आचार्य चतुरसेन शास्त्री का 1953 में प्रकाशित सामाजिक हिंदी उपन्यास। परिवार, विवाह, स्वतंत्रता और उत्तरदायित्व के तनावों को माया, हरप्रसाद, विमला और कृष्णगोपाल के जीवन से देखती यह मूल रचना भारत में public domain में है। पाठ 170-पृष्ठीय Digital Library of India scan से अध्याय-दर-अध्याय सत्यापित किया गया है।
Hindi
Romance
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Chapter 1
भूमिका -
Chapter 2
अध्याय 1 -
Chapter 3
अध्याय 2 -
Chapter 4
अध्याय 3 -
Chapter 5
अध्याय 4 -
Chapter 6
अध्याय 5 -
Chapter 7
अध्याय 6 -
Chapter 8
अध्याय 7 -
Chapter 9
अध्याय 8 -
Chapter 10
अध्याय 9 -
Chapter 11
अध्याय 10 -
Chapter 12
अध्याय 11 -
Chapter 13
अध्याय 12 -
Chapter 14
अध्याय 13 -
Chapter 15
अध्याय 14 -
Chapter 16
अध्याय 15 -
Chapter 17
अध्याय 16 -
Chapter 18
अध्याय 17 -
Chapter 19
अध्याय 18 -
Chapter 20
अध्याय 19 -
Chapter 21
अध्याय 20