रूबी डार्लिंग के चूतड़ों को मसल दिया
संगीत और आहों के उस शोर के बीच अचानक कसीनो की मर्यादा तार-तार हो गई। दीवानगी की हद पार कर चुका एक भारी-भरकम जुआरी सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे स्टेज पर चढ़ आया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने आगे बढ़कर रूबी के नंगे चूतड़ों को अपने दोनों हाथों की गिरफ्त में लिया और बेदर्दी से दबा दिया।
पूरे हॉल की सांसें एक पल के लिए थम गईं, लेकिन रूबी विचलित नहीं हुई। उसने अपनी आँखें बंद कीं और उसके हलक से एक ऐसी तीखी, कातिलाना आह निकली जो दर्द और चरम आनंद के बीच झूल रही थी। वह आह लाउडस्पीकरों से गूंजती हुई कसीनो के कोने-कोने में फैल गई।
उस आवाज का असर ऐसा था कि नीचे खड़े बाकी जुआरियों के गले सूख गए। सबकी धड़कनें रुक सी गईं और माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा और उत्तेजना घुल गई, मानों उस एक आह ने पूरे कसीनो को अपनी गिरफ्त में ले लिया हो।
स्टेज पर बिजली की कड़कड़ाहट और संगीत का शोर जैसे इस नए मंजर के सामने फीका पड़ गया था। वह जुआरी पूरी तरह होश खो चुका था; वह जितनी शिद्दत और बेरहमी से रूबी के चूतड़ों को अपने हाथों में मसलता, रूबी के मुंह से उतनी ही तीखी और मदहोश कर देने वाली आहें निकलतीं।
वह एक-एक आह कसीनो के लाउडस्पीकरों से टकराकर जब हॉल में गूंजती, तो नीचे खड़े जुआरियों की हालत और खराब हो जाती। हर कराह के साथ नीचे खड़े मर्दों के गले सूखे जा रहे थे, जैसे उनके हलक का पानी ही गायब हो गया हो।
पूरे हॉल में एक अजीब सी दीवानगी और सन्नाटा पसर गया था। लोग अपनी आँखों के सामने घट रहे इस बदन के खेल को देख रहे थे और हर मसलते हाथ और हर निकलती आह के साथ पूरे कसीनो का तापमान आख़िरी हद तक बढ़ता जा रहा था।
कसीनो का वह कोना अब पूरी तरह से एक मदहोश कर देने वाले थिएटर में तब्दील हो चुका था। स्टेज पर मौजूद उस जुआरी के हाथ बिना रुके रूबी के नंगे चूतड़ों को लगातार मसल रहे थे, और हर रगड़ के साथ रूबी की वो तीखी, मदहोश कर देने वाली आहें लगातार कसीनो के लाउडस्पीकरों से गूंज रही थीं। इस मंजर ने नीचे खड़े बाकी लोगों के दिमाग को पूरी तरह सुन्न कर दिया था।
टेबल्स पर रखी बीयर की बोतलें एक के बाद एक खाली होकर गिर रही थीं। जुआरियों के हाथ कांप रहे थे और वे बिना सोचे-समझे अपने पत्तों और रूले के नंबरों पर अंधाधुंध पैसा बstate कर रहे थे। उनका ध्यान खेल पर था ही नहीं, उनकी नजरें और कान सिर्फ स्टेज से आ रही आवाजों और दृश्यों पर टिके थे।
नतीजा यह हुआ कि टेबल पर बैठा हर बड़ा खिलाड़ी लगातार बड़ी रकमें हारता जा रहा था। कसीनो के गल्ले में नोटों की गड्डियां जमा हो रही थीं, जबकि जुआरी अपनी जेबें खाली करते हुए भी उस सम्मोहन से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। रूबी का वह बदन और उसकी आहें उस रात कसीनो के लिए सबसे बड़ा सट्टा साबित हो रही थीं, जहाँ हर कोई अपनी दौलत हारने के लिए खुद लाइन में लगा था।
उस मदहोश माहौल में अचानक एक तीखी, चटाक की आवाज गूंजी। खिंचाव के उस आखिरी बिंदु पर आकर रूबी के थ्रोंग की डोरी टूट गई और वह सरककर सीधे स्टेज के ठंडे फर्श पर जा गिरा। इस अचानक हुए बदलाव पर रूबी के हलक से एक और गहरी, कंपकंपाती हुई आह निकली, जो पहले से कहीं ज्यादा तीखी थी।
इस मंजर को देखते ही नीचे खड़ी भीड़ का बचा-कुचा संयम भी पूरी तरह ढह गया। जुआरी अब जुआरी नहीं रहे थे; वे होशो-हवास खो चुके शराबी बन चुके थे, जो शराब की बोतलों को सीधे मुंह से लगाए अपनी सुध-बुध भूल रहे थे। अब खेल के नियमों या पैसों की किसी को परवाह नहीं थी।
थ्रोंग के हटते ही रूबी के जिस्म का वह आखिरी रहस्य भी बेपर्दा हो चुका था। उसकी योनि की पंखुड़ी अब सीधे कसीनो की लाल-नीली लाइटों के नीचे सबके सामने पूरी तरह नुमायां थी। इस चरम दीवानगी को देखकर रूबी के चेहरे पर वही पुरानी, बेहद शातिर और कातिलाना हंसी फिर से तैर गई। वह जानती थी कि इस एक पल ने वहाँ मौजूद हर रईस और जुआरी को पूरी तरह उसका बंधक बना दिया था।
कसीनो का माहौल अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुका था। स्टेज पर मौजूद जुआरी की दीवानगी आखिरी हद पार कर गई। रूबी के नंगे चूतड़ों को बेरहमी से मसलते हुए, उसके हाथ आगे बढ़े और उसने पूरी ताकत से रूबी की योनि की नाजुक पंखुड़ी को अपनी उंगलियों में जकड़कर खींच लिया।
इस अचानक और तीखे अहसास से रूबी का पूरा बदन कांप उठा। उसने अपनी आँखें बंद कीं और उसके हलक से एक ऐसी गहरी, चीखती हुई आह निकली जो पूरे कसीनो हॉल की दीवारों से टकराकर गूंज उठी। उस आवाज में दर्द और चरम उत्तेजना का ऐसा खौफनाक मेल था कि नीचे बैठे जुआरियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
वह आह इतनी जोरदार और सम्मोहक थी कि सामने बैठे बड़े-बड़े रईसों और खिलाड़ियों का मानसिक संतुलन पूरी तरह डगमगा गया। नशे और दीवानगी के उस झटके को वे बर्दाश्त नहीं कर पाए, और देखते ही देखते कई जुआरी लड़खड़ाकर अपनी कुर्सियों से सीधे फर्श पर गिर पड़े। चारों तरफ ताश के पत्ते, शराब के ग्लास और कसीनो के चिप्स बिखर गए, लेकिन किसी को अपनी चोट या गिरे हुए पैसों की परवाह नहीं थी; सबकी नजरें बस स्टेज पर थमी हुई थीं।
स्टेज पर मर्यादा और नियंत्रण की हर सीमा टूट चुकी थी। उस जुआरी के हाथ अब पूरी तरह बेलगाम हो चुके थे। एक हाथ से रूबी की योनि की पंखुड़ी को खींचते हुए, उसने दूसरे हाथ से झटके के साथ उसकी ब्रा की पट्टी को भी खींचकर अलग कर दिया।
चटाक की आवाज के साथ ब्रा खुली और फर्श पर जा गिरी। इसी के साथ रूबी के गोल-मटोल, गुलाबी दूध भी कसीनो की तीखी लाइट्स के नीचे सबके सामने पूरी तरह नंगे हो गए। ब्रा के हटते ही उन गुलाबी स्तनों पर सजी वह बारीक बाली कसीनो की लाल-नीली रोशनी में और तेजी से चमकी।
अब रूबी स्टेज पर उस जुआरी के सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी। धुएं, रोशनी और भारी संगीत के बीच उसका पूरा नग्न बदन वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखों के सामने था। कसीनो का वह आलीशान हॉल अब किसी जुए के अड्डे से बदलकर बदन की नुमाइश और दीवानगी के चरम केंद्र में तब्दील हो चुका था, जहाँ हर देखने वाला सुध-बुध खोकर बस इस अकल्पनीय दृश्य को फटी आँखों से देख रहा था।