My Strict Professor - Chapter 3
chapter 3: प्रोफेसर रुद्र का गुस्सा और आयरा के आँसू
एक तरफ एक सफल बिजनेसमैन का कड़क तेवर और दूसरी तरफ कॉमर्स प्रोफेसर की गंभीरता। उनकी रोबदार पर्सनालिटी ने पूरी क्लास को एक ही सेकंड में खामोश कर दिया।
आयरा की नज़र जैसे ही टेबल पर खड़े रुद्र पर पड़ी, उसके पैर तले ज़मीन खिसक गई! उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं।
'हे भगवान! यह... यह तो वही खड़ूस इंसान है! यह हमारा प्रोफेसर है?' आयरा का दिल घबराहट से ज़ोर-ज़ोर से धड़कने लगा। वह डर के मारे मीरा के पीछे छिपने की कोशिश करने लगी और दोनों आपस में फुसफुसाकर घबराहट में बातें करने लगीं।
रुद्र ने टेबल पर अपनी भारी डायरी रखी और अपनी पैनी, गहरी नज़रें पूरी क्लास पर दौड़ाईं। उनकी नज़रें सीधे खिड़की के पास घबराई हुई बैठी आयरा पर जा टिकीं।
"यू... इन द कॉर्नर," रुद्र की भारी, कड़क और रोबदार आवाज़ पूरे हॉल में गूँजी।
आयरा ने चौंककर ऊपर देखा। पूरी क्लास की नज़रें उसी पर थीं। उसकी घबराहट चरम पर थी।
"जी... जी सर?" आयरा की आवाज़ काँप गई।
"अगर आपका पहला दिन और ये फालतू की बातें खत्म हो गई हों, तो क्या मैं पढ़ाना शुरू करूँ?" रुद्र ने अपनी बांहें सीने पर बाँधते हुए कड़क आवाज़ में कहा।
"सर, वो मैं बस..." आयरा ने सफाई देनी चाही।
"क्लास से बाहर जाइए। राइट नाउ!" रुद्र ने बिना उसकी एक बात सुने सीधे दरवाज़े की तरफ इशारा कर दिया।
आयरा का चेहरा शर्मिंदगी से लाल हो गया। उसने अपनी बुक्स समेटीं और भारी कदमों से क्लास के बाहर निकल गई।
लेक्चर खत्म होते ही रुद्र क्लास से बाहर निकले और आयरा की तरफ देखे बिना बेहद ठंडे लहजे में कहा, "मेरे कैबिन में आओ।"
आयरा का दिल डर से काँप रहा था। वह भारी कदमों से उनके कैबिन की तरफ बढ़ी। नॉक करके जैसे ही वो अंदर दाखिल हुई, रुद्र अपनी टेबल के पास कड़क रुख लिए खड़े थे।
"सर, आपने बुलाया?" आयरा ने डरते-डरते पूछा।
रुद्र ने अपनी पैनी नज़रें उस पर टिकाईं और बेहद कड़क आवाज़ में डांटना शुरू किया, "आयरा शर्मा! स्टेट टॉपर होने का घमंड अपने सिर पर लेकर घूमना बंद कर दो! पहले कॉरिडोर में बदतमीज़ी और फिर मेरी ही क्लास में अनुशासनहीनता?"
"सर, मुझे नहीं पता था कि आप..."
"मुझे कोई सफाई नहीं चाहिए!" रुद्र ने टेबल पर हाथ मारते हुए कठोर स्वर में कहा, "रॉयल कॉमर्स यूनिवर्सिटी में डिसिप्लिन सबसे ऊपर है। तुम टॉपर होगी अपने कॉलेज के लिए, मेरे लिए तुम सिर्फ एक आम और गैर-जिम्मेदार स्टूडेंट हो। आइंदा अगर मेरी क्लास में तुमने ज़रा सी भी लापरवाही या बातें कीं, तो मैं तुम्हें यूनिवर्सिटी से सस्पेंड करवा दूँगा! अब यहाँ से बाहर जाओ और मेरी नज़र से दूर हो जाओ! गेट आउट!"
रुद्र की इतनी भारी डांट, अपमान और सस्पेंड करने की धमकी सुनकर आयरा की आँखें भर आईं। उसकी आँखों से टप-टप आँसू बहने लगे।
आयरा रोते हुए अपनी आँखें पोंछीं और बिना कुछ बोले कैबिन से बाहर भाग गई।
कैबिन से बाहर निकलकर आयरा कॉरिडोर में ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी। मीरा दौड़ती हुई उसके पास आई, "आयरा! क्या हुआ यार?"
"बहुत ही बदतमीज़, खड़ूस और घमंडी इंसान है वो!" आयरा रोते हुए और गुस्से से फनफनाते हुए बोली, "खुद को समझता क्या है? छोटी सी बात पर मुझे सस्पेंड करने की धमकी दे दी! मैं नफरत करती हूँ ऐसे प्रोफेसर से!"
मीरा उसे संभालते हुए दूसरी क्लास की तरफ ले गई। अगली क्लास में पहुँचकर आयरा अपनी सीट पर बैठी अभी भी मन ही मन रुद्र को कोस रही थी।
तभी उनके पास एक बेहद हँसमुख और शालीन सा लड़का आकर बैठा। उसने मुस्कुराते हुए अपना हाथ आगे बढ़ाया, "हाय, मैं रोहन। तुम आयरा हो न? स्टेट टॉपर! मैंने तुम्हारा नाम लिस्ट में देखा था।"
आयरा ने थोड़ा संभलते हुए हाथ मिलाया, "हाँ, मैं आयरा हूँ।"
रोहन की बातों और उसके दोस्ताना व्यवहार से आयरा का ध्यान थोड़ा बंटा। जल्द ही मीरा, आयरा और रोहन के बीच अच्छी बातचीत होने लगी और उनके साथ एक-दो और क्लासमेट्स भी आकर जुड़ गए। रोहन ने आयरा को हँसाने की कोशिश की, जिससे आयरा का मूड थोड़ा ठीक हुआ।
लेकिन इन सब के बीच, आयरा के दिमाग में रुद्र की वो तीखी डांट और उनकी खड़ूस इमेज बार-बार घूम रही थी। वह समझ चुकी थी कि इस यूनिवर्सिटी में रुद्र राज सिंह उसका जीना दुश्वार करने वाला है!
क्लास खत्म होते ही आयरा, मीरा और रोहन तीनों कैंटीन की तरफ बढ़ गए। रोहन की मज़ाकिया बातों ने आयरा के उदास चेहरे पर हल्की सी मुस्कान ला दी थी। कैंटीन में जाकर रोहन ने सबके लिए कोल्ड कॉफ़ी और स्नैक्स ऑर्डर किए।
"यार आयरा, तुम उस रुद्रराज सिंह की बातों को दिल पर मत लो। वो बंदा है ही खड़ूस! पूरी यूनिवर्सिटी में सब जानते हैं कि वो किसी को बख्शता नहीं है," रोहन ने कॉफ़ी का घूँट लेते हुए आयरा को समझाते हुए कहा।
"हाँ आयरा, रोहन सही कह रहा है," मीरा ने समोसा तोड़ते हुए बात आगे बढ़ाई, "पर एक बात तो माननी पड़ेगी, बंदे में एटीट्यूड तो कूट-कूट कर भरा है। बिजनेसमैन है न, इसलिए शायद खुद को खुदा समझता है।"
आयरा ने कॉफ़ी का सिप लिया और एक ठंडी साँस भरी, "मुझे उसके एटीट्यूड से कोई लेना-देना नहीं है मीरा! बस वो मेरी पढ़ाई के बीच में न आए। मैं यहाँ अपनी मेहनत और स्कॉलरशिप के दम पर आई हूँ, किसी की फालतू की डांट सुनने नहीं।"
तीनों दोस्त कैंटीन की एक टेबल पर बैठकर हंस-हंसकर बातें कर रहे थे। रोहन लगातार आयरा का ध्यान भटकाने के लिए पुरानी बातें और जोक्स सुना रहा था, जिससे आयरा खिलखिलाकर हंस पड़ी।
उसी वक्त, कैंटीन की पहली मंज़िल की ग्लास विंडो (शीशे की खिड़की) के पास खड़े होकर **रुद्रराज सिंह** नीचे का नज़ारा देख रहे थे। उनकी पैनी नज़रें सीधे आयरा पर टिकी हुई थीं। कुछ देर पहले जो लड़की उनके कैबिन में रो रही थी, अब वह एक अनजान लड़के के साथ बैठकर हंस रही थी। यह देखकर रुद्र के चेहरे पर एक सख्त खिंचाव आ गया। उनकी मुट्ठियाँ अपने आप भींच गईं। उन्हें आयरा का उस नए लड़के के साथ यूँ हंसना-बोलना अजीब सा नागवार गुज़रा।
रुद्र ने तुरंत अपना फोन निकाला और अपने बचपन के दोस्त और बिज़नेस पार्टनर **विवान मेहरा** को कॉल मिलाया।
"हाँ विवान, एक काम है," रुद्र ने बिना किसी भूमिका के कड़क आवाज़ में कहा।
"हाँ बोलो रुद्र, सब ठीक तो है ना?" दूसरी तरफ से विवान की आवाज़ आई।
"मुझे 'आयरा शर्मा' नाम की स्टूडेंट की पूरी डिटेल्स चाहिए। उसकी फैमिली बैकग्राउंड, उसका पास्ट, वो कहाँ रहती है... सब कुछ। मुझे आधे घंटे में रिपोर्ट चाहिए," रुद्र ने हुक्म देने वाले लहजे में कहा।
"आयरा शर्मा? कौन है ये लड़की? पहली बार तुमने किसी स्टूडेंट के बारे में पूछताछ की है रुद्र!" विवान ने हैरान होकर पूछा।
"जितना कहा है उतना करो, विवान," रुद्र ने रुखेपन से कहकर कॉल कट कर दिया और अपनी काली आँखों से नीचे आयरा को देखते रहे।
शाम को जब कॉलेज खत्म हुआ, तो आयरा बुरी तरह थक चुकी थी। रोहन और मीरा ने उसे बाय कहा। आयरा ऑटो लेकर अपने छोटे और सादे से मिडल-क्लास घर पहुँची।
दिन भर का मानसिक तनाव, रुद्र की डांट, रोना और पढ़ाई का बोझ... इन सबने उसे तोड़कर रख दिया था। घर में कदम रखते ही उसने अपनी बुक्स टेबल पर रखीं और सीधे अपने कमरे के बेड पर जा गिरी।
उसने अपनी आँखें बंद कर लीं, लेकिन बंद आँखों के सामने भी प्रोफेसर रुद्रराज सिंह का वो कड़क चेहरा, उनकी भारी आवाज़ और उनकी वो पैनी आँखें घूम रही थीं।
"पता नहीं यह इंसान मेरी ज़िंदगी में क्या नया तूफ़ान लाने वाला है..." आयरा ने थककर बुदबुदाते हुए अपना चेहरा तकिए में छिपा लिया और गहरी नींद के आगोश में समा गई।
इसे आप अपनी स्टोरी में जोड़ सकती हैं। इसमें लगभग 450 शब्द हैं और कहानी का फ़्लो भी बिल्कुल सही बना हुआ है!