In love with bodyguard - Chapter 2
विवान और अदा की बहस के बाद, अदा खुलकर हंस रही थी। विवान ने भी उसे हंसता देखकर राहत की सांस ली। वह अपनी बहन को जानता था कि उसका स्टेज पर जाने से पहले मजाकिया होना आम बात थी लेकिन आज अदा के चेहरे पर हंसी के पीछे एक अजीब खिंचाव था।
बाहर से एक आवाज आई, “फाइव मिनट्स टू स्टेज, पूरी टीम अपनी पोजिशन पर आ जाए!”
मेकअप रूम में जैसे किसी ने अचानक घड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। मेकअप आर्टिस्ट ने आखिरी बार लिप कलर ठीक किया। हेयर स्टाइलिस्ट ने उसके बालों पर स्प्रे किया। रिया ने ईयरपीस उठाकर अदा की तरफ बढ़ाया। विवान ने चिप्स वापस लेने की कोशिश की, लेकिन अदा ने बिना देखे पैकेट अपनी कुर्सी के पीछे सरका दिया।
“दी, कम से कम शो के बाद मुझे मेरे चिप्स वापस मिल जाएंगे ना?” विवान ने उम्मीद भरी आवाज में पूछा।
“अगर मैं आज रात जिंदा बच गई तो तुम्हारे चिप्स के बारे में सोचूंगी,” अदा ने हल्के अंदाज में कहा।
बात मजाक में कही गई थी, लेकिन पता नहीं क्यों कमरे की हवा एक पल को ठंडी हो गई। रिया ने अदा की तरफ देखा। विवान की मुस्कान भी धीमी पड़ गई।
अदा को भी खुद अपनी बात अजीब लगी। उसने तुरंत होंठों पर फिर वही चमकदार मुस्कान चढ़ाई और उठ खड़ी हुई।
आईने में वह परफेक्ट लग रही थी। वही चमकदार आउटफिट, वही आत्मविश्वास, वही चेहरा जिसे देखकर लोग कहते थे कि अदा कपूर को डरना आता ही नहीं होगा। लेकिन शायद डर भीड़ से नहीं आता। डर कभी-कभी किसी अनदेखी नजर से आता है, जो आपको तब देख रही होती है जब आपको लगता है कि आप अकेले हैं।
अदा ने गहरी सांस ली और मुड़ने ही वाली थी कि उसकी नजर ड्रेसिंग टेबल के कोने पर पड़ी।
वहां एक छोटा सा काला बॉक्स रखा था।
पहले उसे लगा कि शायद कोई ज्वेलरी केस होगा, पर फिर उसे याद आया कि आज के लुक में कोई नई एक्सेसरी ऐड नहीं होनी थी। उसने बॉक्स को ध्यान से देखा। उस पर कोई नाम नहीं था, कोई लोगो नहीं था, कोई कार्ड बाहर नहीं लगा था।
“यह बॉक्स यहां किसने रखा है, किसी ने मुझे बताया क्यों नहीं?” अदा ने धीरे से पूछा।
रिया ने तुरंत मुड़कर देखा। “कौन सा बॉक्स? मैंने तो अभी तक इस टेबल पर ऐसा कुछ नहीं देखा था।”
विवान ने भी आगे आकर कहा, “दी, उसे हाथ मत लगाना। पहले किसी को बुलाते हैं, क्योंकि यह चीज यहां अपने आप तो आई नहीं होगी।”
अदा ने दोनों की तरफ देखा। उनकी आंखों में अचानक आई घबराहट ने उसे और बेचैन किया, लेकिन वह बेचैनी छिपाना उसे बहुत अच्छे से आता था।
“इतना ड्रामा मत करो, तुम दोनों मुझे और नर्वस कर रहे हो,” अदा ने बॉक्स की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा, “ज्यादा से ज्यादा किसी फैन ने कोई गिफ्ट भेजा होगा। अगर उसमें एंगेजमेंट रिंग हुई तो मैं स्टेज पर जाकर अनाउंस कर दूंगी कि पहले गाना सुन लो, शादी बाद में देखेंगे।”
“अदा, मैंने कहा ना, उसे अभी बिल्कुल मत खोलो प्लीज,” रिया ने इस बार तेज आवाज में कहा, “तुम्हारे कमरे में कोई अनजान चीज पहुंची है और यह बात अपने आप में नॉर्मल नहीं है।”
अदा ने रुककर रिया को देखा। “तुम मुझे जानती हो ना? अगर मुझे मना करोगी तो मैं खोलूंगी ही। इसलिए बेहतर है कि तुम मेरे साथ खड़ी रहो और अगर कुछ निकला तो ड्रामैटिक रिएक्शन देना।”
रिया ने कुछ कहने के लिए मुंह खोला, लेकिन उससे पहले अदा ने बॉक्स उठा लिया।
उसे ये काला बॉक्स हाथ में ठंडा महसूस हुआ। अदा की उंगलियां एक पल को सचमुच रुक गईं। पता नहीं क्यों, उसे लगा जैसे इस छोटे से बॉक्स के अंदर कोई चीज नहीं, कोई नजर बंद है।
उसने ढक्कन खोल दिया।
अगले ही पल कमरे में मौजूद हर आवाज चुप हो गई।
बॉक्स के अंदर एक काला गुलाब रखा था।
गुलाब ताजा था। उसकी पंखुड़ियों पर हल्की नमी थी, जैसे उसे अभी-अभी किसी ने पानी से निकाला हो। लेकिन उसका रंग इतना काला था कि वह खूबसूरत कम और अशुभ ज्यादा लग रहा था। गुलाब के नीचे एक सफेद कार्ड दबा हुआ था।
अदा ने कार्ड उठाया।
लाल स्याही में एक लाइन लिखी थी।
**आज रात तुम्हारी आवाज आखिरी बार गूंजेगी।**
विवान ने बिना कुछ सोचे अदा के हाथ से कार्ड लेने की कोशिश की, पर अदा ने उसे कसकर पकड़ लिया। उसकी आंखें उस लाइन पर अटकी रह गई थीं। कमरे में बाहर की भीड़ का शोर अब भी आ रहा था, लेकिन अंदर जैसे सब कुछ बहुत दूर चला गया था।
रिया ने धीरे से कहा, “यह कोई मजाक नहीं है, अदा। यह सीधी धमकी है, और इसका मतलब है कि कोई तुम्हारे कमरे तक पहुंच चुका है।”
अदा ने कार्ड से नजरें हटाईं और मुस्कुराने की कोशिश की। “धमकी देने वाले इंसान का टेस्ट थोड़ा अच्छा है। काला गुलाब भेजा है, कोई सस्ता कटा हुआ पेपर नहीं। बस पोएट्री कमजोर है, उस पर काम करवाना पड़ेगा।”
विवान ने गुस्से और डर के बीच फंसी आवाज में कहा, “दी, प्लीज अभी मजाक मत करो। तुम हमेशा हर चीज को हंसी में उड़ा देती हो, लेकिन इस बार बात अलग है। किसी ने तुम्हें सीधे-सीधे कहा है कि आज रात तुम्हारी आवाज आखिरी बार गूंजेगी।”
अदा ने उसकी तरफ देखा। “मैंने पढ़ लिया, विवान। मेरी आंखें ठीक काम कर रही हैं।”
“तो फिर अपने दिमाग को भी थोड़ा काम करने दो,” विवान ने कहा, “मैं सिक्योरिटी को बुला रहा हूं और अगर जरूरत पड़ी तो शो अभी कैंसिल होगा।”
“शो किसी भी हालत में कैंसिल नहीं होगा,” अदा ने तुरंत कहा।
रिया ने हैरान होकर पूछा, “तुम्हें समझ आ रहा है कि तुम क्या बोल रही हो? बाहर भीड़ है, अंदर धमकी है, और हमें पता भी नहीं कि यह बॉक्स किसने रखा।”
“मुझे सब समझ आ रहा है, तुम दोनों मुझे बच्चा मत समझो,” अदा ने धीमी लेकिन साफ आवाज में कहा, “बाहर पच्चीस हजार लोग हैं, रिया। उनमें से कुछ ने अपनी पहली सैलरी से टिकट खरीदा होगा, कुछ दोस्तों के साथ महीनों से प्लान बनाकर आए होंगे, और मेरी पूरी टीम ने इस शो के लिए रातें जागकर काम किया है। मैं एक काले गुलाब की वजह से सबको घर नहीं भेजूंगी।”
विवान ने उसकी तरफ कदम बढ़ाया। “और अगर वह काला गुलाब सच निकला तो? अगर तुम्हें कुछ हो गया तो उन टिकटों से ज्यादा बड़ी कीमत कौन देगा?”
अदा के चेहरे की मुस्कान एक पल के लिए टूट गई। उसने कार्ड नीचे किया और पहली बार उसकी आंखों में डर साफ दिखा। लेकिन वह डर अगले ही पल फिर बंद दरवाजे के पीछे चला गया।
“मुझे डर लग रहा है, और यह बात बोलना मेरे लिए आसान नहीं है,” अदा ने बहुत धीमे कहा, “लेकिन अगर मैं अभी रुक गई ना, तो जिसने यह भेजा है वह जीत जाएगा। मैं उसे मेरे डर से मेरा स्टेज नहीं लेने दूंगी।”
रिया ने गहरी सांस ली। “ठीक है, लेकिन मैं समर सर को बताऊंगी और स्टेज पर एक्स्ट्रा गार्ड्स लगेंगे। तुम चाहे जितना आर्ग्यू कर लो, इस बात पर मैं पीछे नहीं हटूंगी।”
“गार्ड्स लगाओ, लेकिन ऐसे कि ऑडियंस को तमाशा ना लगे,” अदा ने कहा, “मुझे अपनी परफॉर्मेंस देनी है, कोई क्राइम सीन में एंट्री नहीं करनी।”
विवान ने धीमे स्वर में कहा, “दी, तुम सच में बहुत जिद्दी हो, और आज पहली बार मुझे तुम्हारी यही जिद डरावनी लग रही है।”
अदा उसके पास गई और उसके गाल को हल्के से खींचा। “तुम छोटे भाई हो, तुम्हारा काम डरना है। मेरा काम तुम्हें दिखाना है कि डर के बाद भी माइक पकड़ा जा सकता है।”
दरवाजे के बाहर फिर आवाज आई, “टू मिनट्स टू स्टेज, अदा मैम को अभी मूव करना होगा!”
रिया ने कार्ड को टिश्यू से पकड़ा और बॉक्स बंद कर दिया। उसकी उंगलियां हल्की कांप रही थीं। अदा ने यह देख लिया, लेकिन कुछ नहीं कहा। उसने ईयरपीस लगाया, माइक उठाया और दरवाजे की तरफ बढ़ गई।
कॉरिडोर में उसकी टीम खड़ी थी। कोई वायर संभाल रहा था, कोई कॉस्ट्यूम ट्रेल, कोई उसके जूते की फिटिंग देख रहा था। सबकी नजरें उस पर टिक गईं। उनके चेहरों पर उम्मीद थी। अदा ने वही चमकदार स्माइल दी, जो लोगों को यकीन दिला देती थी कि सब कुछ ठीक है।
लेकिन उसके कदम आज थोड़े भारी थे।
स्टेज के पास पहुंचते-पहुंचते शोर इतना तेज हो गया कि उसे अपने दिल की धड़कन भी सुनाई नहीं दे रही थी। अदा लिफ्ट प्लेटफॉर्म पर खड़ी हुई। नीचे से प्लेटफॉर्म उसे धीरे-धीरे स्टेज के बीच में उठाने वाला था। ऊपर अंधेरा था, आगे हजारों लोग थे, और उसके ईयरपीस में रिया की आवाज आई।
“अदा, सांस लो और ध्यान रखो, तीसरे गाने के बाद बाईं तरफ जाना है,” रिया ने कहा।
अदा ने आंखें बंद कीं। “रिया, अगर मैं भूल जाऊं तो मुझे बचा लेना। आज मजाक कम कर रही हूं, इसलिए सच बोल रही हूं।”
रिया कुछ पल चुप रही, फिर बोली, “मैं यहीं हूं। बस गाना शुरू करो और बाकी हम संभाल लेंगे।”
काउंटडाउन शुरू हुआ।
टेन।
नाइन।
एट।
अदा ने माइक को कसकर पकड़ा। उसके कानों में भीड़ की आवाज, म्यूजिक की धड़कन और अपनी सांसें एक साथ घुल रही थीं।
सेवन।
सिक्स।
फाइव।
तभी उसके ईयरपीस में किसी और की आवाज आई।
बहुत धीमी। बहुत करीब। जैसे कोई उसके कान के पास झुककर बोल रहा हो।
“अदा कपूर, मुस्कुरा लो। आज रात तुम्हारी आवाज ही नहीं, तुम्हारा घमंड भी आखिरी बार गूंजेगा।”
अदा की आंखें झटके से खुल गईं।
“रिया, तुमने अभी मेरे ईयरपीस में कुछ अजीब सा कहा क्या?” अदा ने फुसफुसाते हुए पूछा।
ईयरपीस में पहले सन्नाटा रहा।
फिर एक अजनबी आदमी की धीमी हंसी सुनाई दी।
फोर।
थ्री।
“रिया, मेरे ईयरपीस पर कोई और आदमी बोल रहा है,” अदा ने इस बार घबराहट दबाते हुए कहा, “मेरी बात सुनो, किसी ने लाइन हैक कर ली है।”
लेकिन रिया की आवाज नहीं आई।
टू।
वन।
प्लेटफॉर्म ऊपर उठा। तेज सफेद रोशनी अदा के चेहरे पर पड़ी और पूरा स्टेडियम उसके नाम से गूंज उठा। हजारों हाथ हवा में थे, हजारों फोन उसकी तरफ उठे हुए थे।
अदा ने माइक होंठों के पास लाया ही था कि उसकी नजर वीआईपी रो के पीछे खड़े एक आदमी पर जाकर अटक गई। वह पूरी भीड़ में अकेला स्थिर खड़ा था। उसने काला मास्क पहना हुआ था। और उसके हाथ में वही काला गुलाब था।
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