मेरे पतिदेव बहुत गंदे हैं - Chapter 2
तक्षक और आशी एक कार के अंदर थे आशी सिसक रही थी..
उसे रोता देख कर तक्षक को चिढ़ मच रही थी ...
उसने एकदम से ड्राइवर से कहा
" Stop the car right now!"
उसकी गुस्से भरी आवाज सुन आशी सहम उठी... ओर ड्राइवर भी बेचारा काफी डरा हुआ था उसने तुरंत कार रोक दी और अगले ही पल तक्षक ने एक फोर्स के साथ गाड़ी का दरवाजा खोला और नीचे उतर गया और दरवाजे को इतनी जोर से बंद किया कि आशी अपनी जगह बैठी बैठी चिहुंक उठी और अगले ही पल तक्षक चिल्लाते हुए बोला
" अब निकलो यहां से इस crying fairy को लेकर "
यह सब तक्षक बहुत ही गुस्से में बोल रहा था बेचारे ड्राइवर के तो पसीने छूट रहे थे उसने तुरंत ही हां में सर हिलाया और कार को speed से आगे बढ़ा दी आशि को तो कुछ समझ नहीं आया इतनी ही देर में हुआ क्या ?
क्या उसका पति उससे इसलिए नाराज हो गया कि वह रो रही है अब क्या इंसान रो भी नहीं सकता है अपने घर वालों से दूर जा रहा है रोना तो आएगा ना
वही तक्षक काफी गुस्से में लग रहा था उसने तुरंत किसी को फोन किया
आशी मुड़ते हुए तक्षक को देखने की कोशिश कर रही थी पर जल्द ही कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि तक्षक उसकी आंखों से ओझल हो गया
और उसका दिल जोरो से धड़कने लगा वह कैसे किसी अनजान के साथ जा रही है उसे पता नहीं था ना कि तक्षक के ड्राइवर उसके लिए कितने ज्यादा लॉयल हो सकते हैं और कितने नहीं
उसे तो डर लग रहा था वह किसी अब अजनबी के साथ एक कार में जा रही है
वही उसके जाते ही तक्षक ने एक गहरी सांस लेकर कहा
" थैंक गॉड वह चली गई कितनि रोतलू है huu"
उसके कुछ देर बाद ही उसका ड्राइवर आया और तक्षक दूसरी कार में बैठ कर एक क्लब के लिए निकल गया क्योंकि उसका घर जाने का मन तो बिल्कुल नहीं था फिर उस रोटलू बीवी को देखने का तो बिल्कुल भी नहीं
वही आशी अब मुड़ते हुए कभी पीछे देख रही थी तो कभी डरते हुए उस ड्राइवर को कहीं वह उसका किडनैप ना कर ले
आशी बहुत ज्यादा सेल्फ ऑबसेस्ड लड़की थी उसे लगता था उससे सुंदर तो इस दुनिया में कोई है ही नहीं तो जरूरी है ड्राइवर उसको किडनैप करके ले जाएगा
इसलिए वह मुंह बनाते हुए अब तक्षक को कोस रही थी
" कोई इतनी सुंदर लड़की को ऐसे अकेले छोड़ता है वह भी एक अजनबी के साथ मेरे पतिदेव बहुत गंदे हैं!! मैं उनसे कभी बात ही नहीं करूंगी कितने बुरे हैं "
फिर खुद ही बोली
नहीं-नहीं पति को तो देवता मानते हैं ना तो मुझे उनसे बात करनी पड़ेगी क्या भगवान जी आप क्यों ना इंसाफी कर रहे हो मुझ जैसी मासूम लड़की के साथ मैं कभी माफ नहीं करूंगी आपको भी और अपने उसे खडूस पतिदेव को भी ...
कुछ ही देर बाद गाड़ी रायजादा हाउस के सामने जाकर रुक गई
आशी ने आज से पहले ये घर नहीं देखा था पर डेकोरेशन देख कर अंदाजा लगाया जा सकता था कि ये शादी वाला ही घर है तो आशी ने गहरी सांस ली चलो इस अनजान आदमी ने उसे किडनैप तो नहीं किया..
रायजादा हाउस मुंबई
आशी जैसे ही उतर कर आई उसने 4देखा पूरा इंट्रेंस बहुत ही खूबसूरत से सजाया हुआ है और एक red carpet बिछा है सामने...
जिसके दोनों तरफ आर्टिफिशियल पौधे और उन पर लाइटिंग डेकोरेशन.. आर्टिफिशियल जुगनू उड़ रहे थे
बिल्कुल किसी fairytale की डेकोरेशन लग रही थी..
आशी जो अब तक बुरी तरह परेशान ओर गुस्सा थी अब तक उसका गुस्सा छू मंत्र हो चुका था और वो एक लंबी मुस्कान लिए...
आगे बढ़ गई उसने जो हल्का सा घूंघट लिया था इस डेकोरेशन की एक्साइटमेंट मै वो भी उतर गया...
ओर उसका खूबसूरत चेहरा सबके सामने थे
Video बन रहा था, उसकी पिक्स ली जा रही थी जो सब कुछ तक्षक के भाई हर्ष ने प्लान किया था अपनी कजन sister सिया के साथ मिल कर
वही उसे अकेला गाड़ी से उतरते देखकर सब घरवाली परेशान हो गए आखिर तक्षक कहां गया
महिमा जी और सिया तेज कदमों से चलकर आशी के पासआए
" बच्चे तक्षक कहां गया? " महिमा जी ने परेशानी भरी आवाज में आशी से पूछा
to be continued thank you so much for reading this novel
koi rating bhi de do jo padh raha hai 😒😒...