बेरहम सूर्या उर्फ सूर्यकांत सूर्यवंशी - Chapter 1
मुंबई की अंधेरी रात में बहुत-सी गाड़ियाँ तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही थीं। गाड़ियों के अंदर कई गुर्गें हाथों में बंदूकें लिए और बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। उन्हीं गाड़ियों के बीच में एक मर्सिडीज़ चल रही थी, जिसके अंदर एक शख्स बैठा था जो उस वक्त बेहद गुस्से में था।
अगर कोई उसके सामने आ जाता, तो वह उसे एक पल में खत्म कर देता। उसने अपनी सख्त टोन में गाड़ी चला रहे ड्राइवर से कहा, "स्पीड तेज करो! हमें जल्दी पहुँचना है। वह भागना नहीं चाहिए।"
"सर, पहले से ही गाड़ी फुल स्पीड में है। अभी दस मिनट में हम पहुँचने वाले हैं," ड्राइवर डरते हुए बोला।
वो आदमी अपने गुस्से को काबू करने के लिए अपनी उंगलियों को जल्दी-जल्दी चलाने लगा और आपस में रगड़ने लगा।
तभी उस आदमी का दूसरा फोन जो उसके असिस्टेंट संभव के पास था, वो बजने लगा उसने जब नंबर देखा तो पीछे घूम कर उस आदमी से बोला!''सर मिस प्रीति का फोन है।
आदमी ने सवालिया नजरों से अपने असिस्टेंट को देखा तो वो शांत आवाज में उससे बोला!' ' मिस प्रीति आपकी कंपनी द्वारा हायर की गई नई मॉडल है , कल उन्होंने आपसे बात भी की थी और आपको नाइट आउट के लिए इनवाइट भी किया था, शायद इसीलिए उन्होंने अभी आपको कॉल किया है।
तभी उस आदमी ने एक सिगरेट निकाल ली और उसे जलाकर उसके कश भरते हुए अपने असिस्टेंट से बोला!''मेरी मां बहन के अलावा मेरे लिए कोई औरत मायने नहीं रखती यह बात तुम बखूबी जानते हो इसीलिए मना कर दो उसे, कहकर सिगरेट के कश भरते हुए खिड़की से बाहर देखने लगा, उसकी आंखें इस वक्त बिल्कुल ठंडी थी।
उसकी बात सुनकर असिस्टेंट संभव ने हां मैं सर हिला दिया और फिर प्रीति से खुद बात करने लगा।
यह था सूर्यकांत सूर्यवंशी, जिसे लोग सूर्या भाई कहते थे—अंडरवर्ल्ड की दुनिया का डॉन, और दुनिया की नज़रों में बिज़नेस टायकून और सूर्यवंशी इंडस्ट्रीज़ का मालिक, जो दुनिया की नंबर वन कंपनी थी। उसे लड़कियों से सख्त नफ़रत थी; वो कभी किसी लड़की की तरफ़ भी आँख उठाकर नहीं देखता था। उसके पास्ट में कुछ ऐसा हुआ था जिससे उसे सभी लड़कियाँ धोखेबाज़ लगती थीं। उसके पास दिल नाम की कोई चीज़ नहीं थी, या यूँ कहें कि उसका दिल पत्थर का हो चुका था।
(उम्र: 30; रंग: गोरा; कद: 6.2; आँखें: काली; लंबे बाल जो गर्दन तक आते थे, जिनकी वह चोटी बनाकर रखता था। घर पर वह फ़ॉर्मल कपड़े पहनता था और बिज़नेस मीटिंग में थ्री-पीस सूट। इस वक्त वह अपने बिज़नेस पार्टनर अमित रहेजा से मिलने जा रहा था, जिन्होंने उसके साथ पाँच सौ करोड़ की डील में गद्दारी की थी। उसे गद्दारों से सख्त नफ़रत थी, लेकिन अमित रहेजा यह नहीं जानता था कि सूर्या एक अंडरवर्ल्ड डॉन है और उसने सूर्या से धोखा किया था।)
कुछ ही देर में सभी गाड़ियाँ रहेजा मेंशन के बाहर रुकीं तो सूर्या के सभी गार्ड ने उस मेंशन को चारों तरफ़ से घेर लिया। सूर्या अपनी गाड़ी से निकलकर मेंशन के अंदर गया। दो गार्ड्स ने उस पर अपनी गन से फ़ायर किया, लेकिन सूर्या के गॉड्स ने उन पर बुलेट से पहले ही वार कर दिया और वे वहीं ढेर हो गए।
जैसे ही सूर्या मेंशन के अंदर पहुँचा, मेंशन में चारों तरफ़ सन्नाटा फैला हुआ था। सूर्या ने तेज आवाज़ में कहा, "रहेजा! मुझसे छुपाने का कोई फ़ायदा नहीं है, इसलिए चुपचाप बाहर आ जा!"
लेकिन रहेजा बाहर नहीं आया। सूर्या ने अपने गुर्गों को इशारा किया। वे "जी बॉस" कहकर पूरे मेंशन में फैल गए और कुछ ही देर में अमित रहेजा को पकड़कर अपने साथ ले आए। सूर्या को देखकर अमित रहेजा डर से काँप रहा था।
अमित रहेजा, 48 वर्षीय रहेजा कंस्ट्रक्शन का मालिक, दो साल पहले ही मुंबई शिफ़्ट हुआ था और आते ही अपने बिज़नेस को ऊपर पहुँचाना चाहता था। इसीलिए उसने सूर्या से अपनी कंपनी का कोलैबोरेशन किया था। लेकिन बढ़ती सफलता के कारण उसके मन में लालच पैदा हो गया और उसने पाँच सौ करोड़ की डील का प्रॉफ़िट अपने नाम कर लिया था। अब जब उसे सूर्या की अंडरवर्ल्ड डॉन की पहचान पता चली, तो वो घबरा गया।
अमित रहेजा घबराते हुए सूर्या से बोला, "सूर्या, मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। मुझे माफ़ कर दो! मुझसे जितनी जल्दी हो सके, मैं तुम्हारे पैसे वापस कर दूँगा। प्लीज़, मुझे एक मौका दो।"
सूर्या ने अपनी कठोर आवाज़ में उसे घूरते हुए गुस्से में कहा, "सूर्या की ****्शनरी में माफ़ी शब्द नहीं है, और ना ही मैं अपने दुश्मनों को दूसरा मौका देता हूँ जो वो मुझे दोबारा धोखा दे सकें।"इसीलिए तुम्हें मुझसे धोखा करने से पहले ही सोच लेना चाहिए था कि तुम किससे उलझ रहे हो , वैसे तुम्हारी गद्दारी को तो मैंने उसी दिन समझ लिया या था जब तुमने मेरे नाम से फेक अकाउंट खुलवाया था मैं बस देखना चाहता था कि तुम आगे किस हद तक गिरते हो ,
उसकी बात सुनकर रहेजा घबरा गया उसके होश उड़ गए वो कांपती हुई आवाज में उससे बोला!'' त, तुम , तुम्हें सब पता था ,लेकिन कैसे?
जवाब में सूर्या मुस्कुरा दिया और फिर गुस्से में उसकी थोड़ी पकड़ उसे दबाते हुए बोला सूर्याकांत सूर्यवंशी से कुछ भी छुपाना मुश्किल है रहेजा अगर तुम्हारे जैसे चुजो से मैं पल-पल धोखा खाता तो आज यहां इस मुकाम पर ना होता
सूर्या की बात सुनकर अमित रहेजा का पूरा शरीर पसीने से भीग गया वह उसके पैरों में गिर गया और उसके पैरों को पकड़ कर रोते हुए बोला, "सूर्या, मैं तुम्हारे बाप की उम्र का हूँ। कुछ तो लिहाज़ करो! मुझे बस एक मौका दो। मेरे मरने के बाद मेरी बीवी और मेरी बेटी का क्या होगा? कुछ तो सोचो! मैं तुमसे वादा करता हूँ, एक महीने के अंदर तुम्हारे सारे पैसे चुका दूँगा।"
सूर्या उसकी बात का कुछ जवाब देता कि तभी उसकी नजर अमित रहेजा के पास पड़ी एक फोटो पर गई उसे देखकर सूर्या की आंखें ठंडी पड़ गई , सूर्या ने झुक कर उस फोटो को हाथ में उठा लिया, वो फोटो अमित रहेजा और उसके परिवार की थी जिसमें वो अपने बीवी बच्चों के साथ था, उसकी बेटी उसके गले लग कर मुस्कुरा रही थी,
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क्रमशः