THE WIFE Of RUTHLESS KING Ch. 3

दोनों का मिलना है संयोग या साज़िश- Chapter 3

Posted by Minu Singh • Sep 14, 2026 12:02 PM

खुशी जल्दी से अपने आंसू पोंछते हुए कहा

"अंदर आ जाइए दरवाजा खुला है।

उसकी बात सुन कर रामनाथ जी खुशी के कमरे के अंदर आते हैं... ।

अपने दादू को अपने कमरे में देख खुशी जल्दी से बेड से उठ कर बैठ जाती हैं और अपने दादू को देखते हुए कहा

"दादू आप यहां कुछ काम था?

दादा जी "नही ऐंजल बस तुमसे थोड़ी बात करनी थी।

"जी दादू कहिए

खुशी ने बहुत ही संजीदगी से कही

दादा जी ने उसके सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा

"क्या मेरी ऐंजल मुझे नाराज हैं।

खुशी छोटे बच्चों कि तरह मुंह बिचकाते हुए हां में अपना सर हिलाती है... ।

दादा जी खुशी कि मासूम सी चेहरे को देख कर अपने दिल कि दर्द को दबाते हुए कहा

"ऐंजल कभी कभी हमें वो सब करना पड़ता है जो हम करना नहीं चाहते बस ये याद रखना बच्चा हम आपक बुरा नही चाहते और वह लड़का बहुत अच्छा है बहुत मासूम भी है। किसी से ऊंची आवाज में बात तक नहीं करता किसी से मार पीट नही करता वह तुमसे बहुत प्यार करेंगे रानी बना के रखेगा तुम्हें तुम्हें जैसे सबके साथ रहना पसंद है उसे भी सबका साथ अच्छा लगता है

यह कहते हुए दादा जी ने खुशी के सर को सहलाते हुए उसे Good night कह कर उसके कमरे से चले गए,

सुबह का वक्त

स्विट्जरलैंड

सब लोग जाने की तैयारी मैं थे सबने शादी के शाॅपिग कर ली थी शादी के लिए सारी ज़रूरत की चीजें पैक की गई थी... !

खुशी ने अपने घर से बाहर निकल कर पूरे घर को अपने आंखों में आसूं लिए देखा उसकी बचपन से लेकर आज तक की सारी यादें उसके सामने किसी रोलरकाॅस्टर की तरह घूम रहा था... ।

खुशी अपने घर को आंखों में जैसे बसा लेना चाहती थी उसकी और उसके भाई का मस्ती, उसके Mom dad का प्यार, दादा दादी से मस्ती उसने एक नजर अपनी फेवरेट फरारी पर डाली जो उसके भाई ने डाॅक्टर बनने पर गिफ्ट दी थी... ।

खुशी उसके पास गईं, और प्यार से उसपर हाथ फेरते हुए कहा

"मैं तुम्हें बहुत मिस करूंगी गुलाबों तुम्हारी आदत जो लग गई है

यश ने प्यार से खुशी को अपने सीने से लगाते हुए कहा

"ऐंजल तु ठीक है ना

यश की बातों को सुन कर खुशी हल्का सा मुस्कुराते हुए हां में जवाब दी

जिसे देख सब वहां से एयरपोर्ट के लिए निकल जाते हैं.।

शाम का वक्त

उत्तर प्रदेश की राजपुर गांव....

दूर दूर तक मिट्टी के घर दिखने में थोड़ा बंजर गांव था जहां ना तो कोई ऊंची घर थी और नही कोई पक्के सीमेंट के घर

कुछ घरों में मिट्टी कि दिए जल रहे थे तो कुछ घरों में पिली बल्ब जल रही थी रास्ता भी पूरा मिट्टी का था जिसपर एक दो पिली लाइट जल रही थी.... ।

खुशी ने यह नजारा पहली बार देखा रही थी उसे वो सब बहुत ही अच्छा लगा रहा था पहली बार जो किसी गांव में आईं थी.. ।

शाम होने के कारण गांव में अंधेरा होने लग था... ।

क्योंकि बंजर गांव और ऊपर से रोशनी के नाम पर कुछ दिए और पीली बल्ब कि रोशनी

उनकी गाड़ियां एक बड़े से मिट्टी के घर के सामने आकर रूकी जो 2 मंजिल था उसके सामने बहुत बड़ा आंगन था जिसे गया कि गोबर से लिपाई कि हुई थी आंगन कि बिचों बिचा तुलसी जी का पौधा था। चारों तरफ ठंडी हवाएं चल रही थी.... ।

वही अगल बगल के सभी लोग अपने गांव में इतनी सारी गाड़ी देख कर सब लोग अपने घर से बाहर निकल कर आंखे फाड़ें देखने लगते हैं... ।

क्योंकि पहली बार उनके गांव में इतनी सारी महंगी गाड़ियां जो आई थी... ।

अवनी जी, आकाश जी खुशी, यश दादी जी और दादा गाड़ियों से बाहर आए, वो लोग जैसे ही बाहर आए,

उनके सामने रामनाथ जी के उमर का एक आदमी खड़ा था जिसने वाइट पायजामा और कुर्ता पहना रखा था रौबदार चेहरा जिसपर बड़ी-बड़ी दाढ़ी थी उनके गले मैं गोल्डन चैन हाथ और पैर में सोने का कड़ा पहना हुआ था.... ।

ये हैं शिवराज कपूर आदित्य के दादा जी, गांव के मुखिया इनका रूतबा गांव मैं बहुत बड़ा था...!

रामनाथ जी आगे बढ़ कर शिवराज जी के गले मिलते हुए कहा

"अरे मेरे लंगोटिया यार तू तो बूढ़ा हो गया

शिवराज रामनाथ जी के बात पर चिढ़ते हुए कहा

"बूढ़ा किसो कहा रे तू ? बूढा मैं नहीं तू हो गया है देख-देख कैसे तेरे सर के सारे बाल उड़ गए हैं और तू आधा से ज्यादा उजड़ा चमन लाल हो गया है।

ये कहकर वह जोर-जोर से हंसने लगे उनके साथ ही सब लोग हंसने लगते हैं.... ।

फिर शिवराज जी ने अपने हंसी रोकते हुए कहा

"चलो पहले थोड़ा आराम कर लो बाद में बातें होती रहेगी

यह कहकर शिवराज जी ने उन लोगों को अपने घर के सामने वाले दूसरा घर था वहां लेक गए उनका कहना था कि जब तक शादी नहीं हो जाती उनके घर की होने वाली बहू घर नही आ सकती

उनके जाते ही आदित्य का जीप वहां पर आकर रूकी

आदित्य अपने घर के बाहर इतनी सारी महंगी गाड़ियां देख अमन और निखिल को देखते हुए कहा

"ये गाड़ियां किसकी है पता करो

निखिल "जी बाॅस

निखिल के ये कहने पर आदित्य ने गुस्से में उसे घूर कर देखा,

ये देख निखिल हड़बड़ा कर अपने आप को संभालते हुए कहा

"sorry sorry भैया जी

आदित्य ने अपनी कड़क आवाज में कहा

"याद रखना हम गांव में है। और यह हम A:K नहीं  आदित्य कपूर है अगर गलती से भी तुम्हारी जुबान फिसली तो

ये कहकर आदित्य अपनी बात अधूरी छोड़ दी

आदित्य की धमकी सुन निखिल डरते हुए कहा

"जी भैया जी

आदित्य जीप से बाहर निकल कर attitude के साथ घर के अंदर चला गया वो अंदर आकर जोर से चीखती कहा

"दादू मैं आ गया आप कहा है

शिवराज जी जो अभी अभी घर के अंदर आए थे वो आदित्य के पीछे से उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा

"तो आ गया मेरा शेर

आदित्य अपने दादा जी के गले मिलते हुए कहा

"हां मैं आ गया दादू

तभी एक औरत दौड़ते हुए आकर आदित्य को देखते हुए कहा

"कैसा है मेरा बच्चा ठीक से खाते पीते हो ना

आदित्य ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए कहा

"हां बुआ हम ठीक है आप बताओ आप कैसी हो।

"मैं तो आज बहुत खुश हूं रीना जी ने चहकते हुए कहा

अपने बुआ को इतना खुश होते देख आदित्य को कुछ कड़बड़ लगा.... ।

इसलिए उसने अपनी आंखे छोटी कर शिवराज जी की तरफ देखने लगा

आदित्य को अपने आप को ऐसे देखता पा कर दादा जी जल्दी से वहा से जाते हुए कहा

"चलो खाना लगा दो और बाहर खाना लगा दो आज उन सबसे के साथ खाना खाएंगे

दादा जी की बात सुन आदित्य अचानक से छोटे बच्चों कि तरह मासूम बनते हुए कहा

"कौन आया है दादू बाहर बहुत सारी महंगी गाड़ियां खड़ी है वो किसकी है

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