बदचलन - Chapter 3
उर्वशी उसे लगता की फिल्म और टीवी सीरियलों की तरह उसका भी कोई राजकुमार आएगा जो उसका हर सपना पूरा करेगा, उसे बिल्कुल रानियों की तरह रखेगा, समाज की झूठी इज्जत की परवाह ना करके उसका साथ देगा एक औरत की नजर में सही मायने में उसकी इज्जत क्या होती है यह समझेगा और उसकी इज्जत कर कभी कोई आंच नहीं आने देगा,,,,,,,,
धीरे-धीरे दिन गुजरते गए और इस तरह उर्वशी ने अपनी वीऐ तक की पढ़ाई पूरी कर ली, अब बह 20 साल की हो चुकी थी, उसके माता-पिता अब उसके लिए किसी अच्छे रिश्ते की तलाश में थे,,,,,,,
उर्वशी की बड़ी बहन का विवाह भी कर दिया गया था और उसके माता-पिता की हिसाब से उसकी बड़ी बहन अपने ससुराल में बहुत खुश थी,,,,,,,
जबकि सच तो यह था कि बह अपने ससुराल में अपने मायके और अपनी ससुराल की इज्जत को बनाए रखने के लिए अपनी जिंदगी के साथ समझौता कर रही थी कि चाहे बह घुट घुट कर जिए उसकी हर उम्मीदों हर सपनों पर पानी फिर जाए लेकिन उसके मायके और उसके ससुराल कि समाज में बनी झूठी इज्जत पर कोई आंच ना आए,,,,,,
उर्वशी के माता-पिता ने उर्वशी के लिए भी एक रिश्ता पसंद कर लिया था,,,,,,
लड़के तीन भाई थे एक बड़ा भाई जिसकी शादी हो चुकी थी एक लड़का स्वयं और एक छोटा भाई और उसके माता-पिता,,,,,,
लड़का शहर में रहकर एक छोटी सरकारी नौकरी करता था, गांव में उसके माता पिता उसके भाई भाभी रहते थे, उसका छोटा भाई भी अधिकतर गांव में ही रहता था,,,,,,
उर्वशी के माता-पिता को यह रिश्ता ठीक लगा ऊपर से लड़का सरकारी नौकरी है यह सोचकर इंकार करने की कोई गुंजाइश तो बची नहीं थी इसलिए उसके माता-पिता ने यह रिश्ता पक्का कर दिया,,,,,,
और कुछ ही समय में शुभ मुहूर्त के हिसाब से उर्वशी का उस लड़के के साथ विवाह हो गया,,,,,,
अपनी शादी को लेकर उर्वशी के मन में हर लड़की की तरह ढेरों सपने ढेरों उम्मीदें थी, लेकिन उसने सोचा नहीं था कि अपनी शादी की पहली रात ही उसके सपनों पर पानी फिर जाएगा,,,,,,,,
अपनी शादी की पहली रात ही उसका पति शराब पीकर लड़खड़ाते कदमों से कमरे में आया,,,,,,
उर्वशी बेसब्री से जहां अपने पति के आने का इंतजार कर रही थी वही शराब के नशे में लड़खड़ाते आते हुए अपने पति को देखकर वह काफी हैरान रह गई है,,,,,,,
बह जल्दी से उठ कर उसको संभालने वाली थी, उससे पहले ही उसका पति शराब के नशे में बढ़ बढ़ाते हुए लड़खड़ा कर नीचे गिर गया और कुछ ही देर में नीचे ही गहरी नींद में सो गया,,,,,,,
उर्वशी ने जल्दी से उठ कर उसे उठाकर सहारा देकर पलंग पर लिटाया और उसके जूते खोलकर एक तरफ रखें,,,,,,
उर्वशी वही पलंग के पास नीचे जमीन पर बैठी फूट-फूट कर रोने लगी, उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे पहली रात ही यह सब कुछ देखना पड़ेगा,,,,,,,
उसे ऐसा लगा जैसे उसके सारे सपनों सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया हो, बह सारी रात रोती रही,,,,,,
सुबह उठकर उसने जैसे तैसे अपने आप को संभाला और कमरे से बाहर आ गई,,,,,,
उर्वशी के पिता ने अपनी हैसियत अनुसार काफी दान दहेज दिया था जिसकी वजह से उसके ससुराल वाले भी उर्वशी के साथ अच्छे से व्यवहार कर रहे थे,,,,,,,
उर्वशी घर के काम करते हुए बीती रात के बारे में सोच कर ही बहुत दुखी थी, लेकिन उस दिन उसे उसकी सास नई दुल्हन होने की वजह से ज्यादा काम नहीं करने दे रही थी,,,,,,,
वही उर्वशी ने महसूस किया कि पहले दिन ही उसकी जेठानी उससे काफी कटी कटी थी,बह उससे ठीक से बातें तक नहीं कर रही थी,,,,,,
लेकिन उर्वशी को इन सबसे ज्यादा टेंशन अपने पति को लेकर हो रहा था, बह सोच रही थी अगर ऐसा ही रहा तो उसका गुजारा कैसे होगा, कैसे उसकी जिंदगी बितेगी,,,,,
बह अभी यही सोच रही थी कि उसकी सास ने उससे कहा कि बहु जल्दी से जाकर अच्छे से तैयार हो जाओ तुम्हें देखने के लिए गांव की औरतें आने वाली है,,,,,,,,
यह सुनकर उर्वशी अपने कमरे में आई जैसे ही बह अपने कमरे में आई तो देखा कि उसका पति जाग चुका था और वह अपने कमरे में नहीं था,,,,,,,
फिर उर्वशी तैयार होकर कमरे से बाहर जाने वाली थी उससे पहले ही उसका पति वहां पर आ गया वह एक टक उर्वशी को देखने लगा,,,,,,
तब उर्वशी बोली रास्ता छोड़िए जाने दीजिए मुझे,,,,,,
यह सुनकर उसका पति हाथ पकड़कर उर्वशी को बेड पर बिठाते हुए उसके पास बैठते हुए बोला उर्वशी मुझे पता है कि कल रात की बात को लेकर तुम बहुत टेंशन में हो,,,,,,
लेकिन उर्वशी माफ करना है कल रात मेरे दोस्तों ने जबरदस्ती मुझे कुछ ज्यादा ही पिला दी थी इसकी वजह से मुझे कुछ होश ही नहीं रहा बरना मैं इतनी नहीं पीता हां उर्वशी कभी-कभी थोड़ी बहुत जरूर पी लेता हूं,,,,,,,,
यह सुनकर उर्वशी बोली आप पढ़े लिखे हो सरकारी नौकरी करते हो अगर ऐसे ही आप शराब पिएंगे तो क्या यह अच्छा लगेगा,,,,,,,
यह सुनकर उर्वशी का पति जिसका नाम सोमेंद्र था उर्वशी का हाथ अपने हाथों में लेकर बोला मुझे माफ करना उर्वशी लेकिन मैं तुमसे वादा करता हूं कि आज के बाद कभी शराब नहीं पियूंगा कसम से,,,,,,,
और वैसे भी जिसके पास इतनी सुंदर बीवी हो वह वाला शराब जैसी घटिया चीजों को अपने मुंह क्यों लगाएगा,,,,,,
उर्वशी को भी अपने पति की बातों पर विश्वास हो गया उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ गई और वह मुस्कुराते हुए बोली ठीक है पहली बार गलती तो भगवान भी माफ कर देता है,,,,,,,
यह सुन कर उसका पति मुस्कुराते हुए बोला मुझे यही उम्मीद थी तुमसे और पता था कि तुम मुझे जरूर माफ कर दोगी मैं आइंदा ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे तुम्हें ठेस पहुंचे,,,,,,,
यह सुनकर उर्वशी बोली ठीक है लेकिन अब मुझे जाना है गांव की कुछ औरतें आने वाली है,,,,,
यह सुनकर उसका पति बोला ठीक है ठीक है अभी तो जाओ मैं भी नहीं रोकूगा,,,,,,
यह सुनकर उर्वशी मुस्कुराते हुए कमरे से बाहर आ गई, अब उसके दिमाग में जो कुछ चल रहा था वह सब कुछ शांत हो चुका था,,,,,,,