सूर्या की बेरहमी , रहेजा की मौत - Chapter 2
सूर्या कुछ पल उस फोटो को देखता रहा और फिर ठंडी आवाज में उससे बोला!'' क्या यही तुम्हारी फैमिली है , अमित रहेजा ने उम्मीद की किरण में कि शायद सूर्या उसके परिवार को देखने के बाद उसे छोड़ दे, यही सोचकर मुस्कुराते हुए जल्दी से उसने हां में सर हिला दिया। यह देख सूर्या मुस्कुराया पर उसकी मुस्कुराहट बेहद डरावनी थी, वो अपनी कठोर आंखों से रहेजा की तरफ देखते हुए उससे बोला!'' ठीक है तो फिर तुम्हारे फैमिली को देखकर मैं तुम्हें एक मौका देता हूं, तुम चुनो तुम्हें अपनी फैमिली चाहिए या फिर खुद की जान,
उसकी बात सुनकर रहेजा डर गया , उसका पूरा शरीर कांप पर गया वो डरते हुए उससे बोला !' 'नहीं सूर्या तुम मेरे परिवार को कुछ नहीं कर सकते प्लीज मेरी गलती की सजा उन्हें मत दो ।
तो सूर्या मुस्कुराते हुए सोफे पर बैठ गया और फिर ठंडी आंखों से उसे देखते हुए सख्त आवाज में उससे बोला!''' तुमसे किसने कहा कि मैं उन्हें कुछ करूंगा, उनके साथ जो कुछ भी होगा , उसके जिम्मेदार तुम खुद बनोगे मैंने तो उन्हें और उनकी जान को तुम्हारे हाथों में छोड़ा है, मैंने बोला है ना तुम खुद चुनो , तुम्हें अपनी जान चाहिए या फिर अपने परिवार की , अगर तुम खुद को चुनते हो तो तुम्हारा परिवार मारेगा और अगर तुम अपनी जान दोगे तो तुम्हारा परिवार बचेगा, सूर्या का यही उसूल है वो किसी को मुफ्त कुछ नहीं देता, अब जल्दी करो क्योंकि सूर्या के साथ उसका वक्त भी बहुत कीमती है, जिन्हें वो यूं ही किसी पर बर्बाद नहीं करता।
रहेजा खामोश हो गया वह कुछ पल सोचता रहा तभी सूर्य खड़ा होकर उसकी तरफ आने लगा यह देख रहेजा का कांपने लगा वही सूर्या ने उसके पास आते हुए अपनी गन निकाल ली और उसे फिक्स करने लगा जैसे ही वह अपनी गण को अमित रहेजा की तरफ पॉइंट करने को हुआ कि तभी अमित रहेजा अपनी आंखें बंद करते हुए तेज आवाज में बोला मुझे अपनी जान चाहिए मुझे छोड़ दो तुम बेशक मेरे परिवार के साथ कुछ भी करो पर मुझे जाने दो
उसकी बात सुनकर सूर्या मुस्कुराने लगा उसने एक लात रहेजा को मार दी जिससे वह पीछे की तरफ को लुढ़क गया कभी सूर्य गुस्से भरी तेज आवाज में उसे पर चिल्लाते हुए बोला रहेजा मुझे तेरे परिवार के लिए बहुत अफसोस है कि वह तो जैसे जाहिल आदमी पर आंख बंद करके विश्वास करते हैं पर मैं नहीं मेरी नजरों में गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं है उनके लिए सिर्फ मौत है अगर आज तो खुद को छोड़कर अपने परिवार को चिंता तो मैं शायद तुझे एक मौका देता लेकिन अफसोस जब तू अपने परिवार का नहीं हुआ जिन्होंने अपना पूरा जीवन तुझे दे दिया तो तू क्या ही मेरा होगा जब तुम अपने परिवार के साथ वफादारी नहीं निभा पाया तो मेरे साथ क्या निभाएगा तेरे लिए मेरे पास सिर्फ एक चीज है और वह है मौत कहकर उसने अपने आदमियों को इशारा किया और वहां से आगे बढ़ गया उसके पीछे रहेजा अपनी जान की भीख मांगता रह गया वही उसका इशारा पाकर गॉड्स ने अमित रहेजा को पकड़ लिया, उसके सिर पर बंदूक तानी और कुछ ही देर में अमित रहेजा ढेर हो गया। एक पल में उसकी आवाज आनी बंद हो गई।
वहीं सूर्या रहेजा मेंशन से बाहर निकल आया उसकी आंखें बिल्कुल ठंडी थी जिनमें साफ-साफ मौत दिख रही थी वो अपनी आँखों पर गॉगल्स चढ़ाते हुए मुस्कुराते हुए बोला, "सूर्यकांत सूर्यवंशी एक आग है, जिसकी ज्वाला से ही अच्छे-अच्छे झुलस जाते हैं। फिर तूने तो मेरे साथ गद्दारी की रहेजा, तो तेरा हश्र यही होना था। बेमौत मारा गया! ना गद्दारी करता, ना ऐसा कुछ होता!"
फिर उसने अपने असिस्टेंट संभव की तरफ देखा और उससे कहा, "इसकी प्रॉपर्टी का 50% इसकी बीवी और बेटी के नाम कर दो, जिससे उन्हें पूरी ज़िन्दगी पैसों की कमी ना पड़े और वे अपने पहले की तरह ज़िन्दगी जी सकें।" इतना कहकर वो अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ गया, एक गार्ड ने उसके लिए डोर ओपन कर दिया सूर्या अंदर बैठ गया , तभी उसका फोन बजने लगा , उसने अपनी पॉकेट से फोन बाहर निकाला तो स्क्रीन पर मां शो हो रहा था ये देख उसने कॉल पिक कर लिया और धीमी आवाज में बोला !' 'कहिए मां
तो उधर से शांत मगर थोड़ी कड़क आवाज आई!'' सूर्या कहां है आप कब तक वापस आएंगे , हमें आपसे कुछ बात करनी है।
तो सूर्या ने गहरी सांस ली और उनसे बोला!'' कल सुबह तक आ जाऊंगा मां , आप बताइए आपको क्या कहना है।
तो फिर वापस से शांत मगर थोड़ी कड़क आवाज आई!'' हमें आपसे आपकी शादी के बारे में बात करनी है सूर्या ,
ये सुनकर सूर्या के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गए , उसकी आंखें कठोर हो गई साथ ही जबड़े भींच गए वो शांत मगर सख्त आवाज में उनसे बोला !''अगर ऐसी बात है तो फिर मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी मां , कह कर उसने बिना उनकी कोई बात सुने फोन काट दिया और ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी।
मुंबई का सबसे लग्जरियस और पॉश इलाका जहां पर बड़े-बड़े अमीरों के अलावा और कोई रहना अफोर्ट नहीं नहीं कर सकता था। यहां के हर घर में या तो कोई बिजनेस टायकून था या फिर माफिया या फिर गैंगस्टर थोड़ी देर बाद ही गाड़ी एक बहुत बड़े मेन गेट से होते हुए एक बहुत ही आलीशान और बड़े से व्हाइट कलर के मेंशन के सामने रुकी यह मेंशन देखने में बेहद खूबसूरत था साथ ही इस इलाके का सबसे बड़ा व सबसे महंगा मेंशन था .....!!
सूर्या बिना देर किए गाड़ी से बाहर आया और तेज कदमों से मेंशन के अंदर चला गया पूरा मेंशन इस वक्त अंधेरे से भरा था रात हो जाने के कारण सभी लोग अपने रूम में सोए हुए थे। तो वो सीधा अपने रूम मैं गया उसने कवर्ड के पास जाकर अपने कपड़े निकाले और फिर वो बाथरूम में फ्रेश हुआ.... थोड़ी देर बाद वो बाथरुम से बाहर आया और फिर अपने कमरे के दूसरी साइड बने मिनी किचन में चला गया , वहां जाकर उसने अपने लिए कॉफी बनाई और उसे लेकर अपने कमरे में सोफे के पास आ गया , वो सोफे पर बैठ गया और कॉफी का शीप लेकर अपनी फाइल्स चेक करते हुए लैपटॉप पर काम करने लगा।
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क्रमशः