Gangsters immature bride - Chapter 2
सुजाता इरा को खुफिया रास्ते से हवेली से बाहर ले जाती है!
इरा अपनी बड़ी-बड़ी आँखों से बाहर की दुनिया देख रही थी जो उसने कभी नहीं देखी थी।
"सब कुछ कितना रंगबिरंगा है अम्मा!"
इरा ने अपनी पलकों को मासूमियत से झपकाते हुए सुजाता से कहा।
सुजाता अपनी डरी हुई नज़रों से चारों तरफ देख रही थी कहीं उन्हें बाहर जाते हुए कोई देख तो नहीं रहा है। इरा की बात सुनकर वह एक बार उसकी तरफ छोटी सी स्माइल कर देती है और उसके बाद एक टैक्सी लेते हुए ईरा को शहर से बाहर ले जाने लगती है!
वही मानिक मल्होत्रा जो हवेली के बाहर था, उसके चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी।
उसे पता था एक दिन ये होगा क्योंकि सुजाता इरा को बिल्कुल अपनी बच्ची की तरह मानती है तो वो उसे बिकने कैसे दे सकती है, या उसकी मासूमियत किसी को छीनने दे सकती है?
वो तुरन्त अपनी कार उस टैक्सी के पीछे लगा देता है!
वही सुजाता का दिल डर से कांप रहा था, कहीं कुछ गलत ना हो जाए। उसने इरा के चेहरे पर एक दुपट्टा बांध दिया था जिससे अब उसकी प्यारी नीली आंखें ही दिखाई दे रही थी, उसका चेहरा नहीं!
वही हीरा बाहर का यह शोरगुल, गाड़ियां, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग में हंसते खेलते लोग इन सबको देखकर बहुत ज्यादा हैरान थी। वह बार-बार अपनी गर्दन घुमाते हुए कभी इधर तो कभी उधर देख रही थी। कहीं म्यूजिक बज रहा था तो कहीं लोगों के हंसने की आवाज ही गूंज रही थी, कहीं कोई इंस्ट्रूमेंट चल रहा था तो कहीं गाड़ियों के हॉर्न। यह सब हीरा को बहुत ज्यादा एक्साइटेड कर रहे थे।
ईरा ने सुजाता का हाथ पकड़ते हुए कहा, "आई, इरा को भी यह सब करना है, इरा को भी जाना है यहां!"
सुजाता ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा, "हां मेरी बच्ची, एक दिन तेरी जिंदगी में भी राजकुमार आएगा जो तुम्हें वह सारी खुशियां दे देगा जिसकी हकदार तू है, बस कुछ दिन रुक जा।"
इरा के होठों पर एक मुस्कान आ गई। सुजाता उसे कब से बोल रही थी कि उसकी जिंदगी में एक राजकुमार आएगा। हीरा को बेसब्री से इंतजार था उसे राजकुमार का जो उसे उसकी कैद से आजादी दिलवाएगा।
वही मानिक तेज स्पीड से उनकी टैक्सी का पीछा कर रहा था।
सुजाता शहर से बाहर निकलते ही टैक्सी वाले को रोकने के लिए बोलती है और उसे किराया देते हुए टैक्सी से उतर जाती है।
यह ऐसा इलाका था जहां से शहर खत्म होकर गांव आना शुरू हो जाते हैं। यही पास में सुजाता की किसी रिलेटिव का गांव था। वह बस यहां से बस लेकर वहां जाने वाली थी। वह जैसे ही आगे कदम बढ़ाती है अचानक ही उन दोनों के आगे माणिक की कार आकर रुक जाती हैं, जिसे देखकर सुजाता की आंखें डर से फैल जाती है और ईरा की पकड़ सुजाता के हाथ पर कस जाती है और वह धीरे से बोलता है -
"इरा को डर लग रहा है आई।"
सुजाता ने भी इरा पर अपनी पकड़ कस ली और फिर से उस कार की तरफ देखने लगी।
वही मानिक एक जहरीली मुस्कान लिए कार से उतरता है!
और अपने कदम उन दोनों की तरफ बढ़ा देता है।
मानिक के कदम लगातार इरा की ओर बढ़ रहे थे और सुजाता के हाथ बुरी तरह इरा के हाथ पर कसते जा रहे थे।
डर से हालत उसकी भी खराब हो रही थी।
उसे समझ नहीं आ रहा था वो कहा जाए, क्या करे?
और किससे मदद मांगे इस शैतान से बचने के लिए? उसने हिम्मत करके जैसे ही कदम बढ़ाया -
मानिक ने इरा का दूसरा हाथ कस कर पकड़ लिया।
और फिर डरावनी हंसी हंसते हुए बोला -
"कहा लेकर जाओगी ताई इस कमसिन कली को? इसे टूटना तो मेरे ही हाथों है, पर तुम ये भगाने की कोशिश करके इसे सिर्फ तोड़ने पर नहीं बल्कि बुरी तरह कुचलने पर मजबूर कर रही हो मुझे।"
ये सुन कर सुजाता की दिल डर के मारे कांप उठा।
और इरा भी उसकी इतनी तेज पकड़ से सिहर उठी।
और खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगी।
पर उसकी कोशिशे सब बेकार थी।
मानिक ने एक झटके से खींचते हुए उसे अपने सीने से चिपका लिया।
और उसकी मासूम आंखो में देखते हुए बोला -
"बहुत इंतजार किया है मैने इस वक्त का, इतनी आसानी से तो नहीं जाने दूंगा तुम्हे।"
ईरा डरते हुए खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी पर उसकी नाजुक कलाइयों में इतनी ताकत नहीं थी कि वह मानिक जैसे बॉडीबिल्डर से खुद को छुड़ा पाए।
वही मानिक ने एक झटके से सुजाता का हाथ हीरा से झटक दिया था जिससे वह मुंह के बल सड़क पर गिर चुकी थी और उसके हाथ पैर में कंकर चुप चुके थे। उसकी दर्द के मारे एक आह निकल गई जिसे देख कर ईरा बुरी तरह रोने लगी।
मानिक ने ईरा के दोनों गालों को अपने हाथ से भींचते हुए कहा -
"अरे तुम क्यों रो रही हो, तुम्हें थोड़ी ना कुछ कर रहा हूं। तुम तो बहुत नाजुक हो, तुम्हें मैं बहुत संभाल के रखूंगा, अपनी रानी बनाकर रखूंगा मैं तुम्हें।"
ईरा की आंखों से मोटे-मोटे आंसू निकल कर गिर रहे थे।
उसकी सिसकियां बंधी हुई थी।
और अगले ही पल मानिक ने जबरदस्ती उसे उठाया और उसे अपनी कार की बैक सीट पर डालते हुए,
खुद ड्राइवर सीट पर बैठ गया और एक तिरछी मुस्कान सुजाता की तरफ देखते हुए पास की और एक झटके से कार स्टार्ट कर ली।
सुजाता बहुत हिम्मत करके उठी पर तब तक वह गाड़ी स्टार्ट हो चुकी थी। सुजाता ने उसके पीछे भागते हुए इरा को आवाज़ लगाई पर उसके बूढ़े हो चुके शरीर में इतनी ताकत नहीं थी कि वह एक गाड़ी का पीछा कर सके। कुछ ही देर में वह ठक्कर फिर से सड़क पर गिर गई और रोने लगी। वह अपनी किस्मत को कोस रही थी उसकी वजह से ईरा की मुसीबतें कम होने की बजाय और ज्यादा बढ़ चुकी थी।
वह बस भगवान से प्रार्थना कर रही थी किसी फरिश्ते को भेजने की जो इरा को इन सब से निकल सके, उसे एक शांति भरी जिंदगी दे सके जिसमें सुकून हो, ईरा की मुस्कान हो।
Star island..
अर्णव अपने स्टडी रूम में लैपटॉप पर कुछ वर्क कर रहा था
की वहा उसके left hand कम भाई ज्यादा
"क्रिश" की एंट्री हुई
तो ये हैं dark devels gang के चार्मिंग प्रिंस
क्रिश डिसूजा
उम्र 26 साल, नीली आंखे, गोरा रंग, 6 फूट हाइट, 6 पैक्स एब्स वाली मस्कुलर बॉडी, left eyebrow पर एक कट शर्ट के ऊपर से तीन बटन ओपन थे जिसमें से सीने पर बना ईगल टैटू थोड़ा थोड़ा विजिबल हो रहा था
लड़कियां तो जैसे दीवानी हैं इनकी।
अर्णव ने बिना उपर देखे अपनी रूड टोन मै कहा -
"Hmm बोलो क्या न्यूज है।"
क्रिश ने स्टाइल से अर्णव के सामने बैठते हुए कहा -
"Today's breaking news
King का जानी दुश्मन चला है love date पर।"
अर्णव ने आंखें छोटी करते हुए का, "साफ-साफ बोलो क्या हुआ है।" क्रिश ने एक डेविल स्माइल के साथ कहा -
"आज मानिक मल्होत्रा को किसी लड़की के साथ देखा गया है!
और सुना है बेहद खूबसूरत थी हो।"
अर्णव ने घूरते हुए कृष को देखा क्योंकि उसे पता था वह उसे छेड़ रहा है।
अर्णव ने तुरंत लैपटॉप बंद करते हुए का -
"तो चलो हम भी मिल लेते हैं उसे खूबसूरत हसीना से।"
और क्रिश तुरंत ही खुश हो गया। अर्णव और वो दोनों एक साथ बाहर निकल गए।
कुछ देर बाद वो दोनों एक चॉपर मै थे जो सीधा मुम्बई की एक सड़क के किनारे लैंड हुआ।
मानिक जिसे दूर से ही कुछ अजीब सा धुंध दिखाई दे रहा था।
जब उसे पता चला यह धूल का धुंध किसी चॉपर के लैंड होने से हुआ है तो उसकी आंखों में थोड़ी हैरानी झलक आई और थोड़ा गुस्सा भी और शायद किंग का डर भी।
क्योंकि एक दिन पहले उसने जो आदमी भेजे थे उनकी लाश टुकड़ों में उसके पास आई थी वापस।
वह कुछ सोच समझ पाता उससे पहले ही उसकी कर के सामने चलते हुए कृष और अरनव दोनों आ गए। वह दोनों hell से उतरे हुए devil लग रहे थे।
ब्लैक शर्ट, ब्लैक पेंट ऊपर एक long ब्लैक कोर्ट,
ब्लैक शेड्स
दोनों काफी डैशिंग लग रहे थे।
ईरा की मासूम नजरों में एक होप नजर आने लगी थी। अपने सामने दूसरे आदमियों को देखकर उसे वह बिल्कुल फरिश्ते लग रहे थे जो उसे इस शैतान से बचाने आए थे।
वही मानिक जो डरा हुआ था उसने ध्यान ही नहीं दिया कि उसने ईरा का हाथ छोड़ दिया है। ईरा ने तुरंत ही car का डोर खोला और भागते हुए उन दोनों के पास चली गई।
अर्णव और कृष अभी भी उसे देख रहे थे। कृष की तो आंखें फैल चुकी थी उसे लग रहा था उसने किसी परी को देख लिया है।
वही अरनव भी उसके मासूमियत को देख रहा था क्योंकि ईरा के चेहरे पर बहुत ज्यादा डर नजर आ रहा था।
इरा भागते हुए आई और तुरंत ही अर्णव के पीछे छुप गई।
अर्णव और क्रिश को तो कुछ समझ ही नहीं आया आखिर इतनी जल्दी हुआ क्या।
इरा ने डरते हुए अर्णव की जैकेट को कस कर अपनी छोटी छोटी मुट्ठियों मै भर रखा था।
क्रिश झुकते हुए इरा को देखने की कोशिश कर रहा था।
अर्णव ने गर्दन टेढ़ी करते हुए घुर कर इरा को देखा।
अर्णव की silver eyes को खुद पर महसूस कर इरा ने जल्दी से अपनी आंखे भीचंते हुए अपनी मासूम आवाज मै कहा -
"आ... आई के पास जाना है इरा को! डर लग रहा है ,!"
अर्णव एक आई ब्रो उचका ते हुए क्रिश की तरफ देखता है जैसे पूछ रहा हो कुछ समझ आया ये क्या कह रही है!
क्रिश ने अपने कंधे उचका दिए क्योंकि इरा ने जो भी बोला उसके सर से 100 की स्पीड से गुजर गया था।
मानिक की पकड़ स्टेयरिंग पर कस गई और उसने जाड़ भींचते हुए इरा को देखा और अपने मन मै बोला -
"इसके पास जाकर तुम्हारी जिंदगी नरक से कम नहीं होने वाली है! और कोई कमी रहेगी तो मै पूरी कर दूंगा!"
इतना बोल कर उसने एक झटके से कार स्टार्ट कर ली पर वो कही जा पाता उससे पहले ही एक बुलेट सीधा उसकी कार के टायर पर आकर लगी और उसकी कार एक अजीब सी आवाज के साथ इधर उधर होने लगी।
उसका बैलेंस बिगड़ चुका था और कुछ ही पलों मै कार पीछे एक पेड़ से टकरा कर रुक गई।
क्रिश के चेहरे पर एक तिरछी मुस्कान थी।
उसने खुद के कंधे को थप थपा कर कहा -
"Well done Krish you are make another right glitch "
अर्णव ने कहा -
"अपने लें डायलॉग बाद में मारना CV को कॉल करो!"
क्रिश ने कहा -
"करता हूं ना भड़क क्यों रहे हो।"
इतना बोल कर क्रिश ने किसी को कॉल किया वही अर्णव हाथ अपनी पॉकेट मै डाले,
मानिक की कार की तरफ बढ़ गया।
मानिक को जो अपने फुट चुके सर को संभाल रखा था उसे अपने करीब आता देख हड़ बड़ा हट मै अपना फोन लेता है और किसी को कॉल करता है।
सामने वाला कॉल जैसे ही उठाता है -
"कहा मर गए हो तुम सब?"
सामने वाले ने मानिक की ऐसी आवाज सुन कर डरते हुए कहा -
"ज.. जी बॉस बस आ रहे है!"
मानिक ने झल्लाते हुए कहा -
"क्या अब मेरी मैय्यत पर आओगे कमिने जल्दी आओ!"
अर्णव ने अपनी जेब में रखी गन को लोड किया और मानिक की कार के दरवाजे को एक लात मारते हुए तोड़ दिया।
मानिक ने भी अपनी gun लोड कर ली थी
अर्णव के होठों के कोने मुड़ चुके थे।
उसने हल्की devilish smile के साथ गहरी आवाज में कहा -
"तुम्हारे भेजे चुजे तो किसी काम के नहीं निकले मानिक मल्होत्रा... और वो खूबसूरत मोहतरमा भी!"
"अब मजा नहीं आ रहा है तुम्हारे साथ ये गेम खेलने मै तुम दिन पर दिन बोरिंग होते जा रहे हो!"
मानिक के दिमाग मै बहुत कुछ चल रहा था
उसकी नजर इरा पर गई जिसने अपना चेहरा अपने दोनों हाथों से छिपा रखा था और डर के मारे कांप रही थी।
उसने एक स्माइल के साथ कहा -
"पर इस बार वाली अप्सरा तुम्हारा सब कुछ तबाह कर देगी।"
अर्णव ने एक eye ब्रो चढ़ाते हुए कहा -
"Lets see"