सौम्य और शक्ति : किन्नर के अस्तित्व की Ch. 2

सौम्य और शक्ति : किन्नर के अस्तित्व की - Chapter 2

Posted by Ishra Aalam • May 04, 2026 10:18 AM

अब आगे ---

रात और सुबह के बीच का वह वक्त था जब दुनिया के सभ्य चेहरे धीरे-धीरे नींद में डूबने लगते हैं और शहर का दूसरा चेहरा अपनी असली रफ्तार पकड़ता है। अमेरिका के मैनहैटन शहर की चमचमाती सड़कों पर हल्की नमी थी।

आसमान पूरी तरह काला नहीं रहा था, लेकिन सूरज निकलने में अभी काफी वक्त था। ऊँची-ऊँची इमारतों की काँच की दीवारों पर क्लबों की नियॉन लाइट्स रंग बदल रही थीं। महंगी कारों की लंबी कतारें सड़क के किनारे खड़ी थीं और हवा में शराब, सिगार और महंगे परफ्यूम की मिली-जुली गंध घुली हुई थी।

शहर जाग रहा था… मगर उन लोगों के लिए नहीं जो सुबह ऑफिस जाने वाले थे। यह दुनिया उन लोगों की थी जिनके पास पैसा जरूरत से ज्यादा था और खालीपन उससे भी ज्यादा।

डाउनटाउन के सबसे महंगे और एक्सक्लूसिव क्लब “VELVET NOIR” के अंदर कान फाड़ देने वाला म्यूजिक गूंज रहा था। काली और नीली रोशनी के बीच धुएँ की हल्की परतें तैर रही थीं।

डांस फ्लोर पर लोग बेसुध होकर झूम रहे थे। कोई शराब में डूबा था, कोई किसी और के स्पर्श में। यहाँ हर चेहरा मुस्कुरा रहा था, लेकिन उन मुस्कानों में सच्चाई बहुत कम थी।

क्लब के सबसे प्राइवेट VIP सेक्शन में, काले लेदर के सोफे पर बेहद आराम से पीछे टिके बैठा था शक्ति सूर्यवंशी।

ब्लैक शर्ट के ऊपर महंगा चारकोल ग्रे सूट, गले के पास खुले दो बटन, कलाई में करोड़ों की घड़ी, उंगलियों में हल्की नसें उभरी हुईं और चेहरे पर वही खतरनाक सुकून, जो अक्सर उन लोगों में होता है जिन्हें दुनिया ने कभी “ना” सुनना सिखाया ही नहीं।

उसके हाथ में क्रिस्टल ग्लास था जिसमें एम्बर रंग की शराब धीरे-धीरे घूम रही थी। आसपास मौजूद लड़कियों की नजरें हर कुछ सेकंड बाद उसी की तरफ उठ जाती थीं। कुछ लोग उसे पहचानते थे, कुछ सिर्फ उसकी मौजूदगी से समझ जाते थे कि वह कोई आम आदमी नहीं।

शक्ति को इसकी आदत थी। लोग हमेशा उसकी तरफ देखते थे। उसके पास पैसा था, नाम था, पावर थी और वह चेहरा था जिसे देखकर लोग अनजाने में आकर्षित हो जाते थे। लेकिन जो चीज सबसे ज्यादा खतरनाक थी, वह उसकी आँखें थीं।

गहरी, ठंडी और अजीब तरह से खाली। जैसे वह सामने वाले को देखता जरूर हो, मगर भीतर कभी किसी को जगह न देता हो। उसकी गोद में आधी लेटी हुई लड़की ने मुस्कुराकर उसका चेहरा अपनी तरफ मोड़ा। उसने शिकायत भरे अंदाज़ में कहा।

“यू आर नॉट ईवन लिसनिंग टू मी,”

शक्ति ने उसकी तरफ देखा। कुछ सेकंड तक ऐसे देखा जैसे याद करने की कोशिश कर रहा हो कि वह क्या बोल रही थी। फिर उसके होंठों पर हल्की मुस्कान आई।

उसने धीमे स्वर में कहा,

“आई एम,,,,,, यू वेर सेइंग समथिंग अबाउट पेरिस।”

लड़की हँस पड़ी।

“मैं पिछले पाँच मिनट से मिलान की बात कर रही थी।”

शक्ति भी हल्का मुस्कुराया, मगर उसकी मुस्कान आँखों तक नहीं पहुँची। वह लड़की एलेना थी। पिछले आठ महीनों से मीडिया उसे शक्ति सूर्यवंशी की “official girlfriend” कह रही थी। एक मशहूर मॉडल, सोशल मीडिया स्टार और न्यूयॉर्क की पार्टी सर्कल की चर्चित लड़की।

खूबसूरत इतनी कि लोग उसे देखकर रुक जाते थे, और महत्वाकांक्षी इतनी कि वह हमेशा जानती थी किस इंसान के करीब रहना फायदे का सौदा है। लेकिन एलेना बाकी लड़कियों से थोड़ी अलग थी। कम से कम शक्ति के लिए। शायद इसलिए क्योंकि वह शक्ति से डरती नहीं थी। उसने उसकी टाई ढीली करते हुए कहा।

“तुम फिर कहीं खोए हुए हो,”

शक्ति ने सहजता से जवाब दिया।

“बिजनेस कॉल्स,"

एलेना मुस्कुराई,

“झूठ,,, जब तुम बिजनेस सोचते हो ना… तब तुम्हारी आँखें और ज्यादा ठंडी हो जाती हैं।”

शक्ति ने एक सेकंड के लिए उसकी तरफ देखा। फिर ग्लास होंठों तक ले गया।

“तुम मुझे बहुत observe करती हो।”

एलेना उसके चेहरे पर उंगली फेरते हुए बोलीं,

“और तुम किसी को खुद को समझने नहीं देते।”

यह सुनकर शक्ति के चेहरे पर एक अजीब-सी मुस्कान आई। वह मुस्कान ऐसी थी जिसमें मनोरंजन कम और चेतावनी ज्यादा थी।

“शायद इसलिए क्योंकि लोग जितना समझते हैं… उससे ज्यादा उम्मीदें पाल लेते हैं।”

एलेना कुछ पल उसे देखती रही। फिर धीरे से बोली,

“तुम्हें पता है? कभी-कभी लगता है तुम इस पूरी दुनिया से bored हो चुके हो।”

उसने जवाब ऐसे दिया जैसे उसे सचमुच फर्क नहीं पड़ता।

“Maybe I am.”

पास खड़े लोग हँस रहे थे, शराब बह रही थी, डांस फ्लोर पर शरीर एक-दूसरे से टकरा रहे थे… लेकिन शक्ति उस सबके बीच भी अलग दिखता था। जैसे वह उस दुनिया का हिस्सा होकर भी उससे disconnected हो।

उसके दोस्त विक्टर ने पास आकर उसके कंधे पर हाथ मारा।

“हे, मैन! आफ्टर पार्टी स्टार्टिंग एट माय पेंटहाउस. यू कमिंग?”

शक्ति ने बिना उत्साह के उसकी तरफ देखा।

“नॉट टुडे।”

वो उसकी तरफ देख कर बोला,

“क्यों? ये तुम्हारा जवाब नहीं होता।”

शक्ति ने बॉरीयत से कहा,

“हर रात एक जैसी नहीं होती।”

विक्टर ने भौंह उठाई।

“किसी ने दिल तो नहीं तोड़ दिया तुम्हारा?”

यह सुनकर आसपास बैठे लोग हँस पड़े। शक्ति भी हल्का मुस्कुराया, मगर उसकी आँखों में ठंडक जस की तस रही।

“दिल रखने के लिए पहले होना भी चाहिए।”

एलेना ने उसकी तरफ देखा। वह जानती थी यह मजाक नहीं था।

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करीब तीन बजे क्लब की भीड़ थोड़ी कम होने लगी। लोग लड़खड़ाते हुए बाहर निकल रहे थे। बाहर ठंडी हवा पहले से ज्यादा तेज हो चुकी थी। शक्ति क्लब से बाहर निकला तो सिक्योरिटी गार्ड तुरंत सीधा खड़ा हो गया। सड़क के किनारे उसकी काली Mercedes-Maybach S-Class खड़ी थी। ड्राइवर आगे बढ़ा, लेकिन शक्ति ने चाबी खुद ले ली।

“आई’ल ड्राइव।”

एलेना बिना कुछ कहे उसके साथ passenger seat पर बैठ गई।

कार सड़क पर उतर गई। न्यूयॉर्क की चमचमाती रात धीरे-धीरे फीकी पड़ रही थी। रास्ते में कहीं-कहीं सुबह की हल्की धुंध उतरने लगी थी। कार के अंदर धीमा अंग्रेजी गाना चल रहा था और कुछ देर तक दोनों में कोई बात नहीं हुई।

एलेना ने खिड़की से बाहर देखते हुए पूछा,

“क्या तुम कभी इंडिया वापस जाओगे?”

शक्ति ने steering पर उंगलियाँ थपथपाईं।

“क्यों?”

एलेना ने कंधे उचका कर कहा,

“बस ऐसे ही। तुम्हारे parents हर दूसरे हफ्ते तुम्हें बुलाते रहते हैं।”

शक्ति हल्का हँसा।

“मेरे parents को लगता है मैं अभी भी सोलह साल का हूँ।”

वो उसकी तरफ देख कर बोली,

“और क्या वो गलत हैं?”

शक्ति ने कॉन्फिडेंस से कहा,

“Absolutely.”

एलेना उसकी तरफ मुड़ी।

“फिर भी तुम उनकी हर बात मान लेते हो।”

इस बार शक्ति ने जवाब देने में थोड़ा वक्त लिया।

“मैं उनकी हर बात नहीं मानता।”

वो उसकी आंखों में देखते हुए बोलीं,

“लेकिन उनकी इज्जत करते हो।”

शक्ति भी उसकी आंखों में देखते हुए बोला, फिर आंखें फेर ली।

“वो deserve करते हैं।”

कार एक आलीशान residential area में मुड़ी जहाँ हर घर किसी छोटे palace जैसा दिखता था। ऊँचे गेट, private gardens, security cameras और लंबी driveways। एलेना का घर उन्हीं में से एक था।

असल में… घर नहीं, एक luxury mansion। वह mansion जो शक्ति ने पिछले साल उसके birthday पर उसे gift किया था।

कार gate के सामने रुकी। सेंसर के साथ विशाल gate अपने आप खुल गया। एलेना ने धीमे से उसकी तरफ देखा।

“तुम्हें पता है? कभी-कभी मुझे लगता है तुम चीजें खरीदकर emotions avoid करते हो।”

शक्ति ने भौंह उठाई।

“That’s a very expensive accusation. और शायद true भी।”

कार रुक गई। कुछ सेकंड तक दोनों चुप बैठे रहे। बाहर हल्की सुबह उतरने लगी थी। आसमान अब गहरे नीले से स्लेटी होने लगा था। एलेना उसकी तरफ झुकी।

“Come upstairs?”

शक्ति ने उसकी आँखों में देखा। वह खूबसूरत थी। बेहद। शायद दुनिया के हिसाब से उसके पास सबकुछ था जो कोई आदमी चाह सकता है। लेकिन फिर भी, जाने क्यों, उसे अचानक अजीब थकान महसूस हुई।

“Not today.”

एलेना ने उसे कुछ सेकंड तक देखा। फिर मुस्कुराई, मगर उस मुस्कान में हल्की निराशा थी।

“One day, Shakti… तुम्हें किसी चीज़ से सच में प्यार होगा। और उस दिन तुम सबसे ज्यादा डरोगे।”

शक्ति हल्का हँसा।

“That sounds dramatic."

वो कार का दरवाजा खोल कर बोली,

" ‌Maybe. But true.”

वह कार से उतर गई। जाते-जाते मुड़ी।

“Good night… or good morning, Mr. Suryavanshi.”

शक्ति ने सिर हिलाया। गेट बंद हो गया। कुछ सेकंड तक वह वहीं खड़ा mansion देखता रहा। फिर उसने लंबी सांस ली और कार वापस सड़क पर मोड़ दी।

सुबह अब पूरी तरह उतरने लगी थी। शहर का दूसरा चेहरा जाग रहा था। ऑफिस जाने वाले लोग, कॉफी शॉप्स, अखबार, ट्रैफिक। और उसी वक्त उसकी कार में रखा फोन बज उठा।

स्क्रीन पर नाम चमका" PRATAP SURYAVANSHI."

शक्ति की आँखों में हल्की झुंझलाहट उतर आई। उसने कॉल उठाई।

“डैड।”

दूसरी तरफ भारी और अधिकारपूर्ण आवाज़ आई।

“तुम जाग रहे हो?”

शक्ति सामने देख कर ड्राइव करते हुए कहा,

“नहीं। नींद में ड्राइव कर रहा हूँ।”

प्रताप ने उसकी बात अनसुनी कर दी।

“अगली फ्लाइट से इंडिया वापस आ रहे हो।”

शक्ति का हाथ steering पर थोड़ा कस गया।

“Why?”

उन्होंने सपाट लहजे में कहा,

“क्योंकि मैंने कहा है।”

शक्ति ने भी वैसे ही पुछा

“Good reason.”

कुछ पल चुप्पी रही। फिर प्रताप धीमे मगर सख्त स्वर में बोले,

“तुम्हारी शादी तय हो चुकी है।”

कार की speed अचानक थोड़ी कम हो गई। शक्ति की आँखों में पहली बार genuine surprise उभरा। फिर अगले ही पल वह हल्का हँस पड़ा।

“You’re kidding.”

उन्होंने फिर वैसे ही जवाब दिया।

“मैं मजाक नहीं करता।”

शक्ति ने चिढ़ और गुस्से के मिले-जुले भाव से कहा,।

“डैड, मैं कोई political alliance नहीं हूँ जिसे आप किसी के साथ merge कर दें।”

प्रताप सूर्यवंशी सांस भर कर बोले,

“ये फैसला आज का नहीं है। बहुत पहले लिया गया था।”

शक्ति गुस्से से बोला,

“तो बहुत पहले cancel भी हो जाना चाहिए था।”

प्रताप की आवाज़ अब और ठंडी हो चुकी थी।

“लड़के का नाम सौम्य चौहान है।”

शक्ति ने तुरंत भौंह सिकोड़ दी।

“चौहान?”

वो ऐसे बोलते हैं जैसे शक्ति को कुछ याद दिला रहे हो।

“हाँ। हरीहर चौहान का बेटा।”

कुछ सेकंड तक कार के अंदर सिर्फ engine की आवाज़ गूंजती रही। शक्ति उस नाम को पहचानता था। उसके पिता कई बार हरीहर चौहान का जिक्र कर चुके थे। एक ऐसा आदमी जिसने कभी प्रताप सूर्यवंशी के परिवार की जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी थी।

लेकिन अगले ही पल प्रताप की अगली बात ने उसके चेहरे का भाव बदल दिया।

“और हाँ… सौम्य किन्नर है।”

ब्रेक इतनी जोर से लगे कि कार सड़क किनारे रुक गई। कुछ सेकंड तक शक्ति बिल्कुल चुप बैठा रहा। उसे लगा शायद उसने गलत सुना है। फिर वह धीमे से हँसा। वह हँसी गुस्से से भरी थी।

“You can’t be serious.”

प्रताप सूर्यवंशी फिर स्पाट आवाज में बोले

“मैं पूरी तरह serious हूँ।”

शक्ति स्टेरिंग पर हाथ मारते हुए बोला,

“आप चाहते क्या हैं मुझसे?”

वो सीधे जवाब देते हैं।

“मैं चाहता हूँ कि तुम इंडिया आओ। और शादी करो।”

शक्ति की आँखों में अब साफ गुस्सा उतर आया था।

“A kinnar? Seriously, dad?”

प्रताप सूर्यवंशी गुस्से से बोले,

“अपनी जुबान संभालकर बात करो,”

प्रताप की आवाज़ पहली बार खतरनाक हुई,

“जिस इंसान के बारे में तुम बात कर रहे हो, उसके पिता की वजह से आज तुम जिंदा हो।”

शक्ति भी गुस्से से बोला,

“तो उसका कर्ज मुझसे शादी करवाकर चुकाएँगे आप?”

प्रताप उसकी बात पर मोहर लगाते हुए बोले,

“अगर जरूरत पड़ी तो हाँ।”

शक्ति ने गुस्से में दांत पीसते हुए कहा,

“Impossible.”

प्रताप सूर्यवंशी ने सांस लेकर कहा,

“तुम्हारे पास choice नहीं है।”

शक्ति की हँसी इस बार बिल्कुल ठंडी थी।

“Everyone has a choice.”

प्रताप सूर्यवंशी बात करते हुए बोले,

“तो मेरी भी सुन लो,,,,,, अगर तुमने इस रिश्ते से इंकार किया… तो सूर्यवंशी ग्रुप में तुम्हारा कोई हक नहीं रहेगा।”

कार के अंदर अचानक सन्नाटा छा गया।

शक्ति का चेहरा अब पूरी तरह कठोर हो चुका था।‌ प्रताप ने आखिरी बार कहा,

“फ्लाइट details तुम्हें भेज दी जाएँगी।”

कॉल कट गया।‌ कुछ सेकंड तक शक्ति वहीं बैठा रहा। फिर उसने गुस्से में फोन passenger seat पर फेंक दिया। उसकी साँसें भारी हो चुकी थीं।

सुबह की पहली धूप कार के शीशे पर पड़ रही थी। लेकिन उस पल शक्ति सूर्यवंशी की जिंदगी में पहली बार कुछ ऐसा हुआ था… जिस पर उसका कोई control नहीं था। शक्ति कार स्टार्ट कर घर की तरफ चल पड़ता है।

आगे जानने के लिए बने रहीए ✨ 🙂

By ishra zafar aalam....

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