पिंजर : अ केज ऑफ इविल डिजायर्स - Chapter 3
पंछी जिस हालत में घर पहुँची थी, उसके बाद आस-पास के लोगों और मीडिया में वह चर्चा का विषय बन गई थी। पंछी का केस एक हाई प्रोफाइल केस बन गया था, जिसके पीछे की वजह ऋषिकेश का एमएलए अद्वैत सिंह ठाकुर था। पंछी की लाश मिलने की अफ़वाह फैलते ही उसके अंतिम संस्कार को कवर करने के लिए लोकल मीडिया पहुँच चुकी थी और इसी वजह से पंछी के अपने ही फ्यूनरल के दिन घर आना सबकी नज़रों में आ गया था।
अद्वैत सिंह ठाकुर इस वक्त पंछी के पास अस्पताल में मौजूद था। खुद रोहिताश और गरिमा को भी उसके कमरे में जाने की इजाज़त नहीं दी गई थी क्योंकि पंछी का मेडिकल टेस्ट हो रहा था, लेकिन अद्वैत को रोकने वाला कोई नहीं था। वह इस वक्त पंछी के कमरे में मौजूद था और उसकी हालत देखकर उसे गुस्सा आ रहा था।
अद्वैत ने अपनी मुट्ठियों को कसकर बाँध रखा था। उसने डॉक्टर की तरफ देखा और दाँत भींचते हुए कहा, “क्या हुआ है इसके साथ?”
“अभी प्रॉपर रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन इनिशियल चेकअप से यही लग रहा है कि...” डॉक्टर बोलते-बोलते रुक गया था, तभी अद्वैत तेज़ और सख्त आवाज़ में बोला, “हमने आपसे कुछ पूछा है डॉक्टर, पंछी के साथ क्या हुआ है?”
“फिजिकल एसॉल्ट और रेप का मामला लगता है। वायलेंस भी काफी ज़्यादा हुई है। उम्मीद है कि हमें प्रॉपर मेडिकल के बाद यह सब करने वाले का डीएनए सैंपल मिल जाए।” डॉक्टर ने नज़रें झुकाकर कहा।
जैसे ही डॉक्टर ने पंछी की हालत के बारे में बताया, अद्वैत ने एक पल के लिए अपनी आँखों को कसकर बंद कर लिया था, फिर उसने पंछी की तरफ देखा। हालाँकि उसने कपड़े पहन रखे थे, लेकिन जहाँ भी उसके शरीर का हिस्सा दिखाई दे रहा था, ऐसा लग रहा था कि उसे बेल्ट या बेंत जैसी चीज़ से पीटा गया है। चेहरे पर भी मारपीट के कई निशान थे।
“हमें उम्मीद है कि पंछी के होश में आने के बाद वह पुलिस को अपना स्टेटमेंट दे पाए। चिंता मत कीजिए, यह जल्दी ठीक हो जाएगी।” डॉक्टर ने अद्वैत को आश्वासन दिया।
अद्वैत ने डॉक्टर की बात का कोई जवाब नहीं दिया, बस वह पंछी को एकटक देख रहा था। उसने पंछी की तरफ देखते हुए धीमी आवाज़ में कहा, “यह क्या हो गया तुम्हारे साथ? हमें माफ़ करना, वादा करने के बाद भी हम तुम्हें तुम्हारी खुशियाँ नहीं दिला पाए, पंछी।”
डॉक्टर के काम में ज़्यादा खलल न डालते हुए अद्वैत कमरे से बाहर आ गया था, लेकिन उसका चेहरा उतरा हुआ था। अद्वैत को देखते ही रोहिताश जल्दी से उसके पास गया।
“पंछी कैसी है? क्या उसको होश आ गया है?” रोहिताश ने जल्दी से पूछा।
अद्वैत ने ना में सिर हिला दिया था। उसे आगे कुछ कहने का मौका नहीं मिला क्योंकि रिपोर्टर उसके पास आ गए थे और उन्होंने अपने माइक अद्वैत के सामने कर दिए थे। उनके सवाल-जवाब एक-एक करके शुरू हो गए थे।
“विधायक जी, आप अभी पंछी श्रीवास्तव को देखने के लिए अंदर गए थे? क्या वह ठीक है?”
“क्या पता चला, उनके साथ क्या हुआ है और यह किसने किया है? पुलिस को भी अंदर नहीं जाने दिया गया, लेकिन आप अंदर गए थे। क्या पंछी बयान देने की हालत में नहीं है?”
“क्या उन्होंने बताया कि उनके साथ रेप किसने किया है?”
जैसे ही यह सवाल निकलकर आया, अद्वैत ने सर्द निगाहों से रिपोर्टर की तरफ देखा, लेकिन वह एक लाइव कवरेज था। अद्वैत की इमेज काफी अच्छी थी और वह ऐसा इंसान नहीं था जो मीडिया और बाकी लोगों को दबाने के लिए अपने पद का इस्तेमाल करे; यही वजह थी कि अद्वैत वहाँ के लोगों के बीच एक ईमानदार और युवा नेता के तौर पर प्रचलित था, जो 30 साल की उम्र में इतने बड़े पद को जीत चुका था। हर जेनरेशन उसे पसंद करती थी। अपने गुड लुक्स और पब्लिक के बीच अच्छे बिहेवियर के चलते लड़कियाँ उसे बहुत पसंद करती थीं।
अद्वैत ने अपनी मुट्ठियों को कसकर बाँध लिया था, तो वहीं इस सवाल के साथ ही गरिमा के कदम लड़खड़ा गए थे।
अद्वैत ने अपने गुस्से को काबू किया और शांत आवाज़ में कहा, “क्या आपको नहीं लगता कि विक्टिम का परिवार पहले से ही काफी परेशान है? ऊपर से पूरे 2 महीने बाद वह घर लौटी है, आपको इस तरह अस्पताल में आकर उन्हें परेशान नहीं करना चाहिए। उम्मीद है आप अपनी सीमाओं और अधिकार का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे। बाकी पंछी के साथ जो भी हुआ है या जिसने भी किया है, यह पता लगाने का काम सीनियर इंस्पेक्टर मिस्टर निशान्त काफी अच्छे से करेंगे।”
अद्वैत ने काफी अच्छे से उन्हें समझाया और बाहर भेज दिया था, लेकिन उसकी बातों से एक और बात की पुष्टि हो गई थी। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अद्वैत ने इस बात से इनकार नहीं किया था कि पंछी के साथ रेप हुआ है, बल्कि उसने मीडिया को वहाँ से दूर जाने के लिए कहा था।
मीडिया अपने-अपने तरीके से न्यूज़ को कवर कर रही थी, लेकिन हाँ, अब वह अद्वैत के समझाने पर हॉस्पिटल के अंदर आने के बजाय हॉस्पिटल के बाहर खड़ी हुई थी।
जैसे ही वे लोग वहाँ से गए, अद्वैत ने अपने पीए महीप मिश्रा की तरफ देखा। वह उम्र में 65 साल के करीब थे। महीप जी का अनुभव और अद्वैत के नए आइडियाज़ अद्वैत के राजनीतिक करियर में उसकी काफी मदद करते थे।
“मीडिया को यहाँ किसने बुलाया महीप जी?” अद्वैत ने महीप जी की तरफ देखकर पूछा।
“मीडिया पहले से ही श्रीवास्तव हाउस के आगे मौजूद थी। आप तो जानते हैं कि मिस श्रीवास्तव के गायब होने के बाद से ही हर कोई उनके मिलने का इंतज़ार कर रहा था। ऊपर से आप इस केस में इंवॉल्व थे, तो आम जनता भी खास इंटरेस्ट दिखा रही थी। वह बिना बुलाए ही यहाँ पर पहुँच गई।” महीप ने जवाब दिया।
“तो इसकी वजह हम हैं। शायद हमें पंछी की ज़िंदगी में ही इंवॉल्व नहीं होना चाहिए था, तो उसकी ज़िंदगी में शायद आज ये मुसीबतें नहीं आतीं। कहीं ना कहीं हमें लगता है कि यह हमारे ही किसी दुश्मन का काम है, जिसने हमसे बदला लेने के लिए पंछी को निशाना बनाया।” अद्वैत ने अफसोस भरे लहजे में कहा।
अद्वैत ने इस केस में काफी मदद की थी और वह इन सब का ज़िम्मेदार खुद को समझ रहा था। यह सुनते ही रोहिताश ने तुरंत कहा, “ऐसा मत कहिए सर, अगर आज आप नहीं होते तो हमारे लिए पंछी की मिसिंग रिपोर्ट तक फाइल करना मुश्किल हो जाता। ईश्वर जानता है कि आपने हमारी कितनी मदद की है।”
“लेकिन आज हमारी वजह से ही मीडिया यहाँ पहुँच गई और ऊपर से ना जाने उन्हें पंछी के साथ रेप के बारे में कैसे पता चला।” अद्वैत ने भारी आवाज़ में कहा।
“तो क्या सच में...” रोहिताश ने कांपती आवाज़ में पूछा। वह अपनी बात तक पूरी नहीं कर पाए थे।
उन्हें अभी पंछी के बारे में पूरा पता नहीं था। वह बस यही सोच रहे थे कि मीडिया सुनी-सुनाई बातों पर यकीन कर रही है। उनकी बात पर पुष्टि करते हुए अद्वैत ने हल्के से सिर हिला दिया था।
“अब तक तो सबको पता चल गया होगा और हमारी बेटी के साथ क्या होगा? उसका भविष्य तो पूरी तरह बर्बाद हो गया।” गरिमा रोते हुए बोली।
गरिमा का इशारा किस तरफ था, वह सब अच्छे से समझ रहे थे। उसे यही लग रहा था कि एक रेप विक्टिम को कोई भी अपने घर की बहू नहीं बनाना चाहेगा।
अद्वैत उन्हें आगे जाकर दिलासा देना चाहता था, लेकिन तभी उनके पास खड़े श्रव्य ने कहा, “यह आप कैसी बातें कर रही हैं मम्मी? पंछी का भविष्य क्यों नहीं है? और मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कोई क्या कहता है। हम दोनों साथ रहना चाहते थे और हमेशा साथ रहेंगे।”
श्रव्य आज भी पंछी के साथ खड़ा हुआ था, यह देखकर गरिमा ने आँखों ही आँखों में उसे धन्यवाद कहा और उसके हाथों को कसकर पकड़ लिया था।
वहीं अद्वैत भी श्रव्य को देख रहा था। उसने गहरी साँस लेकर कहा, “हमें गर्व है कि आप इतना सब कुछ होने के बाद भी पंछी का साथ देना चाहते हैं, वरना यह मत सोचिएगा कि वह कभी अकेली है। हम तब भी उसके साथ खड़े थे जब उसने हमसे शादी से इनकार करके तुम्हें शादी के लिए हाँ कहा था, और आज फिर उसके साथ खड़े हैं जब उसके साथ यह सब हो गया है।”
अद्वैत का इशारा इसी तरफ था कि अगर श्रव्य शादी के लिए इनकार भी करता तो उसे फर्क नहीं पड़ता, वह पंछी से आज भी शादी करने के लिए तैयार था। अद्वैत को आज भी वह दिन याद था जब उसने पहली बार पंछी को देखा था और तभी उससे शादी करने के बारे में सोच लिया था। उसे आज भी पंछी का वह मुस्कुराता हुआ चेहरा याद था, लेकिन अद्वैत को ज़्यादा कुछ सोचने का मौका नहीं मिला क्योंकि डॉक्टर बाहर आ गए थे। उनके चेहरे के भाव गंभीर थे और उन्होंने तुरंत श्रीवास्तव फैमिली के साथ अद्वैत को अंदर केबिन में बुलाया था। मौका देखकर श्रव्य भी उनके साथ आ गया था।
डॉक्टर के चेहरे के भाव बता रहे थे कि उन्होंने कोई अच्छी खबर देने के लिए तो उन्हें अंदर बुलाया नहीं था।
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क्या हुआ है पंछी के साथ, जो डॉक्टर अचानक इतने सीरियस हो गए? आपको किसका कैरेक्टर ज्यादा अच्छा लगा? अद्वैत का या फिर श्रव्य का। कमेंट में जरूर बताइएगा। अगले पार्ट पर मिलते हैं और सब पढ़कर समीक्षा करके जाइएगा।