तुझ पर हक है मेरा Ch. 3

तुझ पर हक है मेरा - Chapter 3

Posted by Sonam Gupta • Feb 22, 2026 06:37 PM

वही दूसरी तरफ मुंबई के एक छोटे के मगर खूबसूरत के घर में एक प्यारी सी लड़की बिस्तर पर आराम से सोई हुई थी । तभी उसके नाईट स्टैंड पर रखता फोन रिंग करता है ।

 

जिसे वे पूरी तरह से इग्नोर करके,, अपना मुंह दूसरी तरफ घुमा लेती हैं । और तकिए से अपना मुंह और कान ढक लेती हैं । तभी उस रूम का गेट खुलता है । और एक करीब 18 साल का लडका अन्दर आता है ।

 

और वे अपनी दीदी को इतने आराम से सोते हुए देखता है । तो उसके दिमाग में एक आईडिया आता है । और वे वही टेबल पर रखते पानी के जग को उठाकर सीधा अपनी दीदी के मुंह पर डाल देता है ।

 

जिससे वे लड़की एकदम हड़बड़ाते हुए उठ जाती हैं । और हड़बड़ाते हुए बोली,,

 

बाढ़ आ गई बाढ़ आ गई ।

 

लड़का हंसते हुए,, हां आ गई बाढ़ ।

 

लड़के की बात सुनकर वो लड़की उसे बुरी तरह से घूरती है । और गुस्से में बोली,,

 

विराज तू पागल हो गया है । विराज हंसते हुए,, हां अब पागलों के साथ रहूंगा । तो पागल ही हो जाउंगा ना ।

 

तारा गुस्से में तूने मुझे पागल कहा,, विराज अपने दांत दिखाते हुए,, हां कहा तो क्या कर लेगी ।

 

अभी बताती हूं कि मैं क्या कर सकती हूं । इतना कहकर वो विराज के पीछे पीछे पिलो ले भाग भागकर उसे मार रही थी ।

 

विराज हंसते हुए दीदी अब रहने दो मैं थक गया ।  थक गया ना तो निकल यहां से और एक बात तू अच्छे से याद रखना मै तुझसे एक साल बड़ी हु । तो इज्जत से बात किया कर । और इस बार तो मैं तुझे छोड़ रही हूं । अगली बार मेरे रूम में इस तरह आया और मेरे ऊपर पानी डालने की हिम्मत की ना तो मैं तुझे छोडूंगी नहीं ।

 

अरे दीदी मैं तो बस आपको जगाने आया था ।  की आज आपका कॉलेज में पहला दिन है । आप लेट ना हो जाओ और आप हो की मुझे ही मार रही हो । ये ठीक नहीं है दीदी ।

 

तारा तुरंत बोली,, ओ नो तूने मुझे ये बात पहले क्यू नही बताई । तूने मेरा इतना टाइम बर्बाद कर दिया । अगर मै लेट हुई ना तो तुझे ही आकर पीटूंगी याद रखना ।

 

क्या दी आज कल तो भलाई का जवाना ही नहीं है । एक तो मैं आप को जगाने आया । और आप उल्टा मुझे ही सुना रही हो ।

 

ठीक है ठीक है अब जा वर्ना मेरे हाथो से पिटेगा । जा रहा हु मेरी प्यारी सी पागल दी । इतना कहकर विराज अपना दांत दिखाते हुए वहा से भाग जाता है ।

 

तारा खुद से गधा कही सा ।  इतना कहकर तारा वाशरूम में चली गई ।

थोड़ी देर बाद तारा वाशरूम से बाहर आती हैं और ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी हो जाती हैं ।

 

तारा खुद को मिरर में देखती है ।  तारा ने पिंक कलर का स्लीव लेस कुर्ती पहना था । जिसमे मिड कट था,, जिसमे तारा की कमर और पेट साफ दिख रहा था । साथ ही उसने नीचे ब्लू जींस और ब्लैक शूज पहने हुए थे । जिसमे वे बहुत प्यारी लग रही थी ।

 

( अब जान लेते हैं तारा के बारे में । तारा राठौड़ जिसकी उम्र 19 साल,, 5.6 की हाइट,, नीली आंखें,, गुलाबी और मुलायम होठ,, ब्राउन हेयर जो की पीठ पर बिखरे हुए थे । गोरा रंग और पतली सी कमर कुल मिला कर तारा बहुत ही खूबसूरत लड़की थी । जो एक बार देख ले तो वे देखता ही रह जाए । )

 

तारा रेडी होकर नाइट स्टैंड पर रखा अपना फोन उठाती हैं । तो देखती है की उसकी दोस्त निधि के 4 मिस्ड कॉल हैं ।

जिसके वे निधि को बैक कॉल करती हैं । और तारा के फोन करते ही निधि तुरंत फोन रिसीव कर लेती हैं । और तारा के ऊपर चिल्लाते हुए,,

 

कुंभ करण की नानी खुल गई तेरी नींद या फिर उस विराज के बच्चे ने तेरे ऊपर पानी फेंक कर तुझे जगाया है । इतना सुनते ही तारा का मुंह बन जाता हैं जिसके तारा कहती है ।

 

बस भी कर कितना सुनाएगी जाग तो गई ना मै । तभी निधि बोलती है,,  हां मै तुझे बहुत अच्छे से जानती हूं कि तू रोज कैसे जागती है । चल अब ये सब छोड़ और जल्दी से तैयार हो जा ।

 

मै अपनी कार लेकर आती हूं तुझे लेने । आज कॉलेज के पहले ही दिन मुझे लेट नही होना समझी । हां मैं तैयार हूं तू आ जा ।  ठीक है बाय ।

 

इतना कहकर फोन कट कर देती हैं । और तारा जल्दी से शीशे के सामने जा अपने गुलाब की पंखुड़ियों जैसे खूबसूरत होठों पर हल्का सा पिंक लिपस्टिक लगाती हैं । और बैग में मोबाइल रख कर नीचे चली जाती हैं ।

 

( तो चलिए थोडा बहुत निधि के बारे में भी जान लेते हैं । निधि अग्रवाल उम्र 21 साल,, 5 फिट 4 इंच की हाइट,, काली आंखे,, काले बाल,, गोरा रंग,, निधि भी दिखने में काफी खूबसूरत थी पर तारा से कम । निधि और तारा दोनो स्कूल टाइम से ही बहुत अच्छी दोस्त थी । निधि बड़े घर से बिलांग करती थी । निधि के डैड काफी बड़े बिजनेस मैन थे लेकिन फिर भी निधि के अंदर बिलकुल भी घमंड नहीं था । और वे तारा को अपनी बहन ही मानती थी । )

 

तारा सीढ़ियों से नीचे उतरते ही अपनी प्यारी सी आवाज में कहती है ।  मॉम डैड मुझे कॉलेज के लिए लेट हो रहा है मै निकलती हु ।

 

 तभी किचेन से निकलती सुमित्रा जी ( तारा की मां ) बाहर आते हुए । अरे बेटा पहले थोड़ा सा नाश्ता तो कर ले । नो मॉम निधि आती ही होगी मै जा रही हूं ।

 

नही जब तक तू नाश्ता नही करेगी ।  मै तुझे नहीं जाने दूंगी जल्दी से बैठ मै नाश्ता लगाती हु । तारा जल्दी से डाइनिंग टेबल पर बैठ जाती हैं । क्युकी उसे पता था कि उसकी मॉम बिना नाश्ता किए उसे नही जाने देने वाली । और आज कॉलेज के पहले ही दिन वे लेट नही होना चाहती थी ।

 

तभी अभिषेक जी ( तारा के डैड ) ले बेटा जल्दी से अपने फेवरेट आलू के पराठे खा । और कॉलेज के लिए निकल वर्ना तेरी मां तुझे इतना खिला देगी की तू चेयर पर से उठ भी नहीं पाएगी ।

 

तभी सुमित्रा जी अगर मैने इस लड़की को ज्यादा खिलाया होता ना । तो ये लड़की सूख कर लकड़ी ना हुईं रहती । तभी तारा क्या मॉम मै लकड़ी नहीं हू बल्कि मै बिल्कुल फिट हूं ।

 

उसकी बात सुनकर सुमित्रा जी कुछ नहीं कहती और अभिषेक जी बस मुस्कुरा देते हैं ।  तभी तारा के घर के बाहर कार की हॉर्न की आवाज आती है । जिससे तारा टेबल से उठते हुए मेरा हो गया मॉम अब मैं जाती हूं । इतना कह कर तारा अपना बैग लेकर निकल ही रही होती है ।

 

तभी सुमित्रा जी कहती है । तारा आते टाइम शिवन्या को स्कूल से लेकर आना । ( शिवन्या तारा की छोटी बहन उम्र 17 साल ) सुमित्रा जी की बात सुनकर तारा हां मैं जवाब देती हैं ।  और जल्दी से घर के बाहर निकल कर कार में बैठ जाती हैं । और निधि तुरंत कार स्टार्ट करती हैं और दोनो सहेलियां  कॉलेज के लिए निकल जाती हैं ।

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