इनोसेंट खुशी और क्रुएल आदित्य Chapter 1
दिल्ली
रात का समय
एक बंद बड़ा सा कमरा जहां पर एक आदमी जमीन पर बैठा हुआ था अंधेरे के कारण वहां कुछ दिखाई नहीं दे रहा था कि वह आदमी कौन है.... ।
उस कमरे में रोशनी के नाम पर एक हल्का सा रेड बल्ब जल रहा था। जिसकी रोशनी ना होने के बराबर था कुल मिलाकर वह कमरा पूरी तरह से अंधेरे में डूबा हुआ था देखने वाले की रूह कांप जाए ऐसे कमरे में
उस कमरे के चारों तरफ खून की छिटे थे और तेज बदबू फैली हुई थी देखा जाए तो इस कमरा को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी को सजा देने के लिए ही बनाया गया हो... ।
तभी कमरे का दरवाजा खुलता है। और दरवाजे खुलते ही एक तेज रौशनी पूरे कमरे में फैल जाती है और उसी तेज रौशनी में एक लम्बी चौड़ी परछाईं धीरे-धीरे अंदर आता है.... ।
उसने ब्लैक सूट पहना हुआ था। हाथ में बड़ी सी गन लेफ्ट हाथ में गोल्डन कलर का चैन का कड़ा पहना रखा था..... ।
उसके सर पर एक ब्लैक कलर कि कैप थी जिसपर वाइट कलर से A:K लिखा हुआ था। उस आदमी का मुंह मस्क से ढका हुआ था...!
जो आदमी जमीन पर बैठा था वह अपनी आंखों पर हाथ रख लेता शायद उसे इतनी रोशनी देखने की आदत नही थी...!
यह देख कर जो आदमी अंदर आ रहा था उसके होंठों पर एक डेविल स्माइल आ जाती है। वह धीरे धीरे अपनी कदमों के साथ उसके पास आता है तो वह आदमी अपने चेहरे पर से हाथ हटाता देता है...!
उसका चेहरा इतना ज्यादा भयानक था कि कोई भी आम इंसान उसे देख कर डर जाए उसके चेहरे पर जगह-जगह पर चोट के निशान थे जिनमें से अभी भी खून निकल रहा था। जिस कारण वह और भी ज्यादा डरावना लग रहा था... ।
वह आदमी जो अभी कमरे में आया था उस घायल आदमी ने उसके पैर को पकड़ते हुए कहा
"मुझे माफ कर दीजिए A.K मैं कुछ ज्यादा ही अंधा हो गया था प्लीज मुझे मौत दे दो मुझसे अब यह टाॅर्चर सहा नहीं जाता मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हूं प्लीज मुझे मौत दे दो
A:K यानी कि वह आदमी उस घायल आदमी को लात मारते हुए उसके हाथ पर अपने पैर से मसलते हुए कहा
"तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई अपने इन गंदे घटिया हाथों से मुझे छूने की लागत है तुम्हारी हिम्मत कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है.... ।
वह आदमी रोते हुए हुए कहा
"प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए मुझे दोबारा ये ग़लती नहीं होगा प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए ना मुझे मौत
"तुम्हारी मौत से मेरा क्या फायदा होगा तुम्हें पता है ना A:K कोई भी डील बिना अपने प्राॅफिट के नहीं करता तो पहले मुझे मेरा फायदा बताओ उसके बाद मैं तुम्हें मौत दूंगा
यह सुन कर वह आदमी अपनी पूरी ताकत जुटाते हुए कहा
"A:K मेरे नाम पर 900 करोड़ की जायदाद है अगर आप कहो तो मैं वह आपके नाम कर सकता हूं अपनी मौत के बदले पर प्लीज मुझे इस नर्क से आजादी दे दीजिए
"तुम झूठ कहा रहे हो क्योंकि तुम्हारी तो सारी संपत्ति थी वह तो मैंने पहले ही ले लिए थे तो अब कौन सी 900 करोड़ की संपत्ति है जो A:K को नहीं पता
वहा आदमी डरते हुए "A:K वह मेरी सीक्रेट प्राॅपटी है जो कि मैंने इन लीगल तरीके से अपने पास रखी हुई है
उसकी बात सुन कर A:K पागल के तरह हंसते हुए अपनी जेब से एक खंजर निकाल कर उस आदमी की तरफ फेंक देता हैं...!
वह आदमी जल्दी से उस खंजर को पकड़ते हुए अपने गले पर रखकर चला देता है...!
जैसे ही उसके गले पर खंजर चला वैसे ही उसकी सांसे बंद हो चुकी थी....!
A:K सिटी बजते हुए कमरे से बाहर निकल कर अपने असिस्टेंट को अंदर की तरफ इशारा कर देता है...!
A:K का असिस्टेंट उसका इशारा समझते ही बाॅडी गार्ड के साथ अंदर जाकर देखा तो उसकी हालत खराब हो गई उसने अपने सर के पसीना पोंछते हुए वह एक बाॅडी गार्ड को उस लाश को ठिकाने लगाने को कहकर वह A:K के पीछे ही निकल जाता है.... ।
वही दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड में
सुबह का समय
एक बड़ा सा बंगलों जिसके आस पास बहुत ही खूबसूरत से रंग बिरंगे फूल खिले हुए थे बड़ा सा गार्डन जहां पर हरियाली ही हरियाली थी उसी बंगले के सेकंड फ्लोर पर एक बड़े से कमरे में एक लड़की बड़े ही आराम से दुनिया जहान से बेखबर अपने मुलायम बिस्तर पर सो रही थी.... ।
तभी उसके कान मैं एक बहुत ही मीठी सी आवाज आई
"ऐंजल उठ जा तुझे आज डांस क्लास नहीं जाना क्या?
"Mom प्लीज थोड़ी देर और सोने दो ना फिर दिन भर busy रहूंगी
लड़की ने अपनी mom को जबाव देते हुए कहा तो उसके mom ने उसे हां कहकर वहां से चली गई.... ।
ये हैं हमारे कहानी के हीरोइन की mom अवनी सिंघानिया बहुत ही नर्म दिल की औरत अवनी जी नीचे हाॅल में आई जहां पहले से ही फैमिली वाले लोग बैठे हुए थे...!
तभी वहां बैठे एक उम्र दराज आदमी ने आवाज दी खुशी बेटा"
ये हैं रामनाथ सिंघानिया हमारी हीरोइन के दादा जी
रामनाथ सिंघानिया की आवाज सुन ख़ुशी जो कुछ देर पहले ही बेड पर सोई थी वह सीढ़ियों से उतरते हुए नीचे आई और मुंह बनाने लगी जिसे देख कर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है...!
ये हैं खुशी सिंघानिया लेकिन प्यार से सब ऐंजल बुलाते हैं हमारी कहानी की हिरोइन दूध से भी ज्यादा गोर रंग काले लम्बे कमर तक लहराते बाल, ब्लू आंखे उसपर घनी पलकें हो पतले गुलाबी होंठ जो नेचुरल पिंक थे खुशी देखने में किसी परी कि तरह सुन्दर और बहुत ही प्यारी और मासूम उम्र 22 साल
खुशी नीचे आई और अपने दादाजी के गले लगा कर उनके साइड में बैठी औरत के गालों पर किस करते हुए कहा
"मेरी प्यारी प्यारी दादी मां
ये हैं सीता सिंघानिया खुशी कि दादी जी सीता जी खुशी को देखकर झूठ मूठ का गुस्सा करते हुए कहा
"अब उठ रही है तू इतने देर तक कौन सोता है?
"मैं खुशी ने उनके गालों को खिंचते हुए कहा तो दादी ने उसके हाथ पर मारते हुए कहा
"कितनी बार कहा है तु मेर ऐसे गाल मत खिंच कर पर मजाल है कि तू किसकी सुने
दादी कि बातें सुन कर खुशी उन्हें पप्पी फेस बनकर देखने लगती है...!
तभी खुशी का फोन पर किसी का फ़ोन आया उसने जल्दी से फोन उठा लिया और जैसे ही उसने सामने वाले इंसान कि बात सुनी खुशी जल्दी से सबको bye कहते हुए घर से निकल गई उसने पार्किंग एरिया से अपनी गाड़ी निकाली और जल्दी से डांस क्लास के लिए निकल गई..... ।
खुशी कि जाते ही सीता जी ने कहा
"तूफान मेल है ये लड़की
उनकी बात सुन दादा जी ने कहा
"अब आपकी तूफान लाडली का विदा करने का टाइम आ गया है