Rebirth of Mafia's Revenge and Love Ch. 1

"अपनों का विश्वासघात और दर्दनाक अंत या आरंभ"

Posted by Shivani Kapoor • Aug 10, 2026 04:14 PM

रात का समय,

मुंबई:-

मुंबई के काले घने जंगलों की सबसे ऊंची चोटी के ऊपर घमासान मचा हुआ था। एक टूटी फूटी कार से टेक लगाए एक 27 साल का आदमी शादी की शेरवानी पहने अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था।

उसके सीने में एक चाकू घुसा हुआ था उसने हैरान होते हुए सामने देखा। जहां कुछ लोग उसे घेरे खड़े हुए थे। वो अपनी आंखें बड़ी-बड़ी करके उन सभी को देख रहा था। उसकी आंखों में कुछ ऐसा था जैसे कि उसे ऐसा होने की उम्मीद ही ना हो, जैसा उसके साथ अब हो रहा था।

उसने दर्द में कराहती हुई आवाज में सामने एक 50 साल की औरत को देखकर अपने दिल पर हाथ रखते हुए कहा, "छोटी मां आपने ऐसा क्यों किया आप आप जानती हैं ना कि मैंने आपको अपनी मां से बढ़कर माना है लेकिन फिर भी आपने..........."

ये कहते हुए वो दर्द से कराह था उसकी बात सुनकर उसके सामने खड़ी उसकी छोटी मां यानी कि उसकी सौतेली मां वंदना ने झूठी हंसी हंसते हुए कहा, "हा हा हा... क्या कहा तुमने मां तुमने मुझे भले ही मां माना होगा लेकिन ना तो मैं तुम्हें कभी अपना बेटा माना और ना ही मेरे बच्चों ने तुम्हें कभी अपना भाई।

देव बेटा तुम बहुत ज्यादा मासूम हो तुम्हें अभी तक समझ में नहीं आया कि तुम्हारे आस-पास हो क्या रहा है? जरा अपने आस-पास देखो यहां पर तुम्हारा कोई भी अपना नहीं है और जो लोग तुम्हारे अपने थे तुमने उन्हें धक्के मार के अपने घर से निकाल दिया............"

ये कहते हुए वंदना जोर-जोर से हंसने लगी। उसकी हंसी उस पूरे जंगली इलाके में गूंज रही थी। तभी उसके पास खड़े उसके बेटे और देव के सौतेले भाई अंकुर ने देव के सीने पर एक जोरदार किक मारते हुए उसे देखकर बोला, "बड़े भाई बहुत दया आती है आप पर लेकिन सबसे ज्यादा गुस्सा आता है आपकी इस मासूमियत पर। आप आप इतने मासूम क्यों हैं?

आपने ये भी नहीं सोचा कि हम आपके सौतेले हैं और अआपने सौतेलों पर भरोसा करके अपने सागों को अपने आप से दूर कर दिया। ये तो बहुत गलत बात है इसकी तो आपको सजा मिलनी चाहिए क्यों मैंने सही कहा ना आरू............."

ये कहते हुए उसने अपनी छोटी बहन आरोही को देखा अपने भाई की बात सुनकर आरोही ने मुस्कुराते हुए सामने देव को देखा और उसकी कराहती आवाजों को सुनकर मुस्कुराते हुए बोली, "आप जानते हैं भाई मुझे अपमें सबसे ज्यादा अच्छी बात क्या लगती है, वो कि आज आप मरने वाले हैं और वो भी हमारे हाथों से आई एम सो हैप्पी।

इतने सालों से हमने इस दिन का इंतजार किया था, फाइनली वो दिन आ गया। भाई आपको क्या लगता है कि हम आपको अपना मानते हैं, नहीं नहीं बिल्कुल भी नहीं हम आपके साथ थे,

आपसे प्यार करते थे सॉरी प्यार नहीं करते थे प्यार का दिखावा करते थे और वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि आपके नाम पर सारी प्रॉपर्टी थी लेकिन अब आपकी सारी प्रॉपर्टी हमारे नाम पर हो चुकी है............"

ये कहते हुए उसने सामने खड़ी दुल्हन के जोड़े में एक लड़की को देखा। देव ने अपनी आंखों को नम करते हुए सामने उस लड़की को देखा। उसके सामने कोई और नहीं उसकी बीवी जिससे अभी-अभी उसकी शादी हुई थी आकांक्षा खड़ी हुई थी।

आकांक्षा ने अपने हाथ में पकड़े पेपर को रोल करते हुए देव को देखकर मुस्कुराते कहा, "मेरे प्यारे पतिदेव आई एम रियली सॉरी मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहती थी पर क्या करूं आदत से मजबूर हूं और तुम्हारे साथ रहना ना कही मुश्किल है। तुम इतने मासूम और डीसेंट किस्म के इंसान हो और मुझे तुम्हारे जैसे मासूम इंसान बिल्कुल भी पसंद है। मुझे तो इसके जैसे खतरनाक और चालबाज इंसान पसंद आते हैं.........."

ये कहते हुए उसने आगे बढ़ के अंकुर को गले लगा लिया। अंकुर ने आकांक्षा के गालों पर किस करते हुए देव को देखकर कहा, "देखा भाई आपकी जिंदगी का हर इंसान आपसे नफरत करता है क्योंकि आप सिर्फ और सिर्फ अपनी आंखों पर देखे भरोसा को मानते हैं। आप किसी पर दिल से भरोसा नहीं करते इसीलिए तो आपने अपनी बहन, अपनी एक गर्लफ्रेंड यहां तक की आपने उस पर भी भरोसा नहीं किया............"

ये कहते हुए अंकुर ने देव को बहुत सारी बातें बताईं जैसे-जैसे देव अंकुर की बातें और पुराने राज्यों को खुलते हुए देख पा रहा था उसकी आंखें हैरानी से खुलती जा रही थीं। उसकी सारी बात सुनने के बाद देव की आंखों पर हल्की से उदासी और होठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई। ये देखकर वंदना को काफी ज्यादा गुस्सा आया।

उसने हाथ आगे बढ़ाया तभी उसके पीछे खड़े एक गार्ड ने चाकू निकाल कर उसके हाथ में थमाया। वंदना चाकू लिए देव के पास आकर बैठी और एक बार में वो चाकू उसके दिल के आर पार कर दिया और उसे गले लगाते हुए बोली, "थैंक यू माय बेटा तुम इस दुनिया के बेस्ट बेटे हो जो अपनी हर मां की इच्छा को पूरा करता है। तुमने अपनी सगी मां को भी अपने आप से आगे रखा और मुझे भी.... लेकिन सगे और सौतेले में फर्क होता है ना। अगर मैं मर गई तो तुमसे तुम्हारी दुनिया में आकर जरूर मिलूंगी............"

ये कहते हुए वो खड़ी हुई, उसी के साथ वो सभी लोग हंसने लगे। उन सभी की हंसी उस जंगल में गूंजती जा रही थी। वही दर्द से कराह रहे देव की सांस धीरे-धीरे कम होने लगी।

उसने अपनी बंद होती आंखों से अपने सामने उन चार लोगों को देखा और हल्की मुस्कान के साथ तीखी आवाज में बोला, "छोटी मां आप मेरा इंतजार कीजिएगा मैं वापस आऊंगा आई विल बी बैक लेकिन इस बार मैं आपका मासूम देव नहीं एक डेविल बन के वापस आऊंगा जो अपने हर बदले का हिसाब लगा। मैं आप लोगों की जिंदगी को जहन्नुम बना दूंगा............"

ये कहते हुए हंसने लगा।

उनकी आवाज उसकी हंसी में कहीं दबकर रह गई। उसे इस तरह हंसता देख वो चारों लोग एकदम हैरान होकर एक दूसरे को देखने लगे।

उन चारों को यकीन नहीं हो रहा था कि देव उनके सामने अपनी आखिरी सांसें ले रहा है लेकिन वो अभी हंसी रहा था। अंकुर को देव का इस तरह हंसने से काफी ज्यादा चिढ़ हो रही थी।

उसने एक जोरदार किक और उसके सीने में मारी जिसे वो चाकू पूरा उसके सीने में उतर गया। जैसे ही वो चाकू उसके सीने में उतरा आसमान में बादल उतर आए और बड़ी तेजी से आसमान में बदल छाने लगे।

वंदना ने एक नजर आसमान में देखा और उन बादलों को देखकर परेशान होते हुए अंकुर, आकांक्षा और आरोही को देखते हुए कहा, "हमें यहां से निकलना चाहिए लगता है बारिश आने वाली है और घर पर भी कोई नहीं है।

अगर मीडिया वालों ने या पुलिस वालों ने हमसे कोई सवाल किया तो उन्हें क्या जवाब देंगे और वैसे भी हमें अपने इस प्यारे बेटे के करने का शोक भी तो मानना है। उसके लिए मुझे ना सफेद कलर की सारी सिलवानी पड़ेगी। चलो जल्दी से जाकर दर्जी के पास अपना नाप देकर आते हैं..........."

ये कहते हुए वो एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए और फिर वहां से जाने लगे। जाती हुई आकांक्षा ने एक नजर पलट के अपनी आखिरी सांसें गिन रहे देव को देखा जो की गाड़ी के पास पड़ा हुआ उन सभी की तरफ ही देख रहा था। उसे इस तरह तड़पता देख आकांक्षा को काफी ज्यादा मजा आ रहा था।

उसने मुस्कुराते हुए देव को देखा और चिल्लाते हुए बोली, "विश यू वेरी लक मिस्टर हबी अपनी नई दुनिया में जाने के लिए। वहां पर जाकर मुझे याद जरूर करना कि तुम्हारी एक बीवी थी जिसने तुम्हें अपने हाथों से मार दिया ओके.........."

ये कहते हुए को वहां से चली गई उनके जाते ही बारिश बिन बताए मौसम की तरह बरसने लगी। बारिश काफी ज्यादा तेजी से आई थी। बारिश की बूंद में वे कार और उसी के पास पड़ा देव बारिश में भीगता जा रहा था। उसका शरीर पूरा बारिश में भीग चुका था। उसकी धीरे-धीरे सांसे चल रही थीं।

उसने एक नजर खुले आसमान को देखा और हल्की मुस्कान के साथ आसमान को देखते हुए कहा, "मम्मा शायद मैंने आपकी बात नहीं मानी। आपने कहा था कि दुनिया में हर तरह के लोग होते हैं अच्छे बूरे लेकिन मुझे किसी ने अपना माना है।

और किसे अपना मानना है और किसे पराया इसकी चॉइस मेरी होगी। शायद मैंने चॉइस करने में गलती कर दी। आई लव यू मामा मैं आपके पास आ रहा हूं।

आपका ये बेटा ज्यादा दिन आपके बिना इस दुनिया पर रह नहीं पाया‌, लेकिन अगर मुझे दोबारा जन्म मिलने का मौका मिला तो मैं इन लोगों से अपने इस धोखे का बदला लूंगा और मेरे अपनों को पहुंचाई हर एक तकलीफ का, हर एक दर्द का हिसाब इन्हें देना होगा। मैं इन लोगों को बर्बाद कर दूंगा..........."

ये कहते हुए उसकी आवाज काफी ज्यादा धीमी हो गई, जैसे आवाज़ धीमी होती गई बारिश तेज होती गई कुछ ही पल में उसकी सांसे थमने लगीं। उसने हल्की बंद आंखों से आसमान को देखा कि तभी उसके सामने उसे कुछ तस्वीरें घूमने लगी।

एक लड़की रेड कलर के गाउन पहले उसके सामने खड़ी हुई थी। उस लड़की की एज लगभग 20 साल के आसपास ही थी। वो अपनी आंखों पर नजर का चश्मा लगाए उसके सामने खड़ी शर्माए जा रही थी। वो लड़की काफी ज्यादा नर्वस दिखाई दे रही थी।

वही उसके सामने सोफे पर बैठा देव गुस्से में उस लड़की को देखे जा रहा था। उस लड़की ने शर्माते हुए एक नजर उठा कर देखा देखा लेकिन जैसे ही उसने देखकर गुस्सैल एक्सप्रेशन को देखा तो वो एकदम से सहम गई। उसने तुरंत अपनी नजर नीचे कर लीं।

देव ने ऊपर से लेकर नीचे तक उस लड़की को देखा और मुस्कुराते हुए बोला, "यू लुक्स ब्यूटीफुल काफी अच्छी लग रही हो तुम। यू नो ये ड्रेस मेरे लिए काफी स्पेशल थी लेकिन तुम मेरी बेस्ट फ्रेंड हो और मेरी गर्लफ्रेंड की बहन भी इसीलिए तुम्हें ये ड्रेस मैं गिफ्ट कर रहा हूं। इसे मेरी याद समझ कर अपने पास रख लो............"

ये सुनकर उस लड़की ने एक नजर उठाकर अपने आप को देखा जिसने उस रेड कलर की ड्रेस को पहना हुआ था वो सच में काफी ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही थी। उसने शरमाते हुए सामने बैठे देव को देखा और फिर अपनी नजर नीचे कर लीं।

यही सीन बार-बार देव के सामने घूमता गया और आखरी बार घूमते हुए देव की सांसे थमी और उसकी आंखें बंद हो गई। उसने धीरे से अपना हाथ अपने गले में पहने एक लॉकेट को टच किया।

जिसमें एक हार्ट शेप का लॉकेट पहना हुआ था। जैसे ही देव ने उस लॉकेट को टच किया तो एक पल के लिए बारिश एकदम से थम गई। उसकी सांसे बंद हो चुकी थी लेकिन बारिश पल भर के लिए थमी और तुरंत ही समय अपने आप करवट लेने लगा।

(अब क्या होगा आगे इस कहानी में कैसे करवट लेने वाला था समय? क्या देव अपनी सांसे गाव देगा? क्या वो बिना बदला लिए मर जाएगा और कौन थी वो लड़की जो अभी-अभी उसके सामने पेश हुई थी और कौन सा नया खेल खेलने वाली है किस्मत देव के साथ?)

(अब क्या हुआ आगे इस कहानी में ये जानने के लिए आपको पढ़नी पड़ेगी मेरी ये कहानी जिसका नाम है, "Rebirth Of Mafia's Revenge and Love'')

......... To be continued.......

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