"Rebirth और देव का बदला रूप और नयी साजिश की शुरुआत"
अब आगे:-
देव जो कि इस वक्त लाश के रूप में वहां पर पहाड़ी के ऊपर पड़ा हुआ था,
"आह....."
अचानक से उसकी आंख खुली उसने चौंकते हुए अपने आस-पास देखा। वो हैरान था वो फटी फटी आंखों से आस-पास देख रहा था। वो इस वक्त एक कमरे में खड़ा हुआ था। वो चौंकते हुए सोफे से उठा वो हैरान होकर कमरे में घूमते हुए देखने लगा।
उसने शॉक्ड होते हुए अपने मुंह पर हाथ रखकर कहा, "व्हाट द हेल इज़ दिस ये ये मैं कहां गया? ये तो ये तो आज मतलब आज ये ओह..... गॉड ये सब मेरी लाइफ में क्या हो रहा है? ये क्या हुआ अचानक से ये मैं कहां पहुंच गया? यहां पर आज तो मेरी शादी है लेकिन मैं मैं तो मर चुका हूं। मैं मैं अचानक से जिंदा कैसे हो गया?............."
ये कहते हुए उसने अपने आप को टच करके देखा और फिर मैं उनके सामने जाकर अपने आप को मिरर में देखा वो सही सलामत था। उसने अपने सीने को टच किया जहां पर चाकू लगा था लेकिन इस वक्त उसे कुछ भी नहीं हुआ था।
वो ये देखकर काफी ज्यादा चौंक गया। उसने असमंजस में फंसे हुए कमरे में चहल अदमी करते हुए अपने आप को अपनी सोचूं में गुमा लिया।
धीरे-धीरे उसे सब कुछ समझ में आने लगा। उसे समझ में आया कि ये उसका पुनर्जन्म है उसका अभी रिबर्थ है। वो तो कब का मर चुका है लेकिन भगवान और उसकी किस्मत ने उसे एक नया मौका दिया है अपनी गलतियां सुधारने का और अपने दुश्मनों से अपने आप को मिले उस धोखे का बदला लेने का।
जैसे ही उसे उसके मौत के समय वाला सीन उसके सामने घूमा गुस्से में उसकी आंखें लाल हो गई उसने गुस्से में दांत पीसते हुए मिरर में अपने आप को देखकर कहा, "नहीं अब और नहीं अब और नहीं देव कपूर पूरी की तरह से बदल चुका है। एक डीसेंट देव कपूर को आप लोगों ने एक राक्षस बना दिया है, एक डेविल। एक ऐसा डेविल जिसके जिंदगी का सिर्फ एक ही मकसद है आप लोगों की बर्बादी.........."
उसकी ये आवाज उस कमरे में गूंज उठी उसकी आंखों में एक अजीब सी कशिश और नफरत थी। उसके अपनों के लिए उसकी सौतेली मां, बहन, भाई और अपनी गर्लफ्रेंड जिसे आज उसकी शादी होने वाली थी उसके लिए।
थोड़ी देर बाद,
देव बेड पर बैठा हुआ था। उसने सेहरा पहना हुआ था लेकिन उसके चेहरे के एक्सप्रेशन काफी ज्यादा सख्त थे। वो उसी का कमरा था जिसमे कमरे में जगह-जगह उसकी फोटोस लगी हुई थी। उन सभी फोटोस में उसके चेहरे पर मुस्कान थी लेकिन अभी जो देव बेड पर बैठा हुआ था वो कोई और ही था। एक डेविल जिसके पास दिल नाम की अब कोई चीज नहीं गई,
लेकिन अगर कोई चीज थी भी तो उसमें सिर्फ एक ही लड़की के लिए जगह थी। देव ने अपने हाथों की मुट्ठियां करते हुए गुस्से में सामने टंगी तस्वीर को देखकर कहा, "आप लोगों ने मुझे बहुत बड़ा धोखा दिया है। एक ऐसा धोखा जिसे मैं जिंदगी भर भुला नहीं पाऊंगा अगर मैं चाहूं तब भी। मैं चाहकर भी आप लोगों को माफ नहीं करूंगा?
आप लोगों को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती की है और इसकी कीमत तो चुकानी होगी ना। मैं आप लोगों की जिंदगी ऐसी बर्बाद करूंगा आप लोग मुझसे अपनी मौत की भीख मांगेंगे, जिस जगह आप लोगों ने मुझे मौत दी है उसी जगह अगर मैंने आप लोगों को मौत नहीं दी तो मेरा नाम देव कपूर नहीं।
लेकिन लेकिन अभी क्या अभी कुछ ही पलों में मेरी शादी हो उस धोखेबाज आकांक्षा से होने वाली है नहीं नहीं मुझे कुछ करना होगा? मुझे उससे शादी नहीं करनी है अगर मैंने उससे शादी की तो फिर से वही सब हो जाएगा।
नहीं मैं उससे शादी नहीं करूंगा मुझे कुछ ना कुछ तो करना ही होगा। मुझे कुछ भी करके इस शादी को बदलना होगा, मुझे आकांक्षा को अपनी जिंदगी से निकलना ही होगा लेकिन इतनी आसानी से नहीं?
आकांक्षा भी मेरी मौत और उस धोखे में उतनी जिम्मेदार है जितने कि वो तीनों लोग। हम्म आकांक्षा को भी मौत ही मिलेगी और बहुत भयानक............"
ये कहते हुए वो अपनी सोच में खो गया लेकिन तुरंत ही उसे कुछ याद आया और उसने तुरंत अपना फोन निकाला और किसी का नंबर डायल किया।
नंबर डायल होते ही दूसरी तरफ से किसी की आवाज सुनाई दी जिसे सुनने के बाद देव ने अपने होठों पर तीखी मुस्कान लिए कहा, "कैसे हो? आई नो के तुम अच्छे ही हो बिकॉज़ तुम्हारी ऐक्स गर्लफ्रेंड जिसे तुमने दिलो जान से चाहा आज उसकी शादी मेरे साथ होने वाली है लेकिन अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी कुछ हेल्प कर सकता हूं............."
ये कहते हुए उसके होठों पर गहरी मुस्कान आ गई उसकी बात सुनकर दूसरी तरफ से कुछ कहा गया।
जिसे सुनकर देव ने सख्त एक्सप्रेशन लिए कहा, "तुम्हें अभी के अभी आकांक्षा को किडनैप करना है और उसे एक रात के लिए अपने पास रखना है। तुम उस एक रात में उसके साथ क्या करते हो क्या नहीं उससे मुझे फर्क नहीं पता लेकिन सुबह तक वो तुम्हारी कैद से छूटनी नहीं चाहिए जब तक कि मैं तुम्हें अगला आर्डर ना कर दूं।
अगर तुम्हें मेरी ये डील मंजूर है तो बताओ मैं सभी सिक्योरिटी हटा दूंगा ताकि तुम्हें उसे किडनैप करने में आसानी हो............."
ये सुनकर दूसरी तरफ से कुछ कहा गया जिसे सुनकर उसके होठों पर गहरी और डेविल स्माइल आ गई उसने तुरंत कॉल कट कर दिया और बेड से उठते हुए हंसकर बोला, "हा हा हा अब आएगा खेलने मजा आकांक्षा तुम्हारी जिंदगी जहन्नुम होने वाली है।
जितना तुमने मेरी पूरी जिंदगी और मेरी पूरी फैमिली को तड़पाया है उतना तुम एक रात में तड़पने वाली हो। मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं था आकांक्षा एक डीसेंट मासूम इंसान को तुमने डेविल बना दिया और अब तुम खुद देखोगी कि ये डेविल अपना बदला लेने के लिए किस हद तक जाता है।
मैं तुम्हारी जिंदगी को इस कदर बर्बाद कर दूंगा कि कोई इंसान दोबारा ऐसी हरकत करने से पहले 100 बार सोचेगा............."
ये कहते हुए उसने सामने टंगी अपनी फैमिली फोटो को देखा जिसमें सोफे पर वो बैठा हुआ था। उसी के बगल में उसकी सौतेली मां वंदना, उसके पीछे उसके भाई-बहन और उसकी दूसरी साइड आकांक्षा उसके कंधे पर हाथ रखे खड़ी हुई थी।
अपनी फैमिली फोटो को देखकर उसने तीखी मुस्कान हंसते हुए कहा, "कमाल है ये ये लोग इतना बड़ा खेल कैसे खेल सकते हैं मेरे साथ? इन्हें देखकर कोई कह भी नहीं सकता कि ये लोग इतने बड़े चालबाज होंगे, लेकिन अब मुझे सब कुछ पता चल गया है।
मैं किसी चीज से अनजान नहीं हूं और सब कुछ जाने के बाद मैं उनके साथ खेल खेलेगा क्योंकि मुझे चाय में गिरी मक्खी देखकर भी निगली नहीं जाती और कोई मेरे सामने मेरी आंखों के सामने आकर मुझे धोखा दे ये मैं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता और अब डेविल तो बिल्कुल भी नहीं जिस डेविल को तुम लोगों ने जगाया है.............."
ये कहते हुए उसके होठों पर इविल स्माइल आ गई। वो अपने हाथ में ब्रांडेड वॉच पहने हुए तुरंत कमरे के बाहर निकल गया। जैसे ही देव कमरे के बाहर निकला तो पाया कि वो इस वक्त अपनी हवेली के दूसरी मंजिल पर खड़ा हुआ था।
उसने एक नजर हवेली के नीचे देखा और फिर हवेली के आस-पास। पूरी हवेली को दुल्हन की तरह सजाया हुआ था आज इस हवेली के राजा यानी कि देव कपूर और आकांक्षा मित्तल की शादी थी। आकांक्षा मित्तल जोकि वंदना की बचपन की सहेली की बेटी थी। वंदना ने ही आकांक्षा और देव को मिलाया था।
देव ने मुस्कुराते हुए उस डेकोरेशन को देखा वो अपने होठों पर तीखी मुस्कान लिए बोला, "जितनी तैयारी करनी है कर लो लेकिन आज ये शादी इस तरह से रंग बदलेगी कि तुम सब लोग खून के आंसू रोओगे..........."
ये कहते हुए उसने नीचे मेंन हाल में खड़े अंकुर और आरोही को देखा। वहीं सोफे पर वंदना बैठी हुई थी वो तीनों काफी ज्यादा खुश दिखाई दे रहे थे। देव अपने होठों पर हल्की मुस्कान लिए स्टेयर्स से उतरते हुए नीचे आया कि तभी एक लड़की भागते हुए उसके पास से होकर गुजरी के तभी वो उस लड़की से टकरा गया।
(अब क्या हुआ आगे इस कहानी में ये जानने के लिए आपको पढ़नी पड़ेगी मेरी ये कहानी जिसका नाम है, "Rebirth Of Mafia's Revenge and Love'')
......... To be continued.......
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