते हुए कहा, "कब हो रही है राजपूत हवेली तुम्हारे नाम, बेबी?"
वो लड़की बिना पानी की मछली की तरह तड़पते हुए बोली, "फिलहाल तुम मुझ पर ध्यान दो, बाद में बात करेंगे इस टॉपिक पर।"
तो वो लड़का उसकी गर्दन चूमते हुए बोला, "अपना एक एक वादा याद रखना। मानिक मल्होत्रा जितना वादे का पक्का है उतना ही सामने वाले से वादा मनवाना भी आता है। मुझे उस लड़की के 21 के होते ही उससे शादी करके अपनी दासी बनाना है, और तुम इसमें मेरा साथ दोगी, ये तुमने ही कहा था।"
हम्म्म्म... वो लड़की एक आह भरते हुए बोली...
मानिक और इरा की काकी सा की लड़की, हर्षाली दोनों कई बार हमबिस्तर हो चुके थे पर उनमें प्यार जैसा कुछ नहीं था। मानिक अपने फायदे के लिए हर्षाली से जुड़ा था और हर्षाली अपने फायदे के लिए उससे।
डार्क हेवन...
अर्नव सीढ़ियों से उतर कर नीचे आ रहा था कि उसके चाचा दिलीप ने चिल्लाते हुए कहा, "ये लड़का यहां क्या कर रहा है जब मैं इसे घर से धक्के मार कर निकाल चुका हूं?"
राधा ने मुड़ कर अर्नव को देखा और फिर समर्थ को और फिर मन ही मन बोली, "ये भाई भी ना कहा था ना इन्हें पीछे के दरवाजे से निकल जाना पर नहीं इन्हें सामने से जाना है और अगर बाय एनी चांस पापा को कल का कांड पता चल गया तो भाई के साथ साथ मुझे भी घर से बेदखल कर देंगे। भगवान जी बचा लेना।"
ऐसा ही हाल समर्थ का भी था।
अर्नव नीचे आया और दामिनी और कोमल के पास आकर उन्हें साइड हग करते हुए बोला, "रिलैक्स चाचू, आपकी भाभी जी को मेरी याद आ रही थी, मैं बस निकल ही रहा हूं।"
इतना बोल कर अरनव समर्थ की तरफ आई विंक करते हुए घर से बाहर चला गया...
और दिलीप ने घूर कर समर्थ को देखा जो अब नीची नजरें किए उनसे नजरें चुरा रहा था और अपने मन में बोला, "ये भाई खुद तो खिसक लेते हैं और हर बार मुझे फंसा देते हैं मेरी तरफ आंख मारने की क्या जरूरत थी? मैं कोई उनकी माशूका हूं हम्म्म्म।"
अर्नव घर से निकाल कर बाहर अपनी कार में बैठ जाता है और एक बार घर की तरफ देखकर एक गहरी सांस छोड़ता है और फिर स्पीड से अपनी कार सड़क पर दौड़ने लगता है। कुछ ही पलों बाद अर्नव की कार एक और प्राइवेट प्लेस पर जाकर रुकती है, जहां उसका प्राइवेट जेट खड़ा था। अर्नव तेज कदमों से चलकर जेट की तरफ बढ़ जाता है और वहां ऑलरेडी दो बॉडीगार्ड खड़े थे। वह जीत का डोर अर्नव के लिए ओपन करते हैं और अर्नव स्टाइल से जेट के अंदर चला जाता है। कुछ देर बाद...
स्टार आईलैंड (काल्पनिक)
यह अरनव का पर्सनल आईलैंड है जहां दूर-दूर तक सिर्फ अरनव की दुनिया है। यहां वही होता है जो अरनव चाहता है। अर्नव को सब यहां किंग के नाम से जानते हैं...
अर्नव की खुद की एक गैंग है जिसे डार्क डेविल्स के नाम से जानते हैं, जिसमें टोटल 6 मेंबर हैं।
राजपूत हवेली...
शाम का वक्त...
आई आप इरा को कहां भेज रही हो? वो मालकिन बहुत डाट लगाएगी।"
इरा ने रोते हुए सुजाता से कहा...
सुजाता ने कहा, "बेटा तेरी वो मालकिन तुझे बेचने वाली है और मेरे जीते जी मैं ये कभी नहीं होने दूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए। तू चल मेरे साथ..."
सुजाता राजपूत हवेली के पीछे के रास्ते से इरा को बाहर लेकर जा रही थी।