तलाश - ए - इश्क - Chapter 2
मुम्बई,
निक एक होटल में रुका हुआ था और कल वो उस शख्स से मिलने वाला था। जिसके लिए वो यहाँ था। निक की आँखों में नींद बिल्कुल भी नहीं थी। उसे अनीष की कहीं बातें याद आने लगी।
"सर! ये सब पिछले न्यू ईयर में हुए उस हादसे से रिलेटेड है! जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। शाइर क्लब में एक हादसा हुआ था। जो बाहर आने से पहले ही दबा दिया गया था। बहुत कम लोग ही इस बारे में जानते हैं, उनमें से एक है ज़ोग्राज़! शाइर क्लब इसी का था तब शायद। या अब भी है। कुछ कन्फर्म नहीं है, पर ये हमें उस हादसे के बारे में बता सकता है जो कि मिसेस ओबोरॉय से भी रिलेटेड है।"
निक ने अपना सिर झटका और बेड पर जा कर लेट गया। लेकिन अभी भी उसकी आँखों में नींद नहीं थी। पूरी रात उसने अपनी आँखों में ही काट दी।
सुबह होते ही निक बिना अनीष को बताए ही होटल रूम से बाहर निकल गया। अनीष उसके बगल वाले रूम में ही स्टे कर रहा था। पर निक ने अनीष को कुछ नहीं बताया और गाड़ी ले कर वहाँ से चला गया।
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कुछ देर बाद,
सुनसान रास्ते पर एक कार तेज़ी से आ कर रुकी और उसके ठीक बाद एक और कार उस कार के बगल में आ कर रुकी।
एक कार से निक और दूसरे कार से एक आदमी बाहर आया।
उस आदमी ने निक की तरफ देखते हुए गुस्से में कहा। "क्या चाहिए तुझे? और मेरे बारे में तुझे कैसे पता?" उस आदमी की बात सुनकर निक मुस्कान बिखरते हुए बोला। "मुझे क्या? तेरे बारे में तो राधिक चौहान को भी पता है, कि तु कहाँ है? पर मुझे बस इतना बता की पिछले साल की न्यू ईयर की रात में जो शाइर क्लब (काल्पनिक नाम) में हादसा हुआ था। उसके पीछे कौन था?" निक ने आराम से कहा और अपनी पॉकेट से सिगरेट निकाल ली। निक ने अपने होंठो पर सिगरेट दबाई और उस आदमी कि पॉकेट से उसने लाइटर निकाल कर अपनी सिगरेट जला ली।
वहीं उस आदमी के माथे पर बल पड़ गए थे निक की बात सुनकर।
"देख जल्दी मुँह खोल! वरना बाद में तेरी बॉडी के पास मौका नहीं होगा और तेरी आत्मा पछता रही होगी।" निक ने कहा और सिगरेट का धुँआ अपने सामने खड़े आदमी के मुँह में छोड़ दिया।
उस आदमी ने तुरन्त अपनी गन निकाल कर निक की तरफ पॉइंट कर दिया। पर निक पर कोई असर नही हुआ वो अब भी वैसे ही खड़ा था।
उस आदमी ने हँसते हुए कहा। "मुझे अभी जिंदा रहना है तो तु उस रात की बात भूल जा इसी में तेरी भलाई है।" कहते हुए उस आदमी ने ट्रिगर पर उंगली रखी ही थी कि इतने में ही उसके कानों में निक की आवाज़ पड़ी।
"मेरी गाड़ी में बॉम है। गोली चलते ही धमका हो सकता है क्योंकि ये बॉम हर छोटी हरकत पर रिएक्ट करता है। मैंने इसे एक्टिव भी कर रखा है। ताकि तुम्हारी जीने की ख्वाहिश खत्म कर सकूँ।" निक ने आराम से कहा। ये सुनकर उस आदमी के माथे पर पसीने आ गए और वो वहाँ से जाने लगा।
वो आदमी जैसे ही वहाँ से जाने को हुआ। वैसे ही निक ने उसके हाथ से गन छीन ली।
"तेरी ज़िंदगी वैसे भी खत्म होने वाली है। तो जल्दी बक। अकेले आ कर तो पहले ही गलती कर चुका है। अब और गलती करने का सोचना भी मत क्योंकि मैं अकेले बिल्कुल भी नहीं आया हुँ।" निक ने बस इतना ही कहा था कि वहाँ एक और गाड़ी आ कर रुकी और उस गाड़ी से बहुत सारे आदमी बाहर आ गए। जिनके पास बहुत से हथियार थे।
जोग्राज़ ने हैरानी से सब की तरफ देखा तो सबके होंठो पर एक मुस्कुराहट थी।
उस आदमी को अपने बचने का कोई तरीका सूझ ही नहीं रहा था।
"तुम आखिर चाहते क्या हो?" उस आदमी ने आखिर हार मानते हुए कहा।
"उस रात क्या हुआ था।" निक ने उस आदमी के सिर पर गन पॉइंट करते हुए कहा।
उस आदमी ने जल्दी से अपना फोन निकाला और तुरन्त अपना मेल बॉक्स ऑपन कर के निक की तरफ बढा दिया।
"ये उस रात की फुटेज है!" उस आदमी ने कहा तो निक ने वो फुटेज खुद को मेल की और उसके फोन से डिलीट कर के उसे फोन वापस कर दिया।
उस आदमी ने अपना फोन अपने हाथ में ले लिया और तेज़ी से अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गया। निक चुप चाप अपनी जगह पर ही खड़ा था। उस आदमी ने अपनी गाड़ी में बैठते ही एक बार पलट कर निक की तरफ देखा जो शांति से खड़ा था और उसके लोग भी। ये देखकर उस आदमी ने तेज़ी से अपनी गाड़ी वहाँ से निकाल ली।
उसके जाते ही निक ने किसी को कॉल किया।
"अभी अभी ज़ोग्राज़ यहाँ से निकला है। वो ज़िंदा बचना नहीं चाहिए।" दूसरी तरफ से कॉल रिसीव होते ही निक ने कहा और कॉल एंड कर दिया।
ज़ोग्राज़ ने अपनी गाड़ी तेज़ी से वहाँ से निकाल ली। कुछ दूर जा कर ज़ोग्राज़ ने अपनी गाड़ी टर्न की और उसी के साथ एक तेज़ी से आती ट्रक ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इससे पहले जोग्राज़ सम्भलता उसी ट्रक ने उसे एक और बार टक्कर मारी और जोग्राज़ की गाड़ी सामने बड़े से पत्थर से टकरा कर पलट गई। गाड़ी की हालत ऐसी हो गई थी कि दूर से ही पता चल रहा था कि गाड़ी में मौजूद शख्स के बचने की कोई उम्मीद नहीं है।
उसके तुरन्त बाद निक का फोन बज उठा। निक ने कॉल रिसीव किया तो सामने से आवाज़ आई। "काम हो गया सर!" इतना सुनते ही निक ने कॉल एंड किया और अपनी गाड़ी स्टार्ट कर के वो दूसरी तरफ रुख कर के वो भी वहाँ से निकल गया।
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दिल्ली,
पुलिस स्टेशन,
"सर! खबर मिली है कि अहीर इंडिया से बाहर जाने का प्लान कर रहा है।" एक ऑफिसर ने अपने सामने बैठे एस पी से कहा।
एस पी शिवेन शर्मा! ये नाम सामने बैठे शख्स के टेबल पर रखे नेम प्लेट पर चमक रहा था। दिखने में एकदम अट्रैक्टिव पर्सनाल्टी थे मिस्टर शिवेन शर्मा।
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अनजान जगह,
"बॉस! दिल्ली वाला माल पकड़ा गया। रघु ने धोका दे दिया। साला पुलिस वालो से मिल गया था।" एक आदमी ने अहीर के सामने आते हुए कहा।
सामने बैठे अहीर ने अपनी गन उठाई और अगले ही पल वहाँ गोली चलने की आवाज़ गूँज उठी।
To be continue:-