Chapter 1 (Sarvagya Nigam, एक नाम, हजार सवाल!)
सुबह का समय जब शहर के हर बुक स्टोर में एक ही किताब के चर्चे थे, "लव अनबाउंड : अ क्राई फॉर जस्टिस"।
सबकी जुबान पर बस इसी किताब का नाम था, यहाँ तक कि न्यूज़ चैनल्स पर भी इसी किताब के चर्चे हो रहे थे लेकिन इस किताब से भी ज्यादा चर्चे किसी के हो रहे थे तो वो था इस किताब का लेखक, सर्वज्ञ निगम।
सर्वज्ञ निगम, एक ऐसा नाम जिसे उसके 4 साल के करियर में आज तक किसी ने भी नहीं देखा, यहाँ तक कि उसके एडिटर्स ने भी नहीं। लोग उसे मास्कमैन, घोस्ट, डीमन, डेविल, वैंपायर और न जाने किन-किन नामों से बुलाते हैं और ऐसा क्यों है ये आपको आगे पता चलेगा।
एक कैफे में कुछ लोग सामने लगे टीवी पर न्यूज़ देख रहे थें जिसमें रिपोर्टर बोल रहा था, "जैसा कि आप सब देख सकते हैं कि अपने फैंस के बीच मास्कमैन, ब्रोकन एंजेल, घोस्ट, वैंपायर और न जाने किन किन नामों से जाने जाने वाले सर्वज्ञ निगम ने ट्रू क्राईम इंस्पायर्ड अपनी नई एक्शन थ्रिलर बी एल नोवेल, "लव अनबाउंड : अ क्राई फॉर जस्टिस" लॉन्च कर दी है।
इस नॉवेल के लॉन्च होते ही रीडर्स इसके लिए पागल हो चुके हैं। आलम ये है कि मार्केट से इसके दो स्टॉक ऑलरेडी खत्म हो चुके हैं और फिर भी इस नॉवेल की डिमांड कम होने का नाम नहीं ले रही है।
आखिर क्या है रीडर्स के इस क्रेज की वजह, जानते हैं इसके रीडर्स से।"
इतना बोल कर रिपोर्टर ने अपनी माइक कुछ लड़कों के तरफ घुमा दी जो उस बुक स्टोर से बाहर निकल रहे थें।
एक लड़के ने सामने आते ही कहा, "इस नॉवेल के इतने सक्सेसफुल होने की वजह हैं इसके ऑथर, सर्वज्ञ निगम। उनके बारे में ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि वो हर दर्द, हर तकलीफ की दास्तां को इतनी खूबसूरती से कागज पर उतारते हैं कि पढ़ने वाला रो-रो कर भी उनकी कहानियां पढ़ने से खुद को रोक नहीं पाता।"
दूसरे लड़के ने कहा, "इस बंदे की जो पहली नॉवेल आई थी, "अनकंडीशनल लव : फ्रॉम हेयर टू ईटरनिटी" बाय गॉड उसे पढ़ने के बाद से ही मैं इस बंदे का फैन हो गया हूँ।"
तभी तीसरे लड़के ने कहा, "अरे मैं तो बी एल पढ़ता ही नहीं था, मुझे ये जेनर ही अजीब लगता था लेकिन दिस मैन, ही इज आउट ऑफ दिस वर्ल्ड यार।
वो जो बी एल और ट्रू क्राइम का कॉम्बिनेशन बनाता है, अपनी कहानियों में जो थ्रिल डालता है, उसने मुझे बी एल लवर बना दिया एंड सर्वज्ञ निगम, यू आर रियली अ घोस्ट, मैन! दिखे बिना ही हमारे दिल और दिमाग के साथ खेल जाते हो।"
चौथे लड़के ने कहा, "कम ऑन सर्वज्ञ, शो अप, मैन। कभी तो अपना चेहरा दिखाओ। हम सबको जानना है कि कौन है इन कहानियों के पीछे, कौन है जो अपनी हर बी एल स्टोरी मे सोसाइटी का कोई न कोई ऐसा सच सामने ले आता है जिसे सोसाइटी देखना तक नहीं चाहती, कौन है वो शख्स जो जिंदगी को उस नज़रिए से देखता है जिस नज़रिए से हम आम लोग सोच भी नहीं पाते। इसलिए प्लीज़ सर्वज्ञ, शो अप, मैन! शो अप।"
फिर सारे लड़के एक साथ बोलने लगें, "शो अप सर्वज्ञ, शो अप सर्वज्ञ!"
रिपोर्टर ने माइक वापस लेते हुए कहा, "तो देखा आप सबने क्या क्रेज है सर्वज्ञ निगम का अपने रीडर्स के बीच। लोग दीवाने हैं उसके, उसकी कहानियों के।
लोग पागल हैं उसे देखने के लिए लेकिन फिर भी आज तक किसी ने उसे नहीं देखा, देखना तो दूर की बात, वो रहता कहाँ है, उसकी उम्र क्या है उसकी आवाज़ किसी है, ये तक कोई नहीं जानता। अगर किसी को कुछ पता है तो सिर्फ इतना कि दिस मैन इज डेंजरस।"
सभी लोग आराम से बैठ कर सामने चल रही न्यूज देख रहे थें तो वहीं उस भीड़ में एक जोड़ी आंखें ऐसी भी थीं जिनमें नफरत भरी हुई थी, एक ऐसी नफरत जो सब कुछ जला कर राख कर देना चाहती हो।
वो आंखें थीं एक लड़के की जिसकी उम्र यही कोई 25-26 साल रही होगी। उसने काले रंग की पैंट के साथ सफेद रंग की शर्ट पहनी हुई थी।
उसके गोरे शरीर पर ये कपड़े बहुत ही जंच रहे थें। उसके बाएं हाथ में एक महंगी सी स्पोर्ट्स वॉच थी तो दाएं हाथ में एक ब्रेसलेट जिस पर बहुत ही स्टाइल में आरव लिखा हुआ था।
उसके बाएं एक हाथ में एक किताब थी जिसका टाइटल था, "Owned by Obsession" जिस पर author name आरव शर्मा।
ये किताब भी हाल ही में लॉन्च हुई थी और इसने भी धूम मचाई थी पर इतनी नहीं जितनी लव अनबाउंड मचा रही थी और लव अनबाउंड के आने के बाद अब शायद ही कोई इस किताब के बारे में सोचने वाला था। आरव ने वो किताब अपनी जांघ पर रखी हुई थी और उसके दाएं हाथ में एक कॉफी का कप था।
उसकी हेजल आँखें गुस्से से टीवी स्क्रीन को घूरे जा रही थीं। उसके जबड़े भिंचे हुए थे और हाथ की पकड़ उसके कॉफी के कप पर कसती जा रही थी। उसके हाथों की नसें भी साफ दिख रही थीं।
उसने गुस्से में अपने दांत पीसते हुए कहा, "अरे बेवकूफ हो तुम सब जो उसे इतना महान बना रखा है। इसका सच तो मैं जानता हूँ और वो ये है कि सर्वज्ञ निगम सिर्फ औरों का इस्तेमाल करता है।
इसने सिंपल सा फंडा बना रखा है, दो लड़कों के बीच के 'सो कॉल्ड लव' पर एक कहानी लिखो, थोड़ा दर्द डालो, दो चार डायलॉग्स में आंसू और बस, बेस्टसेलर रेडी। कोई ना बेटा, उड़ ले जितना हवा में उड़ना है।
जिस दिन पब्लिक का टेस्ट बदला न, उस दिन तेरे इस बी एल को कोई पूछेगा भी नहीं और तब, तब मैं देखूंगा, तेरे नकाब के पीछे छिपा वो चेहरा कैसे अपनी औक़ात दिखाता है। तब देखूंगा मैं तेरा शर्म से झुका हुआ चेहरा।"
इतना बोल कर वो उठ खड़ा हुआ। उसने कॉफी का कप टेबल पर पटका और उस कैफे से बाहर निकल गया। वहीं उसके पीछे टीवी में अभी भी सर्वज्ञ का नाम ही गूंज रहा था।
जारी है...