खुशी की शादी की बात- Chapter 2
रामनाथ जी की बातें सुन कर अवनी जी जो साइड में खड़ी थी अपनी आंखों में आसूं लिए जल्दी से अपने आप को संभाला और वहां से किचन की तरफ चली गई... ।
सीता जी थोड़ी गुस्से में दादा जी को देखते हुए कहा
"आप क्यों वहां भेज रहे हैं? यहां भी तो कोई अच्छा सा लड़का देख कर शादी कर सकते हैं,
उनकी बात सुन दादा जी अपने कड़क आवाज में कहा
"मैं अपने ज़ुबान का पक्का हूं सीता अपने किया हुआ वादा से मुकर नहीं सकता और मैं अपनी पोती का कुछ बुरा नही सोचा रहा वो उसके साथ बहुत खुश रहेगी आप सब कल निकलने के तैयारी कर लिजिए
उनकी बात सुन कर सीता जी गुस्से में वहा से उठाकर चली जाती है... ।
उनके जाते ही दादा जी अपने आंखों में आसूं पोंछते हुए अपने मन ही मन कहा
"हम कैसे बताएं आप लोगों को हमारी ऐंजल यह पर सुरक्षित नहीं है... ।
दूसरी तरफ दिल्ली में
एक बहुत बड़ा आलीशान पैलैस जो पूरा कांच का था चारों तरफ जंगल जिसकी हरियाली में वो व्हाइट पैलेस बहुत ही खूबसूरत लग रहा था... ।
उसी बंगले के सेकंड फ्लोर पर एक बड़ा सा जीम था उस जिम मैं एक लड़का जो करीब 31 साल का लग रहा था वह पुशअप कर रहा था... ।
उसके पास एक लड़का खड़ा पुशअप की गिनती करते हुए कहा
"बाॅस पूरे 1000 हुए
उसके बात सुन कर वह लड़का अपनी जगह पर खड़ा होते हुए उस लड़के के हाथ से टाॅवल लेते हुए कहा
"आज के क्या अपडेट है निखिल
"बाॅंस जिस आदमी को अपने कल मर था उसके लोग उसे ढूंढ रहे हैं
निखिल ने उसे देखते हुए कहा
निखिल की बात सुन वह लड़का अपने जिम मैं बने बड़े से खिड़की के पास जाकर खड़ा होकर बाहर कि तरफ देखने लगा... ।
बाहर की हल्की धूप में उस लड़के की बाॅडी काफी अट्रैक्टिव लुक दे रहा था उसने सिर्फ एक ब्लैक कलर का लोवर पहन रखा था उसकी ऊपर की बाॅडी पूरी तरह से नेक्ड थी...।
उसके पीठ पर बड़ा सा lion 🦁 का टैटू था जो उसके कमर तक था और उसके लेफ्ट हैंड पर त्रिशूल का टैटू बना हुआ था... ।
ये हैं हमारे कहानी के हिरो आदित्य कपूर नीली बड़ी बड़ी आंखें गोर रंग, काले बाल, हल्की ब्रियड हाथों में गोल्डन ब्रेसलेट, और गले मैं गोल्डन चैन उसके 6 पैक्स एब्स, चौड़ा सीना दिखने में किसी भी हीरों को पीछे छोड़ दे बिल्कुल हार्टलेस इंसान हैं इन्हें किसी कि भी परवा नहीं है इसके दुनिया में सिर्फ मौत का तांडव होता है इसके अलावा आदित्य का एक और चेहरा हैं जिसे पूरी दुनिया जानती है... ।
A:K Mafia don business tycoon था उसके कई सारे देश विदेश में कंपनी थी ऐसा कौन सा काम नहीं है जिसमें आदित्य का बिजनेस involve नहीं था.... ।
आदित्य निखिल की बात सुन डेविल स्माइल करते हुए कहा
"उस आदमी की सर पार्सल कर दो उसे भी तो पता चले A:K से पंगा लेने का इंजाम क्या होता है।
तभी वहां पर एक और लड़का दौड़ते हुए आया जो करीब आदित्य के उम्र का ही था
"अमन ये आदित्य का राईट हैंड
अमन आदित्य को देखते हुए कहा
"बाॅंस दादा जी का फोन है
अमन की बात सुन आदित्य ने अपने माथे को मसलते हुए उसके हाथ से फोन को लेते हुए कहा
"हां दादू बोलिए कैसे याद किया?
फ़ोन के दूसरी साइड से आदित्य को कुछ कहां गया जिसे सुनकर उसने हां में जवाब देते हुए फ़ोन को साइड में रख दिया और अमन को देखते हुए कहा
"दादू ने गांव बुलाया है जेट रेडी करो
अमन "जी बाॅस
दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड...
खुशी जब घर आई तो देख सब लोग हाॅल में बैठे हुए हैं खुशी ने सामने देखा तो वह एकदम से खुश होते हुए कहा
भाई डैड आप दोनों आ गए? मैंने आप दोनों को ढेर सारा मिस किया"
खुशी के डैड आकाश सिंघानिया और भाई यश खुराना
आकाश जी ने खुशी के गालों को सहलाते हुए कहा
"हमने भी आपको बहुत सारा मिस किया प्रिंसेस
अपनी डैड की बात सुन कर खुशी खिलखिलाकर हंसने लगती है... ।
तभी यश ने खुशी के अपने गले लगते हुए कहा
"बच्चा आप हमें भूल गए ना
खुशी यश को देखते हुए अपना सर ना में हिलाया
तभी अवनी जी ने खुशी को देखते हुए कहा
"ऐंजल जाइए फ्रेश हो जाइए खाना तैयार है
उनकी बात सुन ख़ुशी हंसते हुए फ्रेश होने चली जाती है
थोड़ी देर बाद सब लोग डाइनिंग एरिया में थे और दो मैड सबको खाना परोसा रही थी... ।
दादा जी ने खाना खाते हुए सभी को देखकर कहा
"खाने के बाद मुझे सब लोगों से बहुत जरूरी बात करनी है
उनकी बात सुन कर सबने हां कहां पर अवनी जी और सीता जी कि आंखे नम हो गई क्योंकि उन्हें पता था वह किस बारे में बात करने वाले हैं... ।
कुछ देर में सब लोग खाना खा कर हाॅल में बैठे हुए थे..!
खुशी भी अपनी दादी के गोद में सर रख कर सोफे पर लेटी हुई थी उसे अपनी फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करने में बहुत मजा आता था... ।
दादा जी खुशी को एक नजर देखकर अपने दिल पर पत्थर रख कर खुद को संभालते हुए कहा
"खुशी के लिए मैंने लड़का पसंद कर लिया है और मैं चाहता हूं परसों ही शादी हो
दादा जी की बात सुन पूरे घर में सन्नाटा पसरा गया अब तक ख़ुशी के चेहरे पर जो हंसी थी वह कही गायब हो गई थी उसकी आंखों में आसूं बहने लगे... ।
आकाश जी जैसे ही कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोला ही था कि दादा जी ने अपने कड़क आवाज में कहा
"यह मेरा फाइनल डिसीजन है हम कल सुबह निकल रहे हैं आप सब तैयारी कर लिजिए
यश "पर दादू एक बार ऐंजल से पूछा लिजिए ना वह क्या चाहती है
दादा जी ने खुशी कि तरफ देखा जिसके आंखों में आसूं थे दादाजी कुछ कहते उसे पहले ही खुशी रोते हुए अपने कमरे में चली जाती है..... ।
खुशी को ऐसे रोते हुए देखा कर दादा जी भी उसके पीछे चल दिए
खुशी अपने कमरे मैं आकर बेड पर पेट के बल सो कर रोने लगी तभी उसके कमरे का दरवाजा नाॅक हुआ,