In love with bodyguard Ch. 1

In love with bodyguard - Chapter 1

Posted by StarryInk • Sep 08, 2026 05:56 PM

मुंबई का वह इनडोर स्टेडियम आज रात सिर्फ एक कॉन्सर्ट वेन्यू नहीं लग रहा था, बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने शहर की सारी रोशनी उठाकर एक ही जगह जमा कर दी हो। बाहर सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी थी। कुछ लोग टिकट हाथ में पकड़े भागते हुए अंदर जा रहे थे, कुछ अपने फोन के कैमरे में स्टेडियम का चमकता हुआ एंट्रेंस कैद कर रहे थे, और कुछ ऐसे भी थे जो बस गेट के बाहर खड़े होकर अंदर से आती धुनों को सुनकर ही खुश हो रहे थे।

हर तरफ एक ही नाम था।

**अदा कपूर।**

किसी के हाथ में उसका पोस्टर था, किसी के गाल पर उसका नाम लिखा था, और किसी ने तो उसके पुराने एल्बम की टी-शर्ट पहन रखी थी। स्टेडियम के बाहर लगी बड़ी स्क्रीन पर उसका चेहरा आते ही भीड़ एक साथ चीख उठती थी। ऐसा लगता था जैसे शहर की धड़कन भी आज उसी के नाम पर चल रही हो।

लेकिन जिस लड़की के लिए यह सारा शोर था, वह इस वक्त बैकस्टेज के मेकअप रूम में आईने के सामने बैठी अपने फोन को ऐसे घूर रही थी जैसे फोन ने  कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो।

अदा कपूर ने होंठ सिकोड़कर स्क्रीन पर लिखा कैप्शन दोबारा पढ़ा। उसके बालों को सॉफ्ट वेव्स में सेट किया जा रहा था। आंखों पर हल्की शिमर थी, गालों पर गुलाबी रंग की नर्मी, और उसके पिंक-गोल्ड आउटफिट पर लगे क्रिस्टल हर हलचल पर चमक उठते थे। बाहर लोग उसे देवी की तरह पूज रहे थे, लेकिन अंदर वह बिल्कुल वैसी ही बैठी थी जैसी वह अपने घर में सोफे पर बैठकर खराब मैगी खाते हुए बैठती थी।

“नहीं मतलब सच में, यह कैप्शन किसने लिखा है, बताओ जरा?” अदा ने फोन थोड़ा ऊपर उठाकर कहा, “आज रात अदा अपने सुरों से दिलों पर राज करेंगी। यह क्या है? मैं गाना गाने जा रही हूं या किसी पुराने जमाने की रानी बनकर सल्तनत संभालने जा रही हूं?”

रिया मेहरा ने, जो पिछले दस मिनट से टैबलेट पर उसकी एंट्री टाइमिंग, मीडिया बाइट और परफॉर्मेंस क्यू चेक कर रही थी, धीरे से आंखें बंद कीं। वह अदा के साथ इतने साल काम कर चुकी थी कि उसे पता था, अगर उसने अभी जवाब दिया तो अदा पांच और बातें निकाल लेगी।

“अदा, अभी कैप्शन पर लड़ने का वक्त बिल्कुल भी नहीं है,” रिया ने खुद को शांत रखते हुए कहा, “पूरी मीडिया बाहर है, समर सर लगातार अपडेट मांग रहे हैं, और तुम शो शुरू होने से पांच मिनट पहले भी सोशल मीडिया टीम की जान लेने पर तुली हुई हो।”

अदा ने आईने में रिया को देखा और बहुत मासूम चेहरा बनाया। “मैं किसी की जान नहीं ले रही हूं, रिया। मैं बस उनकी भाषा सुधार रही हूं। एक कलाकार होने के नाते मेरी भी कुछ सामाजिक जिम्मेदारियां हैं, और खराब कैप्शन समाज के लिए खतरा होते हैं।”

मेकअप आर्टिस्ट के हाथ एक पल को रुक गए। वह हंसी रोकना चाहती थी, लेकिन उसके होंठों पर मुस्कान आ गई। रिया ने उसे आईने से देखा तो वह तुरंत फिर सीरियस होकर ब्रश चलाने लगी।

“तुम पांच मिनट के लिए भी थोड़ी सी सीरियस नहीं रह सकती क्या?” रिया ने पूछा।

“रह सकती हूं, लेकिन फिर लोग कहेंगे कि अदा बदल गई है,” अदा ने जवाब दिया, “तुम्हीं लोग तो कहते हो कि मेरा फन साइड जनता को बहुत पसंद है। अब जब मैं फन कर रही हूं तो तुम लोगों का ब्लड प्रेशर हाई हो रहा है।”

रिया ने टैबलेट नीचे रख दिया। उसके चेहरे पर झुंझलाहट थी, पर आंखों में टेंशन भी थी। “फन और बचाव में फर्क होता है, अदा। तुम जितना ज्यादा मजाक करती हो, मुझे उतना ज्यादा समझ आता है कि तुम अंदर से नर्वस हो।”

अदा ने कुछ कहने के लिए होंठ खोले, फिर बंद कर लिए। बाहर से भीड़ की आवाजें दीवारों से छनकर अंदर आ रही थीं। नाम उसका था, आवाजें उसके लिए थीं, इंतजार उसका था, लेकिन अजीब बात यह थी कि ऐसे पलों में उसे अक्सर खुद से सबसे ज्यादा दूरी महसूस होती थी।

उसने फिर भी मुस्कुराकर कहा, “मैं नर्वस नहीं हूं, बस मुझे याद नहीं कि तीसरे गाने के बाद बाईं तरफ जाना है या दाईं तरफ। अगर मैं गलत तरफ चली गई तो तुम मुझे बचा लेना, वैसे भी तुम मेरी जिंदगी की गूगल मैप हो।”

“तीसरे गाने के बाद बाईं तरफ जाना है, और चौथे गाने से पहले तुम्हें पानी पीना है,” रिया ने तुरंत कहा, “लेकिन अगर तुमने फिर से बोतल को स्टेज प्रॉप समझकर फेंक दिया तो मैं सच में नौकरी छोड़ दूंगी।”

अदा ने हंसते हुए कहा, “तुम नौकरी नहीं छोड़ सकती, रिया। तुम्हारे बिना मैं गलत दरवाजे से स्टेज पर जाऊंगी और फिर लोग समझेंगे कि यह भी कोई आर्टिस्टिक कॉन्सेप्ट है।”

दरवाजे पर उसी वक्त दस्तक हुई।

“अंदर आ जाइए, लेकिन अगर कोई और स्ट्रेस लेकर आया है तो बाहर ही छोड़कर आए,” अदा ने थोड़ा ऊंची आवाज में कहा।

दरवाजा खुला और विवान कपूर अंदर आया। अदा का छोटा भाई। उम्र में छोटा, हरकतों में और भी छोटा, और आत्मविश्वास में अपनी बहन से भी दो कदम आगे। उसके हाथ में चिप्स का पैकेट था और चेहरे पर ऐसी मुस्कान जैसे वह किसी बहुत जरूरी मिशन पर आया हो।

“मैडम सुपरस्टार, बाहर लोग आपके नाम से पागल हो रहे हैं,” विवान ने कमरे में आते हुए कहा, “और आप यहां बैठकर कैप्शन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बना रही हैं। सच बताइए, क्या मैं आपके फैंस को बता दूं कि उनकी क्वीन अभी चिप्स चुराने वाली हालत में है?”

अदा ने उसे सिर से पैर तक देखा। “सबसे पहले तो तुम मेरे मेकअप रूम में चिप्स लेकर कैसे आए? दूसरी बात, अगर तुमने मेरे फैंस के सामने मुझे चिप्स वाली हालत में एक्सपोज किया तो मैं तुम्हारे बचपन की सारी शर्मनाक तस्वीरें पोस्ट कर दूंगी।”

विवान ने पैकेट पीछे कर लिया। “दी, ब्लैकमेल करना आपकी उम्र में अच्छा नहीं लगता। और ये चिप्स मेरा इमोशनल सपोर्ट हैं, क्योंकि आपकी आवाज सुनने के लिए मुझे भीड़ में बहुत देर खड़ा रहना पड़ा है।”

“तुम वीआईपी एंट्री से आए हो, बहुत बड़े झूठे इंसान,” अदा ने हाथ बढ़ाकर पैकेट छीन लिया, “और अब यह इमोशनल सपोर्ट मेरी कस्टडी में रहेगा, क्योंकि मैं आज रात काम पर जा रही हूं।”

रिया ने दोनों को देखकर सिर हिलाया। “तुम दोनों को देखकर मुझे कभी-कभी लगता है कि मैं किसी म्यूजिक मैनेजमेंट कंपनी में नहीं, बल्कि किंडरगार्टन में काम करती हूं।”

“किंडरगार्टन में इतनी अच्छी फीस कभी नहीं मिलती, रिया मैम,” विवान ने तुरंत कहा, “आपको हमारी वजह से प्रीमियम स्ट्रेस मिलता है, उसकी कद्र कीजिए।”

अदा की हंसी इस बार सचमुच निकली। ऐसी खुली हुई हंसी, जो कैमरे के लिए नहीं थी। विवान ने भी उसे देखकर हल्की राहत की सांस ली। वह अपनी बहन को बहुत अच्छे से जानता था। स्टेज पर जाने से पहले उसका मजाकिया होना आम बात थी, लेकिन आज उसके चेहरे पर हंसी के पीछे कोई अजीब खिंचाव था।

★★★★

मै यहां नई राइटर हूँ। आपको मेरी novel का पहला भाग कैसा लगा समीक्षा में जरूर बताइए। मुझे आगे की अपडेट के लिए फॉलो करें और सपोर्ट करें। आप stickers देकर इनकरेज करे।

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