Vampire king's forced bride Ch. 1

Vampire king's forced bride - Chapter 1

Posted by Teena • Aug 01, 2025 04:58 PM

“यह शादी संपन्न हुई, और आज से आप तमोवर की महारानी हैं। शादी के रस्म के बाद आप तमोवर के रिवाज के मुताबिक अपने पति के सामने झुकेंगी और फिर उनके दोनों हाथों को चूमेंगी,” शादी करवा रहे पुजारी ने कुछ रटी-रटाई लाइनों को दोहराया। यह शादी तमोवर के शाही रीति रिवाजों के हिसाब से हो रही थी।

उसकी बात को सुनकर आसपास के लोग एक दूसरे की तरफ देखने लगे। कुछ को उस पर दया आ रही थी, तो कुछ मुंह पर हाथ रख कर हंस रहे थे।

वही दुल्हन बनी सारा ने नज़र उठाकर एक बार उन सब की तरफ देखा। शादी में शामिल हुए मेहमानों की आँखों और बाकी हाव-भाव से साफ़ हो रहा था कि वह सारा का मज़ाक उड़ा रहे हैं। शादी करवा रहे पुजारी की भी कुछ ऐसी ही हालत थी। आज तक उसने यह अनोखी शादी नहीं देखी थी।

सारा ने भी नज़रें झुका ली थीं। उसकी शादी ज़रूर हो गई थी, लेकिन आख़िरी रस्म करने के लिए तो उसका पति मौजूद ही नहीं था। उसकी शादी तमोवर के राजा की तलवार के साथ हुई थी।

सारा ने गहरी साँस ली। वह सबके सामने इस तरह खुद को शर्मिंदा नहीं होने दे सकती थी। उसने अपनी नज़रें उठाईं और उन सब की तरफ़ पूरे कॉन्फ़िडेंस के साथ मुस्कुरा कर देखा।

उसके चेहरे पर स्माइल देखकर उसकी सौतेली बहन ने सिर हिलाकर अपने दूसरे भाई से कहा, “यह लड़की पागल हो गई है। यहाँ लोग इसकी इंसल्ट कर रहे हैं और यह ऐसे ज़ाहिर कर रही है, जैसे इसे कोई फ़र्क ही ना पड़ रहा हो।”

“तुम इसे जज मत करो। इसे इस तरह सबका अपमान सहने की आदत है। शाही ख़ानदान के नाजायज़ बच्चे इसी दिन के लिए पाले जाते हैं, जब वह किसी समझौते के तहत अपने साम्राज्य के काम आ सकें।” उसके भाई ने उसे समझाया।

वहीं पास में उनकी एक और बहन खड़ी हुई थी। वह बोली, “हाँ, इससे शादी के बाद हमारी पृथ्वनिक हमेशा के लिए उन लोगों से सुरक्षित हो जाएगी। बदले में छोटी-मोटी कुर्बानी दे दी जाए तो क्या फ़र्क पड़ता है।”

हाँ, सारा की शादी एक समझौते के तहत हो रही थी, जिसके बाद उनका साम्राज्य पृथ्वनिक, तमोवर नामी साम्राज्य के ख़तरे से आज़ाद होने वाला था।

इस शादी से हर कोई खुश था सिवाय सारा के। उसने एक नज़र अपनी इकलौती दोस्त हिना की तरफ़ देखा, जो उसकी उम्र की ही थी। हिना ने उसे आँखों-आँखों में तसल्ली दी, जिसके बाद सारा वहाँ मज़बूती से खड़ी थी।

आज उसका 19वाँ जन्मदिन था, और पृथ्वनिक के कानून के हिसाब से वह आज एडल्ट हो गई थी। आज ही के दिन उसकी शादी हो गई थी। अचानक सारा के दिमाग़ में लगभग 10 दिन पुरानी यादें ताज़ा हो गई थीं,जब पहली बार उसे इस समझौते का पता चला था।

सारा पृथ्वनिक के किंग वचन के दासी की बेटी थी। सारा अपने अस्तित्व से अच्छी तरह वाकिक थी कि वह बस एक रात की ग़लती थी और कुछ नहीं।

सारा मुख्य महल में रहने के बजाय महल के आसपास बने छोटे घरों में से एक घर की तीसरी मंजिल पर रहती थी। उसकी घर के आसपास की जगहों पर राजा की बाकी नाजायज संताने रहती था।

आज तक वह अपने पिता से कभी नहीं मिली थी, हाँ, दूर से उन्हें बहुत बार देखा था। वह हमेशा की तरह खोई हुई अपनी पेंटिंग करने में बिज़ी थी, तभी उसकी दोस्त हिना दौड़ते हुए उसके पास आई।

“सारा... सारा तुम क्या कर रही हो? तुम यहाँ पेंटिंग करने में बिज़ी हो और वहाँ तुम्हारे पिताजी तुमसे मिलने के लिए आ रहे हैं। जल्दी से खुद का हुलिया सही करो, ऐसा लग रहा है जैसे तुम कोई कलर करने वाली मिस्त्री हो।” हिना ने उसे झिंझोड़ते हुए कहा।

हिना ने एक नज़र सारा के चेहरे की तरफ़ देखा। उसके खूबसूरत गोरे चेहरे पर जगह-जगह रंग लगा हुआ था। उसकी सुनहरी चमकने वाली एम्बर आईज देखकर लगता था, मानो खुद सूरज उसकी आँखों में चमक रहा हो। छोटा-सा नाक और उस पर बराबर उभरे हुए खूबसूरत गुलाबी होंठ। अगर सारा महल की दासी की बेटी नहीं होती तो वह सब राजकुमारियों में सबसे खूबसूरत होती। परफ़ेक्ट फ़िगर, 5 फुट 4 इंच हाइट और सफ़ेद चमकता चेहरा, जिस पर उसके होठों के ऊपर एक तिल चार चाँद लगाता था।

“तुम फिर से मेरे साथ मज़ाक करने के लिए आ गई। तुम्हें पता है कि मुझे उन्हें पिताजी तक कहने का हक़ नहीं है। वह भला मुझसे मिलने के लिए क्यों आएँगे? आज से पहले तो नहीं आए?” सारा ने अपनी सुनहरी आँखों से उसे घूरते हुए पूछा। उसके दोनों हाथ अपनी कमर पर थे।

“मैं सच कह रही हूँ और उन्होंने ही मुझे तुम्हें तैयार रहने के लिए कहा है। जो अब तक नहीं हुआ, वह अब होने जा रहा है, पागल लड़की जाकर जल्दी से कपड़े बदलो।” हिना ने उसे पकड़ा और ज़बरदस्ती उसके कमरे में लेकर गई।

सारा का कमरा बाकी राजकुमारियों की तरह नहीं था। वहाँ बस एक क्वीन साइज़ बेड, अलमारी और साइड में किताबों की शेल्फ़ बनी हुई थी।

सारा ने अपनी अलमारी खोली। उसके पास कोई भी सुंदर महंगी ड्रेस नहीं थी, जिसे पहनकर वह अपने पिता के सामने जा सके। पिछले साल उसने एक ब्लू कलर का गाउन खरीदा था। सारा ने उसे ही पहन लिया। उसने जल्दी से अपना मुँह धोया और बालों को पीछे चोटी में बाँध दिया। उसके भूरे सुनहरे बालों की चोटी उसके कंधों से थोड़ी ही नीचे तक थी।

सारा ने एक नज़र खुद को आईने में देखा और फिर कहा, “क्या उन्हें मुझसे कोई काम होगा? अचानक मेरी याद क्यों आई होगी? उम्मीद है, हिना ने उनके स्वागत की तैयारी कर ली होगी।”

सारा वहाँ खड़ी राजा के आने का कारण सोच रही थी तभी एक दासी दौड़कर आई और उसे राजा के आने की बात बताई। महाराज वचन के आते ही सारा जल्दी से बाहर बने आँगन में चली गई।

उसने एक नज़र राजा की तरफ देखा, जो उम्र में 50 के आसपास थे। उनके बाल भी सारा की तरह सुनहरे भूरे रंग के थे। बालों की पीछे चोटी बनी हुई थी और उनकी गहरी मूँछें उनके रौब का प्रतीक थीं।

सारा ने मुस्कुरा कर उनके सामने अपनी गर्दन झुका ली। वचन चलकर उसके पास आया और सारा के बालों पर हाथ रखा।

“कुछ ही दिनों में तुम्हारा जन्मदिन है, तुम व्यस्क होने वाली हो।” किंग ने कहा।

सारा के आँखों के कोने में मुस्कुराहट तैर आई थी। उसे यकीन नहीं हो रहा था किंग को उसका जन्मदिन याद था पर अगले ही पल उसकी मुस्कुराहट गायब हो गई।

“अब तुम शादी लायक हो गई हो। तुम्हारे अंदर भले ही एक दासी का खून दौड़ रहा हो लेकिन तुम हमारी जिम्मेदारी हो। हमने तुम्हारी शादी तय कर दी है और जिस दिन तुम्हारा जन्मदिन है उसी दिन तुम्हारी शादी होगी।” किंग वचन ने बताया। इसी के साथ सारा और हिना दोनों ही समझ गए थे कि वह वहाँ क्यों आए होंगे।

सारा मानो अपनी जगह पर जम-सी गई थी। उसे ऐसा हक़ नहीं चाहिए था। हिना ने उसके पीछे जाकर उसका हाथ पकड़ा ताकि सारा अपने गुस्से पर काबू रख सके।

“तुम्हारे लिए एक गवर्नेंस रख दी जाएगी, जो तुम्हें एक राजकुमारियों की तरह रहना सिखाएगी। उसकी किसी भी बात को टालना मत और जल्द ही सीखना क्योंकि ज्यादा टाइम नहीं बचा है।” किंग ने अपनी आखरी लाइन भी बोल दी थी और फिर वहाँ से जाने लगा। वो उसी काम के लिए वहां आया था।

अचानक सारा ने पीछे से तेज आवाज में कहा, “लेकिन मेरी शादी किससे हो रही है, मुझे यह जानने का हक़ है?”

सारा ने पूछ तो लिया था लेकिन इस तरह जुबान लड़ाना किंग के साथ बदतमीजी मानी जाती थी। उसके पूछते ही हिना ने उसे आँखें दिखाई और चुप रहने का इशारा किया, तब तक किंग उसकी तरफ पलटे। उनकी आँखों में गहरे गुस्से के भाव थे।

“तुम्हारी शादी हो रही है, तुम्हें पहले बता दिया है। तुम्हारा बस इतना ही हक था, उसके अलावा और कुछ नहीं।” किंग वचन ने सख़्ती से कहा।

“माफ कीजिए पिताजी, मैं बस अपने होने वाले पति का नाम जानना चाहती हूं।” सारा ने इस बार थोड़ी दबी आवाज में कहा ताकि उसकी बातें बेअदबी ना लगे।

“ठीक है मैं बता दूँगा लेकिन उससे क्या होगा, कौन सा तुम यहाँ आस-पास के सभी साम्राज्य और कुलीन परिवारों को जानती हो?” किंग वचन ने सिर हिलाकर कहा।

सारा की नज़रें झुक गई थीं। उसने राजा से कुछ नहीं कहा लेकिन पढ़ाई करते वक्त उसने सभी आसपास के साम्राज्य और कुलीन परिवारों के नाम याद कर लिए थे ताकि कभी उनके सामने जाना पड़े तो वह उन्हें पहचान सके।

राजा ने गहरी साँस ली और कहा, “तुम्हारी शादी तमोवर के किंग आरंभ के साथ तय की गई है।”

राजा ने उसे नाम बताया और फिर वहाँ से चले गए तो वहीं तमोवर और आरंभ का नाम सुनकर सारा के चेहरे का रंग उड़ गया था। उसकी हालत इस वक्त ऐसी हो गई थी मानो काटो तो खून नहीं। वह रोते हुए जमीन पर घुटनों के बल बैठ गई थी।

हिना को उसके इस रवैये का कारण पता नहीं चला लेकिन तमोवर की सच्चाई क्या थी, यह सारा अच्छे से जानती थी।

“व... वो मेरी शादी उनके साथ कैसे तय कर सकते हैं? अपने फायदे के लिए मुझे नीलाम करने जा रहे हैं? हर कोई जानता है कि तमोवर में इंसान नहीं, वैंपायर रहते हैं। वह मेरी शादी रक्त पीने वाले पिशाचों के राजा के साथ करने वाले हैं।” सारा ने मन ही मन कहा और इसी के साथ उसकी आँखों से आँसू का कतरा बह गया था।

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ये मेरी पहली कहानी है, ओर मुझे लिखने का ज्यादा एक्सपीरियंस भी नहीं है। उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी। प्लीज आप मुझे फॉलो करे, और मुझे सपोर्ट करे। पढ़ने के बाद रेटिंग देकर कमेंट जरूर करें।

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