तुझ पर हक है मेरा - Chapter 2
अभिमन्यु ने उस आदमी की तरफ देखते हुए,, तिरछी स्माइल के साथ कहा,, तुम मेरी कंपनी से इनफॉर्मेशन चुरा पाए,, क्युकी मैंने तुम्हे चुराने दिया ।
अभिमन्यु की बात सुनकर वे आदमी हैरान रह गया । उसे अब समझ आ गया था की यह सब अभिमन्यु की ही चाल थी । ताकि वे अपने राइवल को मात दे सके ।
उस आदमी ने डरते हुए कहा,, बॉस मुझे माफ़ कर दीजिए,, मुझसे अब कोई गलती नहीं होगी । मै हमेशा आप की तरफ से वफादार रहूंगा । अगर आप चाहे तो मुझे,, पुलिस को दे दीजिए ।
मै जेल में जाने के लिए भी तैयार हु । लेकिन प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए ।
उस आदमी की बात सुनकर अभिमन्यु जोर जोर से हंसने लगा । लेकिन उसकी इस हंसी में खुशी नहीं बल्कि एक खोफ था । जो वहा मौजूद हर शख्त के चेहरे पर दिखाई दे रहा था ।
उसकी ये हंसी वहा के माहौल को और डरावना बना रही थी । अभिमन्यु अचानक से रुका,, और उसकी तरफ देखते हुए बेहद ही ठंडी आवाज़ में बोला,,
अभिमन्यु सिंघानिया अपने गुनाहगारो को खुद सजा देता देता है । अगर तू किसी भी मंत्री या पुलिस के पास जायेगा ।तो वे तुझे कोई सजा नहीं देंगे । उल्टा वे तुझे मेरे पास ही भेजेंगे । क्युकी कोई भी अभिमन्यु सिंघानिया के शिकार को हाथ नही लगाता ।
लेकिन तू चिंता मत कर । मै इतना भी बुरा नहीं हू,, की तुझे अकेला ही नर्क भेज दू । तेरे पीछे पीछे मै तेरे मालिक को भी वही भेजूंगा । जिससे तू वहा बोर नहीं होगा ।
अभिमन्यु ने ये बात इतनी ठंडे लहेजे में कही थी की वहा खड़ा हर शख्त अंदर तक कांप गया । लेकिन मै तेरी सजा थोड़ी कम कर सकता हूं । अगर तू जल्दी से अपने मालिक का नाम बता दें तो,,
बॉस मुझे सच में उनका नाम नहीं पता ।
उसने इतना ही बोला था कि तभी अभिमन्यु अपने हाथ मै पकड़े गए,, उस शीशी को खोलता है । और उसका लिक्विड उस आदमी के खून बह रहे जख्मों पर डाल देता है ।
जिसके उस आदमी की एक जोरदार चीख पूरे विला में गुंज उठती हैं । वह आदमी बुरी तरह से तड़प रहा था । क्युकी जो लिक्विड उसके जख्मों पर डाला गया था ।
वह तेजाब था । जिसके उस आदमी को असहनीय दर्द महसूस हो रहा था । तभी अभिमन्यु ने ठंडी आवाज में कहा,, नाम बताओ ।
उस आदमी ने दोबारा हिम्मत कर के बोला,, मै सच कह रहा हूं बॉस मुझे नहीं पता । तभी अभिमन्यु ने एक नुकीलीदार चाकू लिया और उसकी उसी जख्मों पर वार कर दिया ।
जहा पर उसने तेजाब डाला था । जिससे वे आदमी बुरी तरह से तड़प उठा । अब उस आदमी के अंदर और दर्द सहने की हिम्मत नहीं थी । उसकी हिम्मत जवाब दे चुकी थी । इसलिए उसने बोलना शुरू किया ।
बॉस उसका नाम अमित खुराना है । वे बिजनेस के साथ साथ माफिया वर्ल्ड से भी जुड़ा हुआ है । और उसका यहां मुंबई में बहुत बड़े बड़े कॉलेज भी है ।
जहा का वे प्रिंसिपल है । बहुत कम लोगों को ही पता है । की वे माफिया वर्ल्ड से भी जुड़ा हुआ है । वे दिखने में तो मामूली सा प्रिंसिपल है । लेकिन असलियत में वे बहुत खतरनाक है । उसी में मुझे ये काम करने को कहा था ।
ताकि वे आपको बिजनेस वर्ल्ड के साथ साथ माफिया वर्ल्ड मे भी मात दे सके ।
बॉस बस मुझे उसके बारे मैं इतना ही पता था,, बॉस अब मुझे जाने दीजिए । प्लीज बॉस मुझे माफ़ कर दीजिए । मै यहां से बहुत दूर चला जाऊंगा । आपको कभी भी नहीं दिखूंगा । प्लीज बॉस मुझे माफ़ कर दीजिए ।
उस आदमी की बात सुनकर अभिमन्यु जोर जोर से हंसने लगा । उसकी हंसी बहुत ही ज्यादा खतरनाक थी । फिर उसने अपनी हंसी को रोकते हुए,, बहुत ही डरावनी आवाज़ में कहा ।
मेरी दुनिया में माफी की कोई जगह नहीं । जिसे सुनकर उस आदमी की रुह कांप गई ।
अभिमन्यु ने काला की तरफ देखते हुए कहा । काला इसके छोटे छोटे टुकड़े कर के,, इसे मगरमचछो को दे दो । लेकीन याद रहे इसका आखीरी टुकड़ा होने तक ये जिंदा रहना चाइए । मुझे इसकी चीखे सुननी है,, जो मुझे बहुत ही ज्यादा सुकून देंगी ।
इतना कहकर वह सोफे पर अपने एक पैर पर दूसरा पैर रखकर अपनी दोनो बाहे सोफे पर फैला कर,, और अपना सर सोफे से टिकाकर बैठ गया । और उसने अपनी आंखें बंद कर ली ।
जैसे ही उसने अपनी आंखें बंद की । उसे आदमी की चीख अपने कानो में सुनाई देने लगी । उसकी चीख सुनकर अभिमन्यु के चेहरे पर तिरछी स्माइल आ गई । जैसे उसने किसी मधुर संगीत को सुन लिया हो ।
कुछ ही देर में जिस कमरे में उस आदमी की चीखे सुनाई दे रही थी । अचानक ही सब कुछ शांत हो गया । क्युकी वे आदमी अब मर चुका था ।
जिसे देखकर अभिमन्यु के चेहरे पर तिरछी स्माइल आ गई । फिर वे वहा से खड़ा हुआ और बोला,,
चलो इसका काम तो खतम हो गया । अब इसके मालिक की बारी है । उसकी भी तो खातिरदारी करनी होगी । उसने अपनी पॉकेट से फोन निकाला और अपने एसिस्टेंस अमन को कॉल किया और बोला ।
मुझे 10 मिनट्स के अंदर अंदर अमित खुराना की सारी जानकारी चाहिए । उधर से अमन की घबराई हुई आवाज आई,, जी जी बॉस ।
उसके इतना कहते ही अभिमन्यु ने फोन काट दिया । और अपने पॉकेट में डाल दिया । और टॉर्चर रूम से बाहर निकल गया और उसके पीछे पीछे काला और उसके बाकी के बॉडीगार्ड भी निकल गए ।
इधर अमन ने फोन की तरफ देखते हुए कहा । जल्लाद कही का जब देखो तब हुकुम चलाता रहता है मुझपर,, कभी ये नहीं कहता की थोड़ा प्यार से बात कर ले ।
( अमन जो दिखने मे काफी हेंडसम था । गोरा रंग,, काली आंखे,, काले बाल,, उम्र 27 साल और साथ ही अभिमन्यु का दोस्त और उसका एसिस्टेंस दोनो था । वे कंपनी से जुड़े हर एक कामों को देखता था । और उसका स्वभाव चंचल था । ये अभिमन्यु की तरह क्रुअल तो बिलकुल नही था । )
अमन अपने मन में अभिमन्यु को हजार गलियां देकर जल्दी से अपने काम पर लग गया । क्युकी उसको मालूम था की थोड़ी भी देर हुई । तो उसका बॉस उसे सजा देने में बिल्कुल भी देर नहीं करेगा ।