❤️𝙈𝙤𝙝𝙖𝙗𝙗𝙖𝙩𝙚𝙞𝙣❤️ Ch. 1

❤️𝙈𝙤𝙝𝙖𝙗𝙗𝙖𝙩𝙚𝙞𝙣❤️ - Chapter 1

Posted by Author Ishq ❣️ • Jun 29, 2025 08:04 PM

श्री गणेशाय नमः 🙏

एक घर था ...... जो न ज्यादा छोटा था न ज्यादा बड़ा ,

इसी घर के एक कमरे में जो रूम कम स्टोररूम ज्यादा लग रहा था..

उसी रूम के एक कोने में , एक लड़की जमीन पर सिकुड़ कर सो रहीं थीं ! उसके चेहरा नहीं दिख रहा था ,क्योंकि उसके लंबे बालों ने उसका चेहरा ठक रखा था , उसने नीचे फटी सी छटाई बिछाया हुआ था वो उसी पर सो रही थी , वो ठंड से बुरी तरह कंप रहीं थीं उसने अपने हाथ पैर पूरी तरह सिकोड़ रखे थे उसने सिर्फ अपना दुप्पटा ओढ़ रखा था इससे अलावा उसके पास ओढ़ने के लिए कुछ भी नहीं था, उसके कपड़े बहुत पुराने थे जो जगह-जगह से फाटे हुए थे उसके शरीर पर मरने के निशान भी थे जिसका साफ़ मतलब था उसे किसी ने बहुत बुरे तरीके से मारा है ,

तभी किसी ने उसके ऊपर ठंडा पानी डाला जिससे वो हड़बड़ा के उठ गयी !

पानी पड़ने की वजह से वो एकदम से काम्प गयी क्योंकि पानी बहुत ठंडा था और पहले से ही ठंडे फर्श पर सो रही थी , इस वजह से उसे और ज्यादा ठंडक महसूस हुई जिसकी वजह से वो कांप गई ,

वही पानी पड़ने की वजह से उसका छोटा सा चांद सा चेहरा सामने आ गया.... गोरा रंग बेदाग चेहरा....जो दिखने में बेहद प्यारा, उपर से उसकी बड़ी बड़ी हरी आँखे उसे और खूबसूरत बनती थी ... उसका छोटा सा चेहरा उसपे दुनिया जहां की मासूमियत..जो उसे सबसे खास बनाती हैं, भरे हुए गाल, छोटी सी नाक, गुलाबी होंठ ,उसके होंठों के कॉर्नर पर एक सा काला तिल, जैसे भगवान ने उसे बुरी नजर में बचाने के लिए खुद उसे काला टीका लगाया हो, ......उम्र कोई 19 साल , नाम अधीरा शर्मा

अधीरा दिखने में जितनी खूबसूरत थी उसकी किस्मत उतनी बुरी थी !

अधीरा के ऊपर अभी जिसने ठंडा पानी डाला था वो उसकी चाची कामिनी थी , जो उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी वो उससे नफरत करती थी ,

इ

सके पीछे क्या वजह है ,वो तो वही जाने.......

कामिनी उससे घर के सारे काम करवाती थी , कोई गलती हो जाने पर वो अधीरा को बहुत बुरे तरीके से मारती थी, फिर चाहे गलती अधीरा की हो या न हो !

कामिनी अधीरा के पास आयी और उसके बालों को अपनी मुट्ठी में कसकर पकडते हुए कहा ___

महारानी यहां चैन से सो रहीं हैं , घर सारा काम पड़ा है उसे कौन करेगा... और नाश्ता कौन बनाएगा ...तेरी मरी हुई माँ आके बनाएगी , तेरी वज़ह से अगर मेरी रश्मि को कॉलेज जाने जाने में देरी हुए तो......मै तेरी खाल खीच लूँगी !......

कामिनी के इस तरह बाल पकडने की वज़ह से अधीरा को अपने बालों में बेहद दर्द हो रहा था जिसकी वजह से उसके आँखों से आंसू किसी झरने की तरह बह रहे थे !

अधीरा दर्द से सिसकते हुए उससे कहती हैं_

चाची जी , please हमारे बालों को छोड़ दीजिए ...,हमे बहुत दर्द हो रहा है..... ,हम अभी घर के सारे काम कर देते है, और टाइम से नाश्ता भी बना देंगे .....जिससे रश्मि दी को बिल्कुल भी कॉलेज के बिल्कुल भी लेट नहीं होगा..... ,पर आप please हमारे बालों को छोड़ दीजिए!......

अधीरा की बात सुनकर कामिनी ने उसके बालों को झटके से छोड दिया!

जिसकी वजह अधीरा मुंह के बल गिर गयी और उसके मुंह से एक आह् निकल गयी ,

कामिनी उससे बोली _....चल जा , जाके सबसे पहले नास्ता बना , फिर घर के सारे काम करना , तेरी वजह से मैं सुबह से भूखी हूं , बैठी क्या है जा ,

उसकी बात सुनकर अधि जल्दी से अपनी जगह से खड़ी होकर किचन में चली जाती हैं ,....उसने अभी अपने कपड़े नहीं बदले थे और वो कपड़े बदल भी नहीं सकरी थी , अगर वो कपड़े बदलने जाती तो उसे देर हो जाता , ..और वो ये गलती बिल्कुल भी नहीं कर सकती थी , जिसकी वजह से कामिनी को फिर से उसे डांटने या मारने का मौका मिले.....

किचेन में ,

अधीरा जल्दी-जल्दी अपने हाथ चला रहीं थीं क्योंकि उसे घर के और भी काम करने थे .......

तभी किचन में कामिनी आयी और अधीरा से बोली _ नाश्ता बना ...,

अधीरा सर हिलाते हुए बोली _ बन गया है चाची जी , मै परोस दूं

कामिनी__ नहीं , अभी मेरी रश्मि उठ गयी होगी , इसलिए काफ़ी बनाकर उसके रूम में लेके जा ......

उसकी बात सुनकर अधीरा ने अपना सिर हिलाया और जल्दी से काफ़ी बनाया और उसे लेके रश्मि के रूम लेके चली गई ....

अधीरा रश्मि के रूम के दरवाज़े को खोलकर अन्दर आयी उसने बेड की तरफ़ देखा ........जहा रश्मि सो रहीं थीं ,

अधीरा ने काफ़ी को वही बेड के पास मौजूद टेबल पर रखा और अपनी मीठा सी आवाज में उसे उठाते हुए बोली. __....रश्मि दी उठिए , अपको कॉलेज के लिए लेट हो जायेगा .........

रश्मि जागने के बजाय तकिया अपने कान पर रखकर दूसरी तरफ करवाए कर लेती है ,

अधीरा उसे दो- तीन बार आवाज देकर उठाती पर वो नहीं उठी है

तो इस बार अधीरा थोड़ी तेज़ आवाज में बोली. __

दी उठिए, वरना आपकी काफ़ी ठंडी हो जाएगी.और आपको कॉलेज जाने में भी लेट हो जाएगा ..

.

इस बार रश्मि झुलाते हुए आंखे खोलती है अधीरा को चिड़ भरी नजरों से देखती है और तेज आवाज़ में कहती __

क्या है तुझे? क्यों मेरी नींद खराब कर रहीं हैं और.....तुझसे मैंने कितनी बार कहा है कि..... अपना मनहूस चेहरा लेके सुबह सुबह मेरे मत आया कर ......फिर क्यों आई है ,

उसकी इतनी तेज आवाज़ सुनकर अधीरा थोड़ी सहम जाती है..... अधीरा को तेज़ आवाज से डर लगता है ......अधीरा जल्दी से खुद सम्भाल कर...

उससे अपनी प्यारी सी आवाज़ में बोलती है ___.

हम आपके लिए आपकी कॉफी लेकर आए थे ,... आपकी काफ़ी ...

इतना कहकर वो काफ़ी का कप उसके आगे बढ़ा देती हैं ,,

रश्मि ने उससे कप लिया और बोली __ ....अब जा यहां से.....

उसकी बात सुनकर अधीरा ने अपना सर हिलाया और रुम से जाने लगती है....

To be connect ✍️ ✍️✍️✍️✍️✍️✍️?

100%