"क्या होगा जब एक क्रूर माफिया का खौफनाक बदला, एक बेगुनाह और मासूम लड़की की अनजानी किस्मत से टकराएगा?" रूस के अंडरवर्ल्ड का बेताज बादशाह और दुनिया का सबसे खूंखार बिज़नेस टाइकून, आधिराज रघुवंशी, सालों बाद भारत लौट रहा है। उसके इस सफर का सिर्फ एक ही मकसद है— अपने माता-पिता की दर्दनाक मौत का बदला। उसके हाथ लगे हर सुबूत, हर सुराग और हर डिजिटल फुटप्रिंट सिर्फ एक ही चेहरे की तरफ इशारा करते हैं... इनायत। इनायत, जो दुनिया की चालाकियों और फरेब से बिल्कुल अनजान, एक बेहद खूबसूरत, खामोश और सादी लड़की है। उसे खुद नहीं पता कि उसकी पीठ पीछे उसकी ज़िंदगी का सौदा कर दिया गया है। आधिराज बिना कोई मौका दिए इनायत को अपनी खौफनाक दुनिया में खींच लेता है। उसे सबसे भयानक सजा देने के लिए वह उसे अगवा कर लेता है और एक बेरहम, जबरन शादी के बंधन में बांधकर अपनी हवेली में कैद कर देता है। अब इनायत आधिराज की मोहताज है, जहाँ हर दिन उसे उस गुनाह के ताने और ज़ुल्म सहने पड़ते हैं, जो उसने कभी किया ही नहीं। लेकिन जैसे-जैसे आधिराज इनायत की ज़िंदगी को जहन्नुम बनाने की कोशिश करता है, यह खेल उलटा पड़ने लगता है। इनायत की निश्छल मासूमियत, उसकी आँखों की बेबसी और उसकी रूहानी खामोशी आधिराज के पत्थर दिल में दरारें डालने लगती है। हवेली में आधिराज के छोटे भाई वेदांत और उसके दादा-दादी (हर्षवर्धन और कादंबरी देवी) के संपर्क में आकर, इनायत अपनी सेवा और अच्छाई से सबका दिल जीतने लगती है। आधिराज बुरी तरह उलझन में घिर जाता है— वह इनायत की जान लेना चाहता है, लेकिन उसके प्रति एक ऐसा गहरा, डार्क और जुनूनी आकर्षण (Obsession) महसूस करता है कि वह उसे खरोंच तक लगने पर पागल हो उठता है। इस डार्क रोमांस के बीच कहानी में एक खौफनाक थ्रिलर मोड़ तब आता है, जब तेज-तर्रार वेदांत को सबूतों में झोल नजर आता है। दोनों भाई जब तहकीकात करते हैं, तो एक ऐसा सच सामने आता है जो ज़मीन खिसका देने वाला है। इनायत के माता-पिता (राघवेंद्र और पल्लवी) असल में उसके सगे माँ-बाप हैं ही नहीं! असली मास्टरमाइंड इनायत की मुँहबोली बहन लावण्या है। लावण्या एक साइकोपैथ है, जिसने अपने एक पुराने विवाद के चलते आधिराज के माता-पिता की हत्या की थी, और खुद को बचाने के लिए बड़ी चालाकी से सारे सुबूत इनायत के नाम कर दिए थे ताकि वह 'बलि का बकरा' बन जाए। जब आधिराज के सामने झूठ का यह पर्दा गिरता है, तो उसके अंदर का शैतान अपने सबसे भयंकर रूप में जाग उठता है। उसे अहसास होता है कि उसने अपने ही हाथों अपनी उस मासूम इनायत को कितनी गहरी चोट पहुँचाई है, जो सिर्फ उसके प्यार के लायक थी। अब शुरुआत होती है लावण्या और उसके नकली माता-पिता के लिए मौत के तांडव की। क्या आधिराज का यह खौफनाक रूप लावण्या के बिछाए जाल को उसी का कफन बना पाएगा? और सबसे बड़ा सवाल— क्या इनायत उस इंसान को कभी माफ कर पाएगी, जिसने बदले की आग में अंधी होकर उसकी ज़िंदगी तबाह कर दी थी? यह कहानी है भयानक धोखे, बेइंतहा नफरत, और उस डार्क, जुनूनी इश्क़ की, जो खून से सना होकर भी रूह में उतर जाता है।
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Chapter 1
Bound by lies - Chapter 1 -
Chapter 2
सोने का पिंजरा और खौफनाक साया - Chapter 2 -
Chapter 3
सगाई की रात और शैतान का खौफनाक साया - Chapter 3 -
Chapter 4
"अब तुम आज़ाद नहीं हो, इनायत," - Chapter 4 -
Chapter 5
(The Reign of Terror and the Bloody Night) - Chapter 5 -
Chapter 6
उसूलों की दीवार और डिजिटल चक्रव्यूह - Chapter 6 -
Chapter 7
मौत की दस्तक और शैतान की ढाल - Chapter 7 -
Chapter 8
काम है तो बको, वरना दरवाज़ा पीछे है।- Chapter 8 -
Chapter 9
राघवेंद्र ने तुम्हें किस अनाथालय से गोद लिया था? - Chapter 9 -
Chapter 10
आज हमारी खास मेहमान लावण्या खाएगी - Chapter 10 -
Chapter 11
तुम्हारा दिमाग घुटनों में है क्या, इनायत? - Chapter 11 -
Chapter 12
मैंने कहा था अपनी ये आशिकों वाली लाइनें अपने पास रखो। - Chapter 12 -
Chapter 13
ये लड़की पागल हो चुकी है! - Chapter 13 -
Chapter 14
सब कुछ जला दो! ये बचनी नहीं चाहिए! - Chapter 14 -
Chapter 15
- Chapter 15 -
Chapter 16
Chapter 16 -
Chapter 17
Bound by his lies - Chapter 17 -
Chapter 18
Bound by his lies - Chapter 18 -
Chapter 19
Bound by his lies - Chapter 19 -
Chapter 20
Bound by his lies - Chapter 20 -
Chapter 21
Bound by his lies - Chapter 21 -
Chapter 22
Bound by his lies - Chapter 22 -
Chapter 23
Bound by his lies - Chapter 23 -
Chapter 24
Bound by his lies - Chapter 24 -
Chapter 25
Bound by his lies - Chapter 25 -
Chapter 26
Bound by his lies - Chapter 26 -
Chapter 27
Bound by his lies - Chapter 27 -
Chapter 28
Bound by his lies - Chapter 28 -
Chapter 29
Bound by his lies - Chapter 29 -
Chapter 30
Bound by his lies - Chapter 30 -
Chapter 31
Bound by his lies - Chapter 31 -
Chapter 32
Bound by his lies - Chapter 32 -
Chapter 33
Bound by his lies - Chapter 33 -
Chapter 34
Bound by his lies - Chapter 34 -
Chapter 35
Bound by his lies - Chapter 35 -
Chapter 36
Bound by his lies - Chapter 36 -
Chapter 37
Bound by his lies - Chapter 37 -
Chapter 38
Bound by his lies - Chapter 38 -
Chapter 39
Bound by his lies - Chapter 39 -
Chapter 40
Bound by his lies - Chapter 40