The Forced Bride ride Ch. 1

"जबरदस्ती की शादी "

Posted by Anjali Sharma • Sep 29, 2026 10:33 AM

राजस्थान,

राजस्थान के शोरगुल से दूर एक बाहरी इलाके में बनी एक बेहद खूबसूरत सी हवेली जिसका नाम राणा मेंशन था। आज इस मेंशन को बहुत खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मेंशन के हर एक कोने को मेरीगोल्ड के फूलों और लाइटिंग से डेकोर किया गया था। आज यहां इस घर के बड़े पोते अनेय राणा की शादी थी।





मेंशन के अंदर घर में इस वक्त बहुत चहल पहल थी। लोग जल्दी-जल्दी कामों में लगे हुए थे। बच्चे मस्ती में लगे हुए थे। रिलेटिव्स से पूरा मेंशन भरा हुआ था। लोग आज बहुत खुश नजर आ रहे थे कुछ ऐसे बाहर के गेस्ट थे जो सिर्फ यहां बातें बनाने आए थे।



मेंशन के गार्डन में एक बड़ा सा मंडप सजा हुआ था। उस मंडप में मैरीगोल्ड के फ्लावर से डेकोरेशन हुई थी।और काफी लाइटिंग लगी हुई थी। जिससे मंडप बहुत खूबसूरत लग रहा था।



मेंशन के अंदर,

एक रूम में,

एक लड़की मिरर के सामने मैरून कलर का हैवी ब्राइडल लहंगा पहने बैठी हुई थी। उस लहंगे पर काफी बारीकी से काम किया गया था। इस लहंगे पर राजस्थानी वर्क था, तो यह और भारी था। उस लड़की के गोरे शरीर पर वह लहंगा बेहद खूबसूरत लग रहा था। उस कमरे में दो मेकअप आर्टिस्ट थी। जो उसका मेकअप कर रही थी बाकी कमरा पूरा खाली था।



उस लड़की की उम्र करीब 19 साल थी। कमर तक आते लंबे काले बाल ,पतली सी कमर, वह लड़की बहुत पतली थी। दूध जैसा गोरा रंग, होठों पर मैरून कलर की लिपस्टिक, हाथों में मैरून कलर का ब्राइडल चूड़ा सेट, पैरों में भारी राजस्थानी पायल, जिसमें वह लड़की बहुत खूबसूरत लग रही थी।



आज उस लड़की की शादी थी। लेकिन न जाने क्यों उस लड़की के चेहरे पर उदासी थी। तभी उसको रेडी कर रही मेकअप आर्टिस्ट उसको मिरर में देखते हुए बोली,"मैम आज आपकी शादी है आप इसलिये उदास है ना? बात भी सही है। आज के दिन ना जाने क्यों रोना आ ही जाता है। लेकिन वैसे मैम एक बात कहूं मैं आपसे? आपकी शादी राजस्थान की एक नामी फैमिली राणा फैमिली में होने वाली है। जो परिवार पूरे राजस्थान पर अपनी हुकूमत करता है। तो आपको तो खुश होना चाहिए कि आप राणा परिवार की बड़ी बहू बनने वाली हैं।







यह सुनते ही उस लड़की की आंखों से आंसू का एक कतरा बह गया। जिसे जल्दी से उसने पोछा और शांत होकर बैठ गई। उस लड़की के चेहरे पर उदासी थी। और दिमाग में उत्तर-पुथल मची हुई थी।



तभी एक औरत अपना लहंगा संभालते हुए अंदर आई, और सामने बैठी लड़की को देखकर तेजी से चिल्लाई।



"अरे! तुम मेकअप आर्टिस्ट क्या शक्ल दिखाने के लिए आई हो? उस औरत ने मिरर के सामने आकर चिल्लाते हुए कहा।



उसकी बात सुनकर वह मेकअप आर्टिस्ट उसको देखते रह गई। दूसरे पल कुछ सोच वह मेकअप आर्टिस्ट बोली,"बट मैम प्रॉब्लम क्या है ? क्या आपको इनके मेकअप में कुछ प्रॉब्लम है?"



यह सुनकर उस औरत ने नाक सिकोड़ कर मिरर के सामने दुल्हन के लिबास में बैठी लड़की को एक नजर घूरा और मुंह बनाकर बोली,"मुझे कोई दिक्कत नहीं है बस इसे जल्दी से रेडी कर दो। और मेकअप को ज्यादा थोपने की जरूरत नहीं है, इसका चेहरा जैसा है वैसा ही रहेगा।



तभी वह औरत मुंह बनाते हुए अपने मन में -हूह! कर्मजली कहीं की! ना औकात, ना हैसियत , चली है राजघराने में शादी करने।



तभी उस मेकअप आर्टिस्ट की आवाज उस औरत के कान में गई।



"मैम जरा इधर देखिए, होने वाली रानी सा तैयार हो चुकी है।



होने वाली रानी सा! यह शब्द सुनते ही वो औरत गुस्से से भर उठी। और बोली,"कौन होने वाली रानी सा? अगर दोबारा यह कहा ना तो मुझसे बुरा तुम्हारे लिए कोई नहीं होगा। और हां ठीक लग रही है जब इसे बुलाया जाए तो नीचे ले आना।



तभी वो औरत अपने मन में बोली," मेरा नाम भी शालिनी राणा है। मैं अपने भतीजे की जिंदगी तुझ जैसी नौकरानी के साथ बर्बाद नहीं होने दूंगी।



कहते हुए शालिनी वहां से चली गई। लेकिन जाते वक्त उसके चेहरे पर डेविल स्माइल थी।। शालिनी अनय की बुआ थी। जो कई सालों से अपने मायके में रह रही थी



इधर दूसरी तरफ,

हाॅल में,

हाॅल में सभी लोग सोफे पर बैठे हुए थे। कुछ रिलेटिव थे, तो कुछ बिजनेस मेंन ,या कुछ पॉलिटिक्स से रिलेटेड लोग।



तभी उनमें से एक उम्र दराज शख्स बोला,"वैसे रणवीर तू अपनी जवान का पक्का निकला यार। तूने यह शादी करवाने का फैसला करके आज सिर्फ पूरे राजस्थान में अपनी जवान ही नहीं रखी, बल्कि एक मिसाल कायम की है, तूने 8 साल पहले जो वादा पूरे राजस्थान के सामने किया था आज तूने उसे निभाया है।





यह सुनकर रणवीर राणा अपने मूंछों को ताओ देते हुए बोले,"रणवीर राणा अपनी जवान का पक्का है। वह जो कहता है वह करके दिखाता है। लोगों को भले ही लगता होगा, कि मैंने ऐसे ही यह वादा किया था लेकिन आज जब वह लड़की मेरे घर की बहू बनेगी, तब सबको यह यकीन हो जाएगा कि रणवीर राणा अपनी जवान का पक्का है।



"तूने सही कहा यार! नहीं तो आज के जमाने में एक नौकर की हैसियत रखने वाले शख्स से वादा करके लोग भूल जाते हैं। लेकिन तूने उस नौकर की बेटी को जो कि खुद इस घर की नौकरानी थी। उसे तू अपने घर की बहू बनाने जा रहा है। यह बहुत बड़ी बात है। रणवीर राणा के बचपन के दोस्त अशोक धनराज ने कहा।



उनकी बात सुनकर रणवीर राणा अपनी मूंछों को ताओ देते रह गए। उनके चेहरे पर इस वक्त एक जंग जीत लेने वाली मुस्कुराहट थी। और उनकी वह मुस्कुराहट वहां बैठे हर एक शख्स के चेहरे पर एक ताना थी। क्योंकि किसी को लगा नहीं था कि वह यह वादा निभाएंगे।



रणवीर राणा अनय के दादाजी थे। दरअसल 8 साल पहले हवेली में एक फंक्शन रखा गया था। जिसमें बाहर के भी गेस्ट आए थे। और सभी लोग मौजूद थे। यह फंक्शन अनय की 18th बर्थडे पार्टी का था। अनय इस घर का बड़ा पोता था। तो सभी उसके लिए बहुत खुश थे। लेकिन जब केक काटने की बारी आई।



तभी सबको अनय की एक दर्दनाक चीख सुनाई दी। अनय की चीख सुनकर सभी का ध्यान उसकी तरफ गया। जो जमीन पर अपने पैर को पकड़े बैठा हुआ था। उसका पैर अब तक नीला पड़ चुका था।



यह देख सभी घबरा गए, जल्दी सभी उसके पास आए। तभी रणवीर राणा उसके पास बैठते हुए बोले,"क्या हुआ बेटा?



"दादू! सांप!सांप! सांप ने मुझे काट लिया दादू। अब मैं मर जाऊंगा दादू। "



कहते हुए अनय बेहोशी की हालत में जा रहा था। उसकी बात सुनकर सभी घबरा गए। तभी उन सभी की नजरे वहां से रेंगते हुए सांप की तरफ गई। जो अब तक बाहर की तरफ निकल चुका था।



यह देखकर सभी हैरान रह गए । सबके मन में सिर्फ एक ही सवाल था।कि यह सांप मेंशन के अंदर अचानक कैसे आया? लेकिन अभी यह सब सोचने का किसी के पास वक्त नहीं था। वह अनय को लेकर जल्दी से कमरे में गए। कुछ देर में डॉक्टर आए डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। लेकिन बॉडी में अब तक जहर पूरी तरीके से फैल चुका था। तो डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाये।



यह देखकर रणवीर राणा ने अपने प्राचीन गुरू जी को बुलाया। गुरु जी ने अनय के सर पर हाथ फेरा , कुछ पलों के लिए उन्होंने अपनी आंखों को बंद किया।



कुछ देर बाद उन्होंने अपनी आंखें खोली , और बिना किसी भाव के बोले,"रणवीर जैसा कि मैंने इस बच्चे के पैदा होने पर ही तुमसे कहा था! की इसकी कुंडली में सर्प दोष है। और इस सर्प ने इसे काट लिया।



"तो अब क्या करें गुरुजी? कुछ तो रास्ता बताइए ना ,इसीलिए हमने आपको यहां बुलाया है! रणवीर घबराते हुए बोले। अनय उनका सबसे लाडला और बड़ा पोता था , जो उन्हें अपनी जान से भी ज्यादा प्यारा था।





तभी गुरु जी अपने हाथों में ली हुई माला अपने हाथों से मलते हुए बोले,"तुम्हें एक कन्या ढूंढनी होगी। वह भी ऐसी जो इस सर्प दोष को मिटा सके। उस लड़की को ढूंढ कर तुम्हें उसके मुंह से अनय के पैर का जहर निकलवाना होगा। लेकिन याद रहे, वह लड़की जहर निकालने के बाद मरनी नहीं चाहिए। उसे जिंदा रहना होगा, अगर वह मर गई तो बचेगा अनय भी नहीं। अगर वह लड़की जिंदा रही , तभी अनय भी बच पाएगा। और सबसे बड़ी बात उस लड़की के बड़े होने के बाद तुम्हें उसकी शादी अनय से करनी होगी।





यह सुनकर रणवीर राणा के चेहरे पर परेशानी के भाव आ गए। रणवीर राणा कुछ सोचते हुए बोले,"हमें हमारा पोता हमारी जान से भी ज्यादा प्यारा है। तो हम ये करने के लिए तैयार है लेकिन वह लड़की हमें मिलेगी कहां?



"मैं ऐसी किसी कन्या को देखकर ही बता सकता हूं कि उसकी कुंडली में योग है या नहीं?? इस घर में अभी जितनी भी कन्या मौजूद हैं, तुम उन सभी को यहां बुलाओ सबसे पहले मैं उन्हीं को देखूंगा! गुरु जी ने सख्त आवाज में कहा।



उनकी बात सुनकर रणवीर राणा ने अपना सर हिला दिया। आज अनय का जन्मदिन था। तो घर में बच्चे मौजूद थे। और उन बच्चों में आधे से ज्यादा लड़कियां थी।



तभी घर की सारी लड़कियां वहां बुलाई गई ! गुरु जी ने उन्हें एक नजर देखा लेकिन दूसरे ही पल उन्होंने सभी को वहां से जाने का फरमान सुनाया।



यह देखकर रणवीर राणा परेशानी से बोले,"क्या हुआ गुरु जी? अपने सभी को क्यों भेज दिया? क्या इनमें से किसी के भाग्य में वह योग नहीं है?



"नहीं है वह योग इनमें से किसी के में भी! गुरु जी ने बिना किसी भाव के कहा।



यह सुनकर रणवीर परेशान होकर बोले,"तो क्या करें?



"तुम्हें कुछ करने की जरूरत नहीं! मैं खुद उस लड़की को ढूंढ लूंगा! कहकर गुरु जी कमरे से बाहर निकल गए।



वह अभी हवेली के बाहर जा ही रहे थे कि तभी उनकी नजर हवेली के गार्डन में काम कर रहे एक नौकर पर गई। उस नौकर की एक छोटी सी बच्ची उसके साथ काम कर रही थी। उस बच्ची को एक नजर देखते ही गुरु जी का चेहरा सख्त हो गया।



दूसरे ही पल वह अंदर गए। और कुछ ही देर में उनके साथ रणवीर राणा बाहर आए।

रणवीर उस नौकर के पास आकर बोले,"कैलाश तुमने सालों से हमारी वफादारी की है! कभी भी हमारे साथ गद्दारी नहीं की। तुम सच में बहुत अच्छे हो। लेकिन आज मैं तुमसे कुछ मांगना चाहता हूं। मुझे तुम्हारी बेटी चाहिए अपने पोते के लिए।



उसकी बात सुनकर कैलाश हैरान रह गया। दूसरे पल कैलाश बोला,"आप यह क्या बोल रहे हैं राणा सा? आपको मेरी बेटी अपने पोते के लिए चाहिए? लेकिन क्यों वह तो बहुत छोटा है ना अभी?



यह सुनकर रणवीर अपने हाथों को आगे करते हुए जमीन पर बैठ गए और बोले,"हम आज तुमसे कुछ मांगना चाहते है लेकिन तुम उसके लिए मना मत करना। तुम्हें पता है कि आज इस घर में मातम छाया है। क्योंकि इस घर के बड़े पोते को सांप ने काट लिया है। और उसका सिर्फ एक ही तोड़ है। और वह है तुम्हारी बेटी! तो हमें तुम्हारी बेटी चाहिए।



रणवीर राणा को अपने सामने झुके देखकर कैलाश परेशान हो गया। उसे समझ नहीं आया कि वह क्या कहे?



तभी कैलाश रणवीर को अपने सामने से उठाते हुए हाथ जोड़कर बोला,"राणा सा मैंने सालों से आपका नमक खाया है। आपके लिए काम किया है। माना आपके आगे मेरी कोई औकात नहीं है। लेकिन मेरी बेटी मेरे लिए बहुत कुछ है। मैं उसे दान नहीं कर सकता।



यह सुनकर रणवीर राणा गुस्से में आ गये। रणवीर ने कैलाश को धमकी देते हुए कहा,"अब तक मैं तुमसे अच्छे से पेश आ रहा था। लेकिन मैं भूल गया था तुम्हारी औकात क्या है? तुम जैसे लोगों को अच्छाई भाती ही कहां है।



तो सुनो कैलाश तुम चाहो या ना चाहो , तुम्हारी बेटी को मैं अपने पोते के लिए लेकर रहूंगा। क्योंकि वही मेरे पोते की जिंदगी बचा सकती है। लेकिन हां तुमसे मैं आज एक वादा करता हू। और वह वादा मैं आज सभी के सामने करूंगा।



कहते हुए रणवीर राणा ने कैलाश का हाथ पकड़ा, और उसे हवेली के अंदर ले गये। हवेली के अंदर मातम का माहौल था। वहां अभी भी सारे गेस्ट मौजूद थे। तभी रणवीर कैलाश के हाथ पर अपना हाथ रखते हुए बोले,"मैं रणवीर राणा आप सभी के सामने कैलाश से यह वादा करता है कि आज जो मैं इसकी बेटी के साथ कर रहा हूं उसके बदले मैं इसकी बेटी को अपने घर की बहू बनाऊंगा! यह वादा है मेरा कैलाश से, यह रणवीर राणा की जुवान है। जो मरकर भी पूरी होगी।।





बस उसी दिन यह वादा किया गया था। और आज इसलिए इनारा जो इस घर के नौकर की बेटी हुआ करती थी। उसकी शादी इस घर के मालिक के पोते से हो रही थी। इस शादी से काफी लोग खुश थे। और काफी नहीं, क्योंकि इनारा उनकी पसंद नहीं थी।



इधर दूसरी तरफ,

कैलाश कामों में लगा हुआ था। वह एक एक काम बारीकी से देख रहा था। आखिर आज उसकी बेटी की शादी थी। जिसमें वह कोई कमी नहीं रखना चाहता था। भले ही उसकी औकात इतनी नहीं थी , की वह इन लोगों की बराबरी कर सके। लेकिन तब भी वह अपनी पूरी कोशिश कर रहा था। यह शादी मेंशन से इसलिए हो रही थी। क्योंकि रणवीर राणा सबको यह दिखाना चाह रहे थे कि उन्होंने अपनी जुवान को पूरा किया है। अपने बरसों पुराने किए वादे के खातिर वह अपने पोते की शादी एक नौकर की बेटी से करा रहे हैं।



और दूसरी बात यह भी थी कि कैलाश इनारा की ऐसी शादी कभी करा नहीं पाता।



कुछ ही देर में सभी तैयारियां हो गई। तभी पंडित जी ने मंडप मे दूल्हे को बुलाया। यह देखकर अनय के कुछ दोस्त उसे बुलाने उसके कमरे में गए।



लेकिन कुछ ही वक्त मे वह लोग परेशान होकर वापस लौट आए। उनके परेशान चेहरे को देख रणवीर राणा सख्त आवाज में बोले,"क्या हुआ? तुम अनय को नहीं लाये? अनय कहां है?



"अनय कमरे में नहीं है। उनमें से एक शख्स ने कहा।

यह सुनकर इनारा जो मंडप की तरफ आ रही थी। इनारा को कई लड़कियों ने घेर रखा था। दो लड़कियां उसके लहंगे को पकड़े मंडप की तरफ उसे ला रही थी। अनय कमरे में नहीं है यह सुनकर इनारा के कदम लड़खड़ा गए।



तभी चारों तरफ हड़कंप मच गया। जो लोग कुछ देर पहले रणवीर राणा की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। कि वह अपना बरसों पहले किया वादा पूरा कर रहे हैं, जबकि आजकल तो लोग कल के किये वादे ही भूल जाते हैं। अब वही लोग उन पर हंस रहे थे। उनका मजाक उड़ा रहे थे।





तभी कुछ लोगों की आवाज रणवीर राणा के कानों में गई।



"हूंह! यह होती हैं बड़े लोगों की सोच, कुछ देर पहले तो अपनी तारीफें करते नहीं थक रहे थे, अब देखो क्या कांड किया। पोता ही गायब कर दिया मंडप से जानबूझकर। अब कुछ बहाना बनाएंगे, और बात को टाल देंगे। इनका क्या जाएगा यह तो बड़े हैं जिंदगी तो उस लड़की की बर्बाद हो जायेगी।



"इन बड़े लोगों का यही होता है। किसी भी मासूम की जिंदगी बर्बाद हो। इन्हें क्या फर्क पड़ता है? पहले तो इतना ड्रामा किया, दूसरों के सामने महान बने। अब देखो खुद का पोता ही मंडप से गायब कर दिया।



ऐसे ही सभी बातें बनाते हुए कह रहे थे। उनकी बातें रणवीर राणा से बर्दाश्त नहीं हुई। उनके लिए सबसे ज्यादा जरूरी उनकी इज्जत थी, उनका रुतबा था।



तभी रणवीर राणा गुस्से से सोफे से उठे, और वहां से कमरे की तरफ निकल गए।

वही पूरा घर परेशान हो चुका था। रणवीर राणा के जाते ही उनका बेटा शशांक राणा भी उनके पीछे चल दिया।



घर की सारी औरतें भी घर के अंदर चली गई। अब सभी के चेहरे पर टेंशन थी, कि यह शादी कैसे होगी?

वही इनारा जो की मंडप की तरफ बढ़ रही थी। वह यह सब देख और लोगों की बातें सुन , धम्म की आवाज से जमीन पर गिर पड़ी। वह खामोश थी लेकिन उसकी आंखों में धीमे-धीमे नमी आ रही थी। उसे पहले से यह शादी नहीं करनी थी। यह शादी उसके लिए जबरदस्ती का सौदा थी। और यह सौदा उसकी जिंदगी को खराब कर गया।



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आखिर कहां गया अनय? क्या सच में रणवीर राणा ने अनय को जानबूझकर घर से गायब करवा दिया? क्या अब यह शादी नहीं होगी? जानने के लिए पढ़ते रहिए।



















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