मन्नत वेदी की शादी समर राठौड़ से होने वाली थी… लेकिन मंडप में पहुंचकर समर ने शादी से इंकार कर दिया। वजह थी उसका किसी और से प्यार। एक तरफ़ मन्नत की ज़िंदगी बिखर रही थी, तो दूसरी तरफ़ राठौड़ खानदान की इज़्ज़त दांव पर लग चुकी थी। लेकिन इस कहानी में सिर्फ़ मन्नत ही मजबूर नहीं थी…खानदान के बड़े बेटे प्रखर राठौड़ को भी शादी के लिए मजबूर कर दिया गया। वो इंसान, जो खुद शादी नहीं करना चाहता था, उसी के सामने अचानक मन्नत का हाथ थामने का सवाल खड़ा था। एक लड़की, जिसकी शादी मंडप में टूट गई…एक लड़का, जो शादी नहीं करना चाहता था…और फिर एक ऐसा रिश्ता, जिसे दोनों ने अपनी मर्ज़ी से नहीं चुना था। लेकिन क्या ये मजबूरी आगे चलकर किसी ऐसे रिश्ते में बदलने वाली थी, जिसकी उम्मीद दोनों में से किसी ने नहीं की थी? जानने के लिए पढ़ते रहिए… दिलकश बग़ावत। ओन्ली ऑन स्टोरी मानिया।
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Chapter 1
शादी के बाद की पहली रात -
Chapter 2
प्रखर की नजरें ठहरीं मन्नत के भीगे **** पर -
Chapter 3
“हमारे बीच कभी पति-पत्नी जैसा कुछ नहीं होगा” -
Chapter 4
काश, इतनी जल्दी रोमांस में भी दिखातीं” -
Chapter 5
"भैया की फेवरेट खीर" -
Chapter 6
“हमारे प्रखर भैया अंदर से उतने ही पैशनेट हैं” -
Chapter 7
“एक नज़र, सारे उसूल ख़त्म” -
Chapter 8
"कबाब में हड्डी” -
Chapter 9
"प्रखर राठौड़ और उनकी वाइफ साथ में मेड फॉर ईच अदर लग रहे हैं।" -
Chapter 10
"जीजू तो पक्का घायल हो गए होंगे" -
Chapter 11
“एक बेहद हॉट और रोमांटिक डांस" -
Chapter 12
"अपना बना ले पिया” -
Chapter 13
“एक पल की नज़दीकी" -
Chapter 14
पगफेरे का हक़ -
Chapter 15
"तू मेरी अमानत है" -
Chapter 16
"जीजू के दिल में तो आग लग चुकी है ना?” -
Chapter 17
"गुस्से में तुम और भी ज़्यादा हॉट लगती हो” -
Chapter 18
"आज फंक्शन में अच्छा गाया तुमने" -
Chapter 19
“थोड़ा सब्र तो रखिए, ससुराल आए हैं” -
Chapter 20
"हमारी शादी की एक रस्म अभी बाकी है…” ❤️